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World’s Highest Rail Bridge: Chenab Bridge की अनसुनी कहानी, इंजीनियरों ने कश्मीर घाटी में कैसे रचा इतिहास ?

World’s Highest Rail Bridge: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (Chenab Rail Bridge) का उद्घाटन किया। यह पुल न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए इंजीनियरिंग का अद्वितीय उदाहरण है। कोंकण रेलवे की USBRL (Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link) परियोजना के तहत तैयार हुए इस ब्रिज ने कश्मीर को भारत के शेष हिस्से से रेल मार्ग से जोड़ दिया है।

कहां स्थित है चिनाब रेल ब्रिज|| Where is Chenab Rail Bridge located

चिनाब ब्रिज जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी के ऊपर स्थित है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link – USBRL) परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पुल के ज़रिए कटरा से श्रीनगर तक रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलती है।

Zero Infrastructure से शुरू हुआ था सफर || The journey started with Zero Infrastructure

Chenab Bridge की शुरुआत तब हुई जब इलाके में सड़कें भी नहीं थीं। USBRL प्रोजेक्ट के मुख्य इंजीनियर एल प्रकाश बताते हैं कि शुरुआती दौर में टीम को खच्चरों और पैदल यात्रा कर साइट तक पहुंचना पड़ता था। चट्टानों पर रात बितानी पड़ती थी ताकि मशीनरी को पुल साइट तक पहुंचाने के लिए सड़कों की संभावना तलाशी जा सके।

Natural Disasters और Geology बनीं सबसे बड़ी चुनौती || Natural disasters and geology became the biggest challenges

इस क्षेत्र में हर कदम पर भू-स्खलन (Landslide) और कठिन भूगर्भीय परिस्थितियां (Geological Challenges) सामने आती थीं। इंजीनियर्स को हर बार नई सुरंग की योजना बनानी पड़ती थी क्योंकि पुराने रास्ते नष्ट हो जाते थे। Chenab Valley seismic zone V में स्थित है, यानी यह उच्च भूकंपीय गतिविधियों वाला इलाका है।

Engineering Innovation: No Template, Only On-Site Solutions

Konkan Railway के CMD संतोष कुमार झा बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट में कोई standard template नहीं था। हर समाधान onsite innovation से निकाला गया। Hollow girders को नावों से ले जाकर साइट पर concrete से भरा गया ताकि वे भारी और मजबूत बन सकें।

Arch Bridge Design बना Project का Masterstroke

इस ब्रिज का arch structure इंटरलॉकिंग बीम्स और गर्डर्स से बना है जो 300 टन तक के रेलवे इंजन और 266 km/h तक की हवा की रफ्तार को सह सकता है। Suspension bridge design यहां कारगर नहीं होता।

Human Effort और Local Support से बनी Foundation

स्थानीय लोगों ने Survey teams को रस्सियों के सहारे चढ़ाई में मदद की, खाना बनाया और shelter दिया। एल प्रकाश बताते हैं कि कैसे मजदूर खुले प्लेटफॉर्म पर गर्डर्स से बंधे रहते थे, 12 घंटे तक काम करते थे और खाने तक साथ लाते थे।

MI-26 Helicopters और High-Tech Tools का उपयोग

प्रारंभिक चरणों में मशीनरी को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए भारतीय सेना के MI-26 हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया। इसके अलावा, CNC machines और Auto-controlled units का प्रयोग steel shaping के लिए किया गया।

Polyurethane Grout और Rock Bolting से बनी मजबूत नींव

Bridge की stability सुनिश्चित करने के लिए engineers ने Rock Bolts (30-40 meters long) और polyurethane grout का इस्तेमाल किया, जिससे floods और seepage से सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Legacy और Employment: तकनीक से बदलाव

इस परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार मिला और उन्होंने valuable skills सीखी। प्रोजेक्ट के खत्म होते-होते कई लोग Konkan Railway family का हिस्सा बन गए, जिन्हें अब दूसरी परियोजनाओं में तैनात किया जाएगा।

Final Thoughts: A True Symbol of Make in India

Chenab Rail Bridge न सिर्फ एक transport infrastructure है बल्कि ये Make in India और Atmanirbhar Bharat की सोच को साकार करता है। यह पुल भारत की इंजीनियरिंग ताकत, मानव संकल्प और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बन गया है।

चिनाब रेल ब्रिज की खास बातें

  • दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज: यह पुल नदी से 359 मीटर (1,178 फीट) की ऊंचाई पर बना है, जो एफिल टॉवर से भी ऊंचा है।
  • लंबाई: 1,315 मीटर लंबा यह ब्रिज स्टील आर्च तकनीक से बना है।
  • भूकंप और तेज हवा से सुरक्षा: इसे ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि यह भारी भूकंप और 266 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं को भी झेल सकता है।
  • इंडियन रेलवे का गौरव: यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है बल्कि भारत की तकनीकी शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है।

कब जाएं चिनाब रेल ब्रिज घूमने ||When to visit Chenab Rail Bridge

मार्च से अक्टूबर तक का समय सबसे अच्छा है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और पहाड़ों की हरियाली दिल को सुकून देती है। सर्दियों में बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।

क्या करें चिनाब ब्रिज के पास || What to do near Chenab Bridge?

  • Photography: ब्रिज और आसपास की घाटियों का नज़ारा कैमरे में कैद करने जैसा होता है।
  • Trekking & Hiking: एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नजदीकी पहाड़ियों में ट्रेकिंग का आनंद लिया जा सकता है।
  • Cutural Experience: जम्मू-कश्मीर की स्थानीय संस्कृति और खान-पान का अनुभव भी यात्रा को खास बनाता है।

कितनी है चिनाब ब्रिज की कुल लागत ||  Total Cost of Chenab Bridge

चिनाब ब्रिज के निर्माण में अब तक करीब 1,486 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह आंकड़ा Indian Railways और Konkan Railway Corporation Limited (KRCL) द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।

ब्रिज का निर्माण कार्य 2004 में शुरू हुआ था और कई भौगोलिक और मौसम संबंधी चुनौतियों का सामना करने के बाद इसे लगभग 2022-2023 के बीच पूरा किया गया। इसकी लागत इसलिए भी अधिक रही क्योंकि इसे दुर्गम पहाड़ियों और गहरी घाटियों के बीच बनाया गया है, और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रखा गया है।

कैसे पहुंचें चिनाब रेल ब्रिज || How to reach Chenab Rail Bridge?

हवाई मार्ग से (By Air):
निकटतम एयरपोर्ट जम्मू (Jammu Airport) है, जो देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। जम्मू एयरपोर्ट से रियासी की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है।

रेल मार्ग से (By Train):
कटरा रेलवे स्टेशन (Katra Railway Station) चिनाब ब्रिज के सबसे करीब है। कटरा से ब्रिज तक पहुँचने के लिए टैक्सी या लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सड़क मार्ग से (By Road):
जम्मू, कटरा या उधमपुर से चिनाब ब्रिज तक टैक्सी, बस या कार से सड़क मार्ग के जरिए पहुँचा जा सकता है। पहाड़ी रास्तों में सफर रोमांचक होने के साथ-साथ बेहद खूबसूरत भी होता है।

चिनाब रेल ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि भारत के इंजीनियरिंग कौशल और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है। अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ प्रकृति, रोमांच और तकनीकी कमाल—all in one—मिल जाए, तो Chenab Rail Bridge आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

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