एक ही गूंज- ‘अरावली को बिकने नहीं देंगे’, 3 मार्च को प्रदर्शन

हरियाणा सरकार द्वारा PLPA में जो नाजायज़ बदलाव किये गए है जिसकी वजह से पूरी अरावली की वन भूमि का कोई भी हिस्सा संरक्षित भूमि में नही रहा. सरकार द्वारा यह कदम सिर्फ और सिर्फ अपने और बिल्डरों के निजी फायदों के लिए उठाया गया है. जिसके विरोध के लिए फरीदाबाद कई बड़ी संस्थाएं एकजुट होकर एक अरावली बचने के लिये एक शांतिपूर्ण मार्च का आयोजन 3 मार्च प्रातः 8:30 बजे delite गार्डन सूरजकुंड रोड से प्रारंभ करेंगी. सरकार ने इसके बाद भी अगर यह कदम वापस नहीं लिया तो इस आंदोलन को बड़े स्तर पर किया जायेगा जब तक सरकार अपना कदम वापस न ले ले.

इससे पहले बीते रविवार को हरियाणा सरकार द्वारा plpa (हरियाणा का एक मात्र कानून जो जंगल को बचाता है) में बदलाव किए जाने के विरोध में सेव अरावली संस्था द्वारा गुड़गांव में पैदल मार्च किया गया और मानव श्रृंखला बनाई गई जिसमे संस्था के साथ-साथ गुड़गांव की I m gurgaon और let’s plant gurgaon और mera pyara gurgaon ने भी मार्च किया. इस मार्च में लगभग 500 लोगों ने हिस्सा लिया.

सेव अरावली के प्रवक्ता संजय राव ने बताया कि हरियाणा सरकार विधानसभा में एक बिल पास कर रही है. अगर वो बिल पास होता है तो सारा अरावली क्षेत्र बिल्डर्स और व्यावसायिक गतिविधि करने वाले लोगों के लिए खुला मैदान बन जाएगा.

हरियाणा में केवल 3.59% जंगल है जो कि राष्टीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कम से कम 20% होना चाहिये. हरियाणा सरकार द्वारा PLPA में बदलाव करने के कारण ये क्षेत्र केवल 1% रह जायेगा जो कि फरीदाबाद गुड़गांव सहित delhi एनसीआर के लिए बेहद खतरनाक होगा और पूरे eco systm के लिए खतरनाक होगा.

सेव अरावली संस्था की मांग है कि सरकार अपने लोगों का फायदा करवाने के लिए आम जनता की सांसों के साथ खिलवाड़ न करे. सारी दुनिया जंगल क्षेत्र को बढ़ाने में जुटी है और केवल हरियाणा सरकार है जो इस वन क्षेत्र को कम करने में लगी हुई है. अगर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में इस इस तरह के मार्च हर सप्ताह किये जाएंगे.

News Reporter

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