Banke Bihari Corridor: Why is Banke Bihari Corridor special, know everything about it
नई दिल्ली. Banke Bihari Corridor : क्या आपने कभी मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के बीच धक्का खाते हुए दर्शन किए हैं? अगर हां, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब दर्शन होंगे सुविधाजनक और यात्रा होगी पहले से ज्यादा भव्य, क्योंकि मथुरा में बनने जा रहा है एक आधुनिक और दिव्य “बांके बिहारी कॉरिडोर”, जिसकी लागत 5 सौ करोड़ रुपये है। हाल ही में इस प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी भी मिल चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर है।
बांके बिहारी कॉरिडोर एक मल्टी-फंक्शनल धार्मिक कॉरिडोर होगा, जिसका उद्देश्य है – भक्तों को भीड़भाड़, अव्यवस्था और ट्रैफिक से मुक्ति दिलाना। हर साल लाखों श्रद्धालु मथुरा आते हैं लेकिन मंदिर क्षेत्र की संकरी गलियां और सीमित सुविधा उन्हें निराश करती हैं।
कॉरिडोर के ज़रिए एक सुव्यवस्थित और विस्तृत रास्ता बनाया जाएगा, जो मंदिर तक पहुंच को आसान बनाएगा। साथ ही इसमें सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस प्रोजेक्ट से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ स्थानीय निवासियों और संगठनों ने विरोध दर्ज कराया था, क्योंकि इसमें मंदिर के आसपास की कुछ प्राचीन इमारतों और दुकानों के प्रभावित होने की आशंका थी। मामला उत्तर प्रदेश सरकार से होते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मई 2025 में फैसला सुनाया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह कॉरिडोर आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि परियोजना के दौरान किसी की धार्मिक भावनाएं आहत ना हों और स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा हो।
कॉरिडोर के अंतर्गत न केवल रास्ता चौड़ा किया जाएगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें शामिल हैं:
प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें (Souvenir Shops)
आरामदायक वेटिंग एरिया
पीने का पानी और शौचालय की सुविधा
ई-रिक्शा और व्हीलचेयर की उपलब्धता
स्मार्ट डिजिटल साइनबोर्ड
सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मी
इसके अतिरिक्त, स्थानीय दुकानदारों को कॉरिडोर के साथ व्यवस्थित स्थान दिए जाएंगे, ताकि उनका व्यवसाय भी प्रभावित न हो।
श्री बांके बिहारी मंदिर 17वीं सदी की राजस्थानी वास्तुकला का जीवंत उदाहरण है। इसके गर्भगृह में विराजमान हैं श्रीकृष्ण जी की जीवंत मूर्ति, जिन्हें ‘ठाकुर जी’ कहा जाता है।
अब जब कॉरिडोर बन जाएगा, तो मंदिर का संपूर्ण क्षेत्र और भी सुंदर और व्यवस्थित दिखेगा –
रात्रि में विशेष लाइटिंग से रोशन मंदिर परिसर
सजावटी फव्वारे और हरियाली से सुसज्जित प्रवेश द्वार
परंपरागत डिज़ाइन में बना नया प्रवेश पथ
बांके बिहारी मंदिर, उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले के वृंदावन क्षेत्र में स्थित है। यहाँ पहुंचने के लिए आप निम्न विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
रेलवे: नजदीकी स्टेशन – Mathura Junction (10 किमी)
बस और टैक्सी: दिल्ली, आगरा, जयपुर आदि से सीधी बस और टैक्सी सेवा उपलब्ध
हवाई मार्ग: Agra Airport (70 किमी) या IGI Delhi Airport (150 किमी) से टैक्सी या ट्रेन
आप सालभर कभी भी जा सकते हैं, लेकिन जन्माष्टमी, होली, राधाष्टमी और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान दर्शन का अनुभव दिव्य और भव्य होता है। भीड़ से बचना चाहते हैं, तो फरवरी–मार्च या अक्टूबर–नवंबर में यात्रा करें।
बिलकुल! यह कॉरिडोर सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि श्रद्धा, सुविधा और संस्कृति का संगम है। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के साथ यह अब न केवल मथुरा के धार्मिक महत्व को और बढ़ाएगा बल्कि देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक बेहतर यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित करेगा।
अगर आप मथुरा की यात्रा प्लान कर रहे हैं, तो यह बदलाव आपको बेहद पसंद आएगा। आप कब जा रहे हैं बांके बिहारी जी के दर्शन को? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!
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