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Manikaran Sahib Gurudwara : मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारे की यात्रा की सम्पूर्ण जानकारी

मणिकर्ण गुरुद्वारा ( Manikaran Sahib Gurudwara ) एक ऐसा तीर्थस्थल जो न सिर्फ सिखों के लिए बल्कि हिंदुओं के लिए भी समान रूप से बेहद पवित्र है. यहां आने वाले श्रद्धालु मणिकर्ण के शिव मंदिर, नैना देवी मंदिर में भी शीश झुकाते हैं. मणिकर्ण गुरुद्वारे ( Manikaran Sahib Gurudwara ) के आसपास आपको गर्म पानी के बुलबुले दिखाई देते हैं. लेकिन सबसे अहम जगह हैं शिव जी का मंदिर. यहां मंदिर प्रांगण में गर्म पानी का स्रोत है और जो लंगर गुरुद्वारे में बनाया जाता है उसमें भोजन उबालने के लिए इसी पानी का इस्तेमाल होता है. सिर्फ रोटियां ही चूल्हे पर बनती है. है न कमाल की बात…

इस आर्टिकल में हम आपको मणिकर्ण गुरुद्वारे ( Manikaran Sahib Gurudwara ) के बारे में पूरी जानकारी देंगे. आप यहां कैसे पहुंच सकते हैं, कैसे रह सकते हैं, यहां क्या क्या सुविधाएं मौजूद हैं, ऐसी तमाम बातें हम आपको बताएंगे. इसके साथ ही, अगर आप मणिकर्ण का इतिहास ( Manikaran Sahib Gurudwara History ) जानना चाहते हैं तो वह भी हम आपको बताएंगे. आप इस आर्टिकल में हमारे वीडियो को देख पाएंगे जिसमें मणिकर्ण गुरुद्वारे का पूरा इतिहास ( Manikaran Sahib Gurudwara History ) हमने दिखाया है. आइए इस सफर की शुरुआत करते हैं –

मणिकर्ण गुरुद्वारा कहां पर है | Manikaran Sahib Gurudwara Location

हिमाचल प्रदेश की पार्वती वैली में मणिकर्ण गुरुद्वारा है. भुंतर से इसकी कुल दूरी 35 किलोमीटर की है जबकि कसौल से यह जगह 5 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर है. भुंतर से यहां पहुंचने में 1 घंटे 15 मिनट जबकि कसौल से यहां पहुंचने में कुल 15 मिनट लगते हैं.

मणिकर्ण गुरुद्वारे में कहां कहां घूमें | Best places to visit in Manikaran Sahib Gurudwara

मणिकर्ण गुरुद्वारे के आसपास कई दर्शनीय स्थल हैं. यहां कतार में एक के बाद एक मंदिरों की श्रृंखला दिखती है. सबसे नायाब हैं नैना देवी और शिवजी का मंदिर. शिवजी का मंदिर इसलिए खास है क्योंकि यहां आपको इन दो धर्मों के पवित्र रिश्ते की एक तस्वीर दिखाई देती है. यहीं के गर्म पानी के स्रोत में गुरुद्वारे का लंगर पकता है. यहां के स्रोत में आपको लोग पोटली में चावल उबालते दिख जाएंगे. इन सभी धार्मिक स्थलों की सैर करने के साथ साथ आप मणिकर्ण तो घूमेंगे ही. इसके साथ ही, आप मणिकर्ण के बाजार में आप खरीदारी कर सकते हैं.

कैसे पहुंचें मणिकर्ण गुरुद्वारा | How to Reach Manikaran Sahib Gurudwara

By Road – मणिकर्ण गुरुद्वारा पहुंचने के लिए आप बस के ज़रिए भुंतर या कसौल पहुंच सकते हैं. अगर आपकी बस टिकट भुंतर तक की ही है तो आपको भुंतर से मणिकर्ण के लिए बस मिल जाएगी. आप टैक्सी भी ले सकते हैं. बस चूंकि सरकारी होती है इसलिए इसका किराया टैक्सी की अपेक्षा में काफी कम होता है. आप निजी वाहन से भी मणिकर्ण आ सकते हैं.

By Air – हवाई रास्ते से मणिकर्ण आने के लिए आपको भुंतर में मौजूद कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट पहुंचना होगा. आप भुंतर से टैक्सी या बस के ज़रिए मणिकर्ण पहुंच सकते हैं.

मणिकर्ण में मिलने वाली सुविधाएं | Facilities at Manikaran Sahib Gurudwara

मणिकर्ण में आपको दवाईयां, कपड़े, रहने की सुविधा मिलती है. अहम बात ये है कि आपसे इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है. आप यहां कितने भी दिनों तक रह सकते हैं. इसके लिए किसी तरह की अवधि तय नहीं है.

मणिकर्ण में लंगर की विशेषता | Manikaran Sahib Gurudwara Langer

लंगर प्रसाद ग्रहण करना भाग्यशाली लम्हा होता है. मणिकर्ण में जो लंगर बनता है उसमें किसी भी तरह से लहसुन प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. इसे शुद्ध देसी घी से तैयार किया जाता है. इस लंगर का एक निवाला ग्रहण करते ही आपको इसके दिव्य स्वाद का आभास हो जाता है.

मणिकर्ण का पूरा इतिहास देखें वीडियो में | Manikaran Sahib Gurudwara History in Video

 

इसके अलावा, अगर आप मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारे से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी चाहते हैं, तो हमें लिख भेजें – gotraveljunoon@gmail.com पर, हम उसका उत्तर ज़रूर देंगे.

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