Nathu la Tour : सिक्किम घूमने जाएं तो जरूर घूमें नाथु ला, नहीं तो आपका ट्रिप रह जाएगा अधूरा

नई दिल्ली. नाथू ला ( Nathu la ) हिमालय का एक पहाड़ी दर्रा है जो भारत के सिक्किम राज्य और दक्षिण तिब्बत में चुम्बी घाटी को जोड़ता है। यह 14 हजार 200 फीट की ऊंचाई पर है। सिक्किम आए घूमने पर्यटकों के लिए पसंदीदा हॉटस्पॉट में से एक है। हर साल कई पर्यटक गंगटोक से नाथू ला ( Nathu la ) तक सड़क के किनारे पर बने प्राकृतिक झरनों की आवाज और ट्रेक का आनंद लेने आते हैं। यहां से हल्के नीले आकाश और लंबी घुमावदार सड़कों के नीचे बर्फ से ढके पहाड़ों के सुदंर दृश्य दिखाई देता है। नाथू ला ( Nathu la ) के बारे में हम आज आपको बताएंगे कुछ बातें जिसे पढ़कर आप जैसे ही कोरोना काल खत्म होगा आप घूमने के लिए निकल जाएंगे।

नाथू ‘और’ ला का अर्थ ( Meaning of Nathu and La )

नाथू ‘और’ ला ‘दो तिब्बती शब्द हैं जिनका अर्थ है’ सुनने वाले कान और दर्रा ‘। यह दुनिया की सबसे ऊंची सड़कों में से एक है, जो सुंदरता और ताज़ी पहाड़ी हवा से समृद्ध है। नाथूला में हमेशा ठंड पड़ती है गर्मी के मैसम में ठंड का मजा लेने सैलानी यहां आते हैं। इस पहाड़ी दर्रे के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि यह चीन और भारत के बीच तीन व्यापारिक सीमा चौकियों में से एक है, अन्य दो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हैं।

पर्यटकों के लिए देखने वाली जगह ( Nathu La is a Major Tourist Attraction )

भारत और चीन की अंतरराष्ट्रीय सीमा यहां से देखने को मिलेगा, यह विशाल फाटक, कांटेदार तारों और उनके पीछे सैन्य बंकरों से सील होंगे। भारतीय पर्यटक युद्ध में सैनिकों के प्रयासों को सलाम करने के लिए वाटरशेड वार मेमोरियल का दौरा कर सकते हैं। इसके पास एक आर्मी एक्जीबिशन सेंटर और कैंटीन भी है। और नाथुला दर्रे से लगभग 16 किमी लंबी घुमावदार सड़क सुंदर त्सोमगो झील की ओर जाती है एक हिमाच्छादित झील जो ऊंची पर्वत चोटियों और फूलों वाली घास के मैदानों से घिरी हुई है, जो देखने में बहुत सुदंर लगती है।

नाथुला में याक की सवारी पर्यटकों के लिए सबसे लोकप्रिय आकर्षण केंद्र है । यहां आने वाले टूरिस्ट इससे हमेशा याद रखते है। पर्यटक  4 किमी रमणीय ट्रेक का आनंद लेते हुए मेनमेचो झील का आनंद लें सकते हैं। बाबा हरभजन सिंह की याद में एक मंदिर है, जो भारतीय सेना का जवान था। मंदिर में एक आकर्षक इतिहास जुड़ा हुआ है और यह सिक्किम में एक लोकप्रिय दर्शनीय स्थल है। यह पहाड़ी बाबा हरभजन सिंह मंदिर के पास स्थित है, जिस पर “मेरा भारत महान” शब्द लिखा हुआ है। आप यहां एक विशाल देशभक्ति की भीड़ में आएंगे।

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नाथू ला घूमने से पहले करने होगा यह काम ( Things to do before you visit Nathu La )

नाथुला दर्रे पर केवल उन भारतीय नागरिकों द्वारा ही जाया जा सकता है जो वैध परमिट रखते हैं। भारतीय नागरिक पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग को परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। सिक्किम जाते समय आप अपनी ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। पास परमिट की लागत 200 प्रति व्यक्ति है। इसके साथ ही 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को परमिट की आवश्यकता नहीं है।

इस समय में जाए नाथू ला ( Best Time to Visit Nathu la )

गर्मी के महीने मई से अक्टूबर के के बीच यहां आने के लिए सबसे अच्छा माना जाता हैं क्योंकि इस समय यहां का मौसम बहुत ही सुहावना होता है। टोसोमगो झील और साहसी पहाड़ो का दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। नाथुला दर्रा केवल भारतीय नागरिकों के लिए बुधवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को खुला रहता है। नथुला सर्दियों के दौरान बर्फ के नीचे ढका रहता है और तापमान -25 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। जुलाई और सितंबर के बीच यहां मानसून का मौसम होता है इसलिए इस समय यहां जाने से बचे क्योंकि भारी बारिश से आपको बहुत असुविधा हो सकती है।

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कैसे पहुंचे नाथू ला पास ( How to visit Nathu La Pass )

सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 54 Km की दूरी पर नाथुला पास स्थित है। यहां पर आप केवल चार पहिए वाहन से ही पहुंच सकते हैं। बुद्धिस्ट और हिन्दू तीर्थयात्रियों के लिए प्राचीन तीर्थ स्थल है। नाथुला पास के लिए परमिट जरूरी, नाथुला पास जाने वाले भारतीय नागरिकों को परमिट की जरूरत पड़ती है। यह परमिट टूरिज्म और सिविल एविएशन डिपार्टमेंट से मिलता है।  सोमवार और मंगलवार को  यह बंद रहता है। रजिस्टर्ड ट्रेवेल एजेंट से बुकिंग कराए।

Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे