History of Ramlila Maidan : दिल्ली का वह मैदान, जहां से कई बड़े आंदोलन हुए
History of Ramlila Maidan : दिल्ली का रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) केवल धार्मिक आयोजनों के लिए ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रैलियों और बड़े जन आंदोलनों के लिए भी जाना जाता है। पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट के पास स्थित यह मैदान कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। अब जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान को विरोध प्रदर्शनों के वैकल्पिक स्थलों में शामिल किया है।
रामलीला मैदान पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली के बीच, अजमेरी गेट के नजदीक स्थित है। यह जवाहरलाल नेहरू मार्ग और अरुणा आसफ अली मार्ग के आसपास फैला हुआ है। इसकी केंद्रीय स्थिति के कारण यहां बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करना संभव रहा है।
रामलीला मैदान का क्षेत्र 1930 के दशक से पहले एक बड़े तालाब के रूप में था। बाद में इसे भरकर समतल किया गया, ताकि यहां रामलीला का आयोजन किया जा सके। वर्ष 1932 के आसपास यहां रामलीला की परंपरा शुरू हुई। धीरे-धीरे यह मैदान धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ राजनीतिक सभाओं और जन आंदोलनों का भी प्रमुख केंद्र बन गया।
बड़े राजनीतिक आंदोलनों का केंद्र
रामलीला मैदान ने आजादी के बाद से कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाएं देखी हैं। 1950 और 1960 के दशक: यहां जवाहरलाल नेहरू समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने जनसभाओं को संबोधित किया। 25 जून 1975: आपातकाल की घोषणा वाले दिन जयप्रकाश नारायण और अन्य विपक्षी नेताओं की बड़ी रैली यहां आयोजित हुई थी। 2011: अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान रामलीला मैदान देशभर में चर्चा का केंद्र बना। 2013, 2015 और 2020: अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ रामलीला मैदान में ली।
अक्टूबर 2026 में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाकर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान को वैकल्पिक स्थल घोषित किया। पुलिस के अनुसार, यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर लिया गया। इन स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित नियम और मानक संचालन प्रक्रिया अलग से जारी किए जाने की बात कही गई है।
रामलीला मैदान करीब 12 एकड़ में फैला है और यहां लगभग 50,000 लोगों के जुटने की क्षमता बताई गई है। हालांकि, किसी भी कार्यक्रम के लिए वास्तविक क्षमता, अनुमति और उपलब्धता प्रशासन की शर्तों पर निर्भर करती है। मैदान का इस्तेमाल करने के लिए बुकिंग शुल्क और सुरक्षा जमा भी देना पड़ सकता है।
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