गुजरात के पावागढ़ (Pavagadh) में बहती है विश्वामित्र नदी, जानें और क्या कुछ है

वडोदरा से लगभग 46 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पावागढ़ भारत के गुजरात राज्य का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। प्राकृतिक खजाने से भरा ये पर्वतीय गंतव्य अपने प्रसिद्ध महाकाली मंदिर के लिए जाना जाता है। ये मंदिर दूर-दराज के श्रद्धालुओं को अपनी तरफ आकर्षित करने का काम करता है। रोजाना यहां पर भारी संख्या में भक्त और पर्यटकों का आगमन होता है। इसके अलावा ये एक जनजातीय क्षेत्र भी है। यहां पर स्थित चंपानेर-पावगढ़ पुरातत्व पार्क साल 2004 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में घोषित किया जा चुका है। अपने प्राकृतिक आकर्षणों और ऐतिहासिक महत्व के बल पर ये शहर में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्थानों में गिना जाता है। अपने इस आर्टिकल में हम आपको पावागढ़ के कुछ खास दर्शनीय स्थलों के बारे में बताएंगे।

महाकाली मंदिर

पावागढ़ भ्रमण की शुरूआत आप यहां के सबसे बड़े आकर्षण महाकाली मंदिर के दर्शन से कर सकते है। पावगढ़ शहर अपने ऐतिहासक स्थलों के साथ-साथ धार्मिक महत्व के लिए भी काफी मशहूर है। अकेले इस मंदिर के दर्शन के लिए हर रोज भक्तों का अच्छा खास जमावड़ा लगा रहता है। ये मंदिर जमीनी स्तर से लगभग 550 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों को काटकर सीढ़ियां भी बनाई गई हैं ताकि श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से मां काली के दर्शन करने के लिए पहुंच सकें। इस मंदिर से आप आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद भी ले सकते हैं। आप यहां पर तलैया और दुधिया तालाब भी देख सकते हैं।

चंपानेर-पावगढ़ पुरातत्व पार्क

धार्मिक स्थलों की सैर के बाद आप पावगढ़ के प्रसिद्ध ऐतिहसिक स्थलों की सैर का भी मजा ले सकते हैं। चंपानेर-पावगढ़ पुरातत्व पार्क यहां के मुख्य आकर्षणों में गिना जाता है, जो कि यूनेस्कों द्वारा एक विश्व धरोहर स्थल है। इस स्थल को साल 2004 में यूनेस्कों द्वारा ये मान्यता दी गई थी। इस पूरी जगह का निर्माण गुजरात के सुल्तान महमूद बेगड़ा ने कराया था। आप यहां पर हिन्दू और मुस्लिम धर्म से जुड़े धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा आप यहां के प्राचीन किले, महल, भव्य प्रवेश द्वार, मकबरे आदि पुराने धरोहरों को भी देख सकते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए ये स्थल किसी जन्नत से कम नहीं है।

नवलखा कोठार

नवलखा कोठार पावागढ़ का प्राचीन पर्वतीय स्थल है जो कि अपने रोमांचक अनुभव के लिए साहसिक ट्रैवलर्स के बीच में काफी ज्यादा मशहूर है। यहां की पहाड़ी ट्रेकिंग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। नवलखा कोठार अनाज संग्रह के लिए बनाई गईं प्राचीन गुंबदनुमा संरचनाओं के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। ये पावागढ़ मुख्य पहाड़ी के उत्तर की तरफ स्थित है। ये मुस्लिम राजा द्वारा बनाई गई एक ऐतिहासिक जगह है। इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले लोगों को यहां की यात्रा जरूर करनी चाहिए।

विश्वामित्री नदी

पावागढ़ हर तरह के सैलानियों का स्वागत करता है और यहां के अलग अलग स्थल अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं। पावागढ़ के अन्य स्थलों में आप यहां की विश्वामित्री नदी की सैर का भी आनंद ले सकते हैं। इस नदी का नाम भारत के महान महर्षि विश्वामित्र के नाम पर रखा गया था। ये नदी चारों तरफ से प्राकृतिक आक्रषणों से भरी हुई है। यहां का हरा-भरा माहौल सैलानियों को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। ऐसा माना जाता है कि इस नदी के तट पर कभी महर्षि विश्वामित्र ध्यान लगाया करते थे।

रोपवे का रोमांचक आनंद

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप यहां पर रोपवे की रोमांचक सैर का आनंद भी ले सकते हैं। महाकाली मंदिर तक पहुंचने के लिए ये रोपवे एक सुरक्षित यातायाता की व्यवस्था कराता है। पर्यटक हिल स्टेशन के बेस से रोपवे ले सकते हैं जो कि निर्धारित शुल्क पर उन्हें मंदिर तक पहुंचा देगा। इस रोपवे की शुरूआत साल 1986 में की गई थी। अगर आप पावागढ़ आएं तो इस रोपवे का आनंद जरूर लें।

कैसे पहुंचे

ये पर्यटन स्थल गुजरात के मुख्य शहर वड़ोदरा से जुड़ा हुआ है और वड़ोदरा सिर्फ 46 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसलिए इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको वड़ोदरा रेल या फ्लाइट से पहुंचने में किसी तरह की भी दिक्कत नहीं होगी। और फिर यहां से आपको बसें या टैक्सी पावागढ़ के लिए काफी आसानी से मिल जाएगी। वहीं सड़क के रास्ते से भी आप इस जगह पर आसानी से पहुंच सकते हैं।

News Reporter
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