Ayodhya Deepotsav 2022 : राम नगरी अयोध्या में इस बार जलाए जाएंगे करीब 17 लाख दीपक...
Ayodhya Deepotsav 2022 : राम नगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस बार एक नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस बार करीब 17 लाख दीपक जलाए जाएंगे. इन दीयों को राम की पैड़ी पर जलाया जाएगा उनमें से करीब 11 लाख दीपक राम की पैड़ी पर दो दिन पहले ही लाए जा चुके थे. इस बार 18 से 19 हजार वालंटियर लगाए गए हैं, जो इन दीपकों को जलाने का काम कर रहे हैं. इस बार घाटों की संख्या भी बढ़ाई गई है और दीपक की संख्या भी बढ़ी है.
अयोध्या में इस बार दीपोत्सव को लेकर आम लोगों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. बता दें 21 अक्टूबर से दीपक बिछाने का काम शुरू हो गया था और अगले 22 अक्टूबर तक सभी दीपकों को बिछा दिया गया. 23 तारीख को दीपक में बाती लगाई जाएगी और तेल डाला जाएगा.
23 अक्टूबर को एक बार फिर नया विश्व रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसके लिए वॉलिंटियर्स ने पूरी तैयारियां कर रखी है. अयोध्या में दीपावली पर एक बार फिर से त्रेतायुग दिखाई देगा. राम की पैड़ी के साथ-साथ अयोध्या के सभी पौराणिक कुंड मंदिर एक बार फिर दीपों से जगमग दिखाई देंगे.
दीपावली पर अयोध्या एक बार फिर से दुल्हन की तरह सज संवर कर तैयार होगी, जिसको देखने के लिए दूर-दूर से राम भक्त इस दीप उत्सव में भाग लेंगे.
दीप उत्सव को भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी हाल ही में अयोध्या के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की और बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस बार के दीप उत्सव में भव्य झांकियां निकाली जाए और भव्य दीपोत्सव मनाया जाए जिससे अयोध्या में एक बार फिर से त्रेता युग दिखाई देगा.
दीप उत्सव नोडल अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि दीप उत्सव को लेकर हमारी सारी तैयारियां करीब-करीब दो-तीन दिन के अंदर पूरी हो जाएगी. हमारे 18-19 हजार वालंटियर्स तैयार हो चुके हैं.
11 लाख दीपक आ चुके हैं. इस बार 17 लाख दीपक जलाए जाएंगे. इस काम में सभी लोग जुटे हुए हैं. इस बार ज्यादा से ज्यादा आम लोगों को भागीदारी को सुनिश्चित करने कोशिश की जा रही है ताकि उन्हें ये महसूस हो कि ये उनका अपना कार्यक्रम है. अयोध्या में इस बार फिर से दीप उत्सव में नया रिकॉर्ड बनेगा.
घाटों पर 15 लाख दीये जगमग करने के लिए 55 हजार लीटर सरसो के तेल की व्यवस्था की गई है. डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में शनिवार को दीपोत्सव समन्वयकों व समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह ने की.
उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर दीपों की आपूर्ति, यातायात, भोजन प्रबंधन, चिकित्सकीय व्यवस्था जैसे प्रमुख विन्दुओं को अंतिम रूप दिए जाने का निर्देश प्रदान किया. आवासीय परिसर के छात्रों को ले जाने के लिए प्रात: आठ बजे वाहनों का इंतजाम किया गया है. वहीं महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थाओं के वालंटियर्स अपने गतव्य स्थान से दीपोत्सव स्थल पर पहुंचेंगे.
1-पुत्रेष्ठि यज्ञ
2-गुरुकुल शिक्षा
3-बेसिक शिक्षा
4-राम सीता विवाह
5-अहिल्या उद्धार
6-नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वालंबन
7-1090 व 1076 की सुविधा
8-पंचवटी/वन व पर्यावरण
9-रामेश्वरम सेतु
10-पुष्पक विमान
11-बेहतर वायु कनेक्टिीविटी
12-केवट प्रसंग
13-राम दरबार
14-शबरी-राम मिलाप
15-लंका दहन व अपराधियों एवं भूमाफियों के विरूद्व अभियान
2017- 1,87,213
2018- 3,01,152
2019- 4, 04,026
2020- 6,06,569
2021- 9,41,551
दीपावली की पूर्व संध्या पर 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ करेंगे. पीएम मोदी शाम करीब 5 बजे भगवान श्री रामलला विराजमान के दर्शन और पूजा करेंगे. इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र स्थल का निरीक्षण करेंगे. इस साल दीपोत्सव का छठा संस्करण आयोजित किया जा रहा है. यह पहली बार है कि प्रधानमंत्री समारोह में हिस्सा लेंगे.
प्रधानमंत्री शाम करीब 5:45 बजे प्रतीकात्मक भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे. लगभग 6:30 बजे वह सरयू नदी के नया घाट पर आरती देखेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री भव्य दीपोत्सव समारोह की शुरुआत करेंगे.
दीपोत्सव के दौरान विभिन्न राज्यों के विभिन्न नृत्य रूपों के साथ पांच एनिमेटेड झांकियां और ग्यारह रामलीला झांकियां भी लगाई जाएंगी. प्रधानमंत्री ग्रैंड म्यूजिकल लेजर शो के साथ-साथ सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में 3-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी देखेंगे.
बता दें कि 2017 में अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी. सबसे पहले सबसे लगभग 1,80, 000 दीप जलाए गए थे. इसी इसी तरह 2018 में 3,01,152, फिर 2019 में 5,50,000, फिर 2020 में 6 लाख 6 हजार दीये जला कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था और अब 2021 में 12 लाख से ज्यादा दीये जलाया गया था.
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