Interesting Travel Facts

Dwarka Se Somnath Jyotirlinga Kaise Jayen : द्वारका से सोमनाथ कैसे जाएं ?

Dwarka se Somnath Jyotirlinga Kaise Jayen : भारत के पश्चिमी तट पर स्थित द्वारका और सोमनाथ दो अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। एक ओर जहां द्वारका भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा पावन तीर्थ है, वहीं सोमनाथ भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यदि आप इन दोनों स्थलों की यात्रा का प्लान कर रहे हैं और सोच रहे हैं कि द्वारका से सोमनाथ कैसे जाएं, तो यह ऑर्किटल आपके लिए संपूर्ण मार्गदर्शक है। इसमें यात्रा के विभिन्न ऑप्शन, दूरी, समय, खर्च, दर्शनीय स्थल, ठहरने की सुविधा और यात्रा के दौरान ध्यान रखने वाली बातों की जानकारी दी गई है।

 द्वारका से सोमनाथ की दूरी || The distance from Dwarka to Somnath

  • सड़क मार्ग से दूरी लगभग 230 से 240 किलोमीटर है।
  • यात्रा का समय सड़क मार्ग से लगभग 5 से 6 घंटे का हो सकता है, यह यातायात और मार्ग पर निर्भर करता है।
  • ट्रेन से यात्रा की दूरी लगभग 250 से 270 किलोमीटर है, और इसमें समय लगभग 6 से 8 घंटे लग सकता है।
  • हवाई मार्ग से सीधे कनेक्शन नहीं है, लेकिन नजदीकी बड़े एयरपोर्ट जामनगर या राजकोट हैं, जहां से सड़क या ट्रेन द्वारा यात्रा की जा सकती है।

 यात्रा के मुख्य ऑप्शन|| Main options for travel

 सड़क मार्ग (कार, टैक्सी, बस)

द्वारका से सोमनाथ सड़क द्वारा जाना सबसे लोकप्रिय और सुविधाजनक ऑपशन है। आप निम्नलिखित तरीकों से यात्रा कर सकते हैं:

(क) प्राइवेट टैक्सी / कार द्वारा यात्रा

  • यदि आप परिवार या दोस्तों के साथ जा रहे हैं तो टैक्सी या किराए की कार सबसे आरामदायक विकल्प है।
  • यात्रा समय: लगभग 5 से 6 घंटे।
  • रास्ते में आप पोरबंदर, वेरावल और अन्य तटीय क्षेत्रों के सुंदर दृश्य देख सकते हैं।
  • किराया: लगभग ₹3500 से ₹7000 तक (वाहन, डीजल/पेट्रोल और मार्ग पर निर्भर)।

(ख) बस द्वारा यात्रा

  • गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (GSRTC) की नियमित बसें द्वारका से सोमनाथ के लिए चलती हैं।
  • यात्रा समय: 6 से 7 घंटे।
  • किराया: ₹300 से ₹700 तक (सामान्य या वोल्वो बस के आधार पर)।
  • यह विकल्प बजट यात्रियों के लिए उपयुक्त है।

(ग) स्वयं गाड़ी चलाकर यात्रा

  • यदि आप रोड ट्रिप पसंद करते हैं तो स्वयं गाड़ी चलाकर यात्रा कर सकते हैं।
  • रास्ते में समुद्री किनारे, मंदिर, गाँव और स्थानीय संस्कृति देखने का मौका मिलेगा।
  • हाईवे पर पर्याप्त ढाबे और पेट्रोल पंप उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग

द्वारका और सोमनाथ के बीच रेल यात्रा भी एक अच्छा विकल्प है। हालांकि दोनों शहरों के बीच सीधा ट्रेन संपर्क सीमित है, परंतु निम्नलिखित मार्ग अपनाए जा सकते हैं:

(क) द्वारका – वेरावल (सोमनाथ का नजदीकी स्टेशन)

  • वेरावल सोमनाथ से लगभग 7 से 8 किलोमीटर दूर है।
  • द्वारका से ट्रेन द्वारा वेरावल पहुंच सकते हैं, बीच में राजकोट या जूनागढ़ जैसे जंक्शन पड़ सकते हैं।
  • ट्रेन का समय: 6 से 8 घंटे।
  • किराया: ₹150 से ₹500 (क्लास और सुविधा पर निर्भर)।

