Parvati Valley Trek : पार्वती घाटी में ट्रैक करते समय इन बातों का रखें खास ख्याल....
Parvati Valley Trek : हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केन्द्र रहा है. अगर आप बर्फ की तलाश में हैं और एडवेंचर करना चाहते हैं तो हिमचाल आपके लिए बेस्ट जगह है. हिमाचल प्रदेश युवाओं का पंसदीदा हाॅलिडे डेस्टिनेशन है, खूबसूरती से भरे इस प्रदेश में एक जगह है जहां हिमाचल का जादू अपने रंग में होता है पार्वती घाटी.
पार्वती घाटी ट्रैक भी कर सकते हैं. वहीं बता दें हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है ऐसी ही एक पहाड़ी जिस पर दुनिया भर के यात्री ट्रैकिंग करने आते है वो है पार्वती घाटी. ये घाटी ट्रैकिंग करने वालों के लिए जन्नत जैसी है.
पार्वती घाटी भारत के एम्सटर्डम के रूप में अपनी जगह बना चुका है. पार्वती घाटी अपने जंगल और चरस की खेती के लिए पहले से फेमस है. ये तो यहां की जानी-पहचानी, पहचान है लेकिन क्या आपको ये पता है कि इन सबके अलावा पार्वती घाटी अपनी पौराणिक कथाओं और लोक कथाओं के लिए भी जानी जाती है.
यहां के कई स्थान ऐसे हैं जहां के बारे में कहा जाता है कि वहां भगवान आते-रहते हैं.ऐसे ही कई रहस्य लेकर बैठी इस पार्वती घाटी के बारे में हम आपके लिए कुछ दिलचस्प जानकारी लेकर आए हैं.
ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने यहां लगभग 3,000 वर्षों तक रहस्यमय तरीके से पार्वती घाटी में ध्यान किया था. वो यहां सन्यासी नागा साधु के रूप में ध्यान करते थे. कई सीजन आये और गये भी लेकिन भगवान शिव अपनी तपस्या में लीन रहे. एक दिन उसने इस अछूते, सुंदर और पूरी तरह से गढ़े हुए सुंदर लैंडस्केप को देखा और उन्होंने इस जगह का नाम अपनी पत्नी के नाम पर रख दिया, पार्वती.
पार्वती घाटी ट्रेक हिमालयी क्षेत्र में सबसे टफ ट्रेक में से एक माना जाता है, जो रोमांच की तलाश करने वालों के लिए एकदम सही है. यहां के चारों और के खूबसूरत व्यू आपके आखों को सुकुन देगा.
पार्वती घाटी ट्रेक काफी लंबा और काफी हैरान कर देने वाला है लेकिन यह बेहद शानदार है. जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है. आसपास के घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदान और नदियां आपको अपने आकर्षण से मोहित कर देंगे. पार्वती घाटी ट्रेक, हिमालय पास ट्रेक के बाद सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले ट्रेक में से एक है.
क्षेत्र – हिमाचल प्रदेश
ऊंचाई – 5335 मीटर
ट्रेकिंग का समय – लगभग 15-16 दिन
ट्रेकिंग का बेस्ट टाइम –जून या अक्टूबर के बीच
हमेशा किसी प्रोफेशनल गाइड के साथ ही ट्रैकिंग का प्लान करें. तोष वैली या किसी भी सूनसान इलाके की ट्रैकिंग पर इस बात का ख्याल रखें.
पार्वती घाटी में किसी ड्रग माफिया के चंगुल में न फंसे और न ही किसी से लेनदेन करें.
रात के समय ट्रैकिंग के लिए निकलना सुरक्षित नहीं है. अगर आपको एडवेंचर करना ही है तो दिन के समय निकलें. मानसून के समय ट्रैकिंग पर जाने की कोशिश कम करें. इस मौसम में पहाड़ों पर फिसलन होती है और लैण्डस्लाइड का भी खतरा रहता है. इसके साथ ही पेड़ पौधों के बीच जहरीले जीव जंतु भी मानसून में एक्टिव रहते हैं.
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