River Rafting के दीवाने हैं तो ये सबकुछ आप ही के लिए है?

बाकि एडवेंचर्स स्पोर्ट्स की तरह भारत में युवाओं के बीच में राफ्टिंग (River Rafting) खासा लोकप्रिय है। रोमांच से भरपूर कुछ खेलों में से एक राफ्टिंग भी है। इसे पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। कोई इसे वॉटर राफ्टिंग कहता है तो कोई रिवर राफ्टिंग तो कोई इसे व्हाइट वॉटर राफ्टिंग के नाम से भी जानता है। राफ्टिंग यानी की बोटनुमा राफ्ट की सहायता से खासकर पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाली नदियों के तेज रफ्तार से बहते हुए पानी में खेलना है। गुब्बारे जैसी खास किस्म की ये राफ्ट आपको नदी के पानी के साथ एक दिशा से दूसरी दिशा की तरफ ले जाती है और आप पानी की लहरों को एन्जॉय करते हुए आगे बढ़ते जाते हैं।

देशभर में राफ्टिंग के अनेक रूट हैं जिनमें से अधिकांश उत्तरी भारत में ही हैं। खासकर गंगा में राफ्टिंग खासी लोकप्रिय है जिसमें तीन प्रमुख रूट हैं। उत्तरांचल के गढ़वाल मंडल के इन रूट को कोडियाला-मरिन ड्राइव, मरिन ड्राइव-शिवपुरी और शिवपुरी-ऋषिकेश का नाम दिया गया है जो की 12, 12 और 15 किलोमीटर लम्बे हैं। रिवर राफ्टिंग के लिए आप उतराखंड के अलकनंदा, भागीरथी, ऋषिकेश के पास गंगा नदी, जम्मू कश्मीर की सिंधु और जस्कार नदी, सिक्किम में तीस्ता नदी, अरुणाचल प्रदेश की ब्रह्मपुत्र नदी और सुबनसारी नदी और हिमाचल प्रदेश की व्यास नदी जैसी रोमांचक जगहों पर जा सकते हैं।

राफ्टिंग जितना मजेदार है, उतना ही वो खतरनाक भी है, ये एक साहसिक खेल है, इसे हर कोई नहीं कर सकता है। राफ्टिंग के लिए आपके कंधों और बांहों में ताकत होनी जरूरी है। राफ्टिंग बैठ कर की जाती है इसलिए आपके शरीर का शेप में होना काफी ज्यादा जरूरी है। वहीं अगर आप गर्मियों में राफ्टिंग करते है तो आप वेटसूट, लाइफ जैकेट, नायलॉन शॉर्ट्स, टेनिस शूज या सैंडल्स और एक हैट जरुर रखें। इसके अलावा ऑटम या स्प्रिंग में राफ्टिंग करते वक्त आपको एक्सट्रा कपड़े पहनने पड़ सकते हैं। जो कि आपको सर्दी से भी बचाएंगे। अपने साथ हमेशा राफ्टिंग करते वक्त ड्राई बैग्स रखें जिसमें आप अपनी पर्सनल चीजें रख सकते हैं। हालांकि राफ्टिंग के दौरान वॉलेट, कार की चाबियां, मोबाइल फोन वगैरह साथ में नहीं ले जाने की सलाह दी जाती है। वहीं अगर आप किसी तरह की दवाइयां लेते हैं तो इन्हें साथ में जरूर रखें। इस बात को न भूलें कि इस आउटडोर एक्टिविटी में रिस्क भी काफी ज्यादा जुड़ा होता है तो अपने साथ गाइड जरूर रखें और उसके अनुभव की जांच करें। वहीं आप पहले ही अपना फुल मेडिकल चेक अप करवा लें।

कब जाएं राफ्टिंग के लिए

आपको बता दें कि राफ्टिंग के लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा होता है। इस कारण उत्तराखंड का गढ़वाल मंडल विकास निगम अक्तूबर से मार्च के लिए विशेष पैकेज भी तैयार करता है जिसका आप लाभ उठा सकते हैं। इसकी प्लानिंग और रहने की बुकिंग आप अभी से करवा सकते हैं।

क्या क्या कदम उठाएं

  • एक लाइसेंसड और प्रोफेशनल राफ्टिंग इंस्ट्रक्टर को साथ में लेकर जाए। उसे पहले ही परख ले। एक प्रोफेशनल के साथ ही जाएं क्योंकि वो किसी भी तरह की समस्या से उस वक्त निपटने में कुशल होगा।
  • राफ्टिंग में जाने से पहले लाइफ जैकेट जरूर डालें, हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि ये आपकी जान बचा ही लेगा, लेकिन अगर आफ इसे सही तरीके से पहनते हैं तो आपकी जान बचने की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ जाती है। हर तरह के क्लिप को अच्छे से बंद करें और इस तरह से फिट करे कि आप अच्छे से सांस ले पा रहे हो।
  • हमेशा सुरक्षा का पूरा सामान पहन कर रखें, चाहे कुछ भी हो अपना हेल्मेट ना उतारे।
  • पैडल को अच्छे से पकड़े और उसको संभालने के लिए गाइड के निर्देशों का पालन करें। ये सुरक्षा का एक बहुत बड़ा मुद्दा होता है। आपका एक हाथ पैडल के बेस पर होना चाहिए, वहीं दूसरा हाथ टू ग्रिप के पास होना चाहिए। आपको इसके लिए अपने गाइड की सलाह को मानना चाहिए।
  • कभी भी पैनिक ना होएं, इससे कुछ नहीं होगा अगर आप किसी भी मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं तो बी पैनिक ना होएं, क्योंकि ये सब होता है और गाइड के पास इन सब चीजों का समाधान होता है।
News Reporter
एक लेखक, पत्रकार, वक्ता, कलाकार, जो चाहे बुला लें।

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