(ख) वेरावल से सोमनाथ

  • वेरावल स्टेशन से ऑटो, टैक्सी या स्थानीय बस द्वारा 20–30 मिनट में सोमनाथ पहुंच सकते हैं।
  • किराया: ₹50 से ₹300।

ट्रेन से यात्रा का अनुभव आरामदायक होता है और रास्ते में ग्रामीण इलाकों का दृश्य देखने को मिलता है। विशेष रूप से धार्मिक यात्रियों के लिए ट्रेन से यात्रा सुविधाजनक और किफायती है।

हवाई मार्ग

द्वारका और सोमनाथ में एयरपोर्ट नहीं है। लेकिन निकटतम एयरपोर्ट निम्नलिखित हैं:

  • जामनगर एयरपोर्ट – लगभग 130 किलोमीटर।
  • राजकोट एयरपोर्ट – लगभग 230 किलोमीटर।

आप पहले हवाई यात्रा से जामनगर या राजकोट पहुंच सकते हैं और फिर सड़क या रेल मार्ग से सोमनाथ जाएँ। जामनगर से सोमनाथ की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है और सड़क द्वारा यात्रा में 4 से 5 घंटे लगते हैं।

यात्रा के दौरान देखने लायक जगहें || Places to see during the journey

सड़क या रेल से यात्रा करते समय आप निम्नलिखित प्रमुख पर्यटन स्थलों को देख सकते हैं:

➤ द्वारका में प्रमुख स्थल:

  • द्वारकाधीश मंदिर – समुद्र किनारे स्थित प्राचीन मंदिर।
  • रुक्मिणी देवी मंदिर – भगवान कृष्ण की पत्नी से जुड़ा पवित्र स्थल।
  • गोमती घाट – स्नान और पूजा के लिए प्रसिद्ध।
  • बेट द्वारका – नाव द्वारा पहुँचा जाने वाला द्वीप।

रास्ते में:

  • पोरबंदर – महात्मा गांधी का जन्मस्थान।
  • चोरवाड़ बीच – समुद्री सुंदरता देखने का स्थान।
  • वेरावल तट – मछुआरों की संस्कृति और समुद्री गतिविधियाँ।

सोमनाथ में प्रमुख स्थल:

  • सोमनाथ मंदिर – 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला।
  • प्रभास पाटण – ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल।
  • बीच और सूर्यास्त – समुद्री लहरों का सुंदर दृश्य।
  • हरिगंगा घाट – स्नान और ध्यान के लिए प्रसिद्ध।

यात्रा का सबसे अच्छा समय

  • अक्टूबर से मार्च – सबसे उपयुक्त मौसम। न ज्यादा गर्मी, न ज्यादा बारिश।
  • श्रावण मास और महाशिवरात्रि – सोमनाथ में विशेष पूजा और धार्मिक आयोजन होते हैं।
  • कार्तिक पूर्णिमा – द्वारका में मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

गर्मी के मौसम (अप्रैल से जून) में यात्रा संभव है लेकिन दोपहर में बहुत गर्मी रहती है। मानसून (जुलाई से सितंबर) में समुद्र के किनारे यात्रा थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

यात्रा में खर्च का अनुमान

यात्रा का साधन समय अनुमानित खर्च (₹)
टैक्सी / निजी कार 5–6 घंटे 3500 – 7000
बस 6–7 घंटे 300 – 700
ट्रेन 6–8 घंटे 150 – 500
हवाई + सड़क 4–5 घंटे (सड़क भाग) 3000 – 8000

खर्च आपकी सुविधा, वाहन और समय के अनुसार बढ़ सकता है। साथ में भोजन, पूजा सामग्री, ठहरने और घूमने का अलग खर्च भी शामिल होगा।

ठहरने की सुविधाएं || Accommodation facilities

द्वारका में

  • धर्मशाला, होटल, गेस्ट हाउस, बीच रिसॉर्ट।
  • बजट से लेकर प्रीमियम तक के विकल्प।
  • धार्मिक यात्रियों के लिए साधारण आवास उपलब्ध।

सोमनाथ में

  • समुद्र किनारे होटल, लॉज, आश्रम।
  • अग्रिम बुकिंग करने पर अच्छा और सस्ता आवास मिल सकता है।
  • तीर्थ स्थल होने के कारण हर बजट के अनुसार विकल्प मौजूद हैं।

यात्रा के लिए जरूरी सुझाव || Important tips for travel

यात्रा से पहले होटल या धर्मशाला में बुकिंग कर लें।
गर्मियों में दोपहर के समय यात्रा न करें।
पूजा सामग्री, कपड़े, पानी और स्नैक्स साथ रखें।
समुद्र किनारे सावधानी बरतें।
ट्रेन और बस की टिकट पहले से बुक करें।
स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें और धार्मिक स्थलों में अनुशासन बनाए रखें।
इलेक्ट्रॉनिक भुगतान, ATM, मोबाइल नेटवर्क की जानकारी साथ रखें।
यदि स्वयं वाहन चलाकर जा रहे हैं तो रास्ते का नक्शा और फ्यूल पंप की जानकारी पहले से तैयार करें।

यात्रा की योजना – एक उदाहरण || Travel Plan – An Example

दिन 1:

  • सुबह द्वारका में दर्शन।
  • दोपहर तक यात्रा प्रारंभ।
  • रास्ते में पोरबंदर या चोरवाड़ में रुककर समुद्र किनारे विश्राम।
  • शाम तक सोमनाथ पहुंचना।

दिन 2:

  • सोमनाथ मंदिर, प्रभास पाटण, हरिगंगा घाट का दर्शन।
  • शाम समुद्र किनारे सूर्यास्त का आनंद।

दिन 3:

  • आसपास के स्थलों का भ्रमण, स्थानीय बाजार से पूजा सामग्री खरीदना।
  • वापस द्वारका या अन्य स्थल की यात्रा।द्वारका से सोमनाथ की यात्रा एक धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक अनुभव का बेहतरीन संगम है। सड़क, रेल और हवाई मार्ग के माध्यम से आसानी से यात्रा की जा सकती है। यदि आप आध्यात्मिक शांति, समुद्री दृश्य और भारतीय संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं तो यह यात्रा आपके लिए यादगार साबित होगी। सही योजना, उचित समय, और आवश्यक तैयारी के साथ आप आराम से यात्रा कर सकते हैं।

यह मार्गदर्शिका आपके यात्रा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है ताकि आप बिना किसी परेशानी के द्वारका से सोमनाथ की यात्रा कर सकें। अब आपकी बारी है – यात्रा की योजना बनाइए और भगवान के दरबार में आत्मा को शांति दीजिए।

Recent Posts

Basant Panchami 2026 : सरस्वती पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और महत्व

Basant Panchami 2026 : बसंत पंचमी 2026 कब है और इससे जुड़ी जानकारियां क्या क्या… Read More

22 hours ago

Jhansi City in Uttar Pradesh : झांसी शहर में कहां कहां घूमें? कितना होता है खर्च? पूरी जानकारी

Jhansi City in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित झांसी एक… Read More

2 days ago

Jain Temple Sonagiri Datia : मध्य प्रदेश के पवित्र जैन तीर्थ स्थल की सम्पूर्ण जानकारी

jain temple sonagiri datia मध्य प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक जैन तीर्थ क्षेत्र है. आइए… Read More

3 days ago

Shri Mahalakshmi Temple Jhansi : रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी आस्था की विरासत

Shri Mahalakshmi Temple Jhansi : झांसी के महालक्ष्मी मंदिर का क्या है इतिहास? जानें मंदिर… Read More

5 days ago

Rani Mahal Jhansi History Fact Tour Guide : वीरांगना लक्ष्मीबाई का शाही महल, जहां इतिहास आज भी सांस लेता है

Rani Mahal Jhansi History Fact Tour Guide : झांसी का रानी महल महारानी लक्ष्मीबाई के… Read More

7 days ago

Raja Gangadhar Rao ki Chatri, Jhansi: इतिहास, घूमने का सही समय और इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

Raja Gangadhar Rao ki Chatri : झांसी में स्थित गंगाधर राव की छत्री उनकी मृत्यु… Read More

1 week ago