Pichola Lake की खूबसूरती देख आप हो जाएंगे कायल

भारत में ऐसी कई ऐतिहासिक जगहें हैं, जिसे देखने के लिए टूरिस्ट देश-विदेश से आते हैं. उन्हीं जगहों में से एक है उदयपुर हैरिटेज सिटी उदयपुर को ‘ट्रैवल लेजर’ ने खूबसूरती के मामले में तीसरे नंबर पर घोषित किया है. सर्वे के मुताबिक में उदयपुर घूमने के लिए कई इंटरनेशनल टूरिस्‍ट्स आए थे. वहीं उदयपुर को दुनिया की बेस्‍ट टूरिस्‍ट प्‍लेस घोषित किया गया था. इसके बाद उदयपुर खूबसूरती के मामले में तीसरे नंबर पर है.

Pichola Lake udaipur के बारे में कहते है की महाराणा उदय सिंह जी ने कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके चाहे अकबर हो या अफगान, लेकिन जब वो चित्तौड़ छोड़कर आ रहे थे तो एक झील की खूबसूरती के आगे हार गये और उसी के किनारे महल का निर्माण करवा दिया. बाद में उस जगह का विस्तार हुआ और एक नया शहर उदयपुर नक़्शे पर उभर आया. वो झील यही पिछोला झील है, पहाड़ियों से घिरी इस खूबसूरत झील के किनारे बसे उदयपुर को देखने पर ये इटली के वेनिस जेसा लगता है.

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झील में दो द्वीप हैं और दोनों पर महल बने हुए हैं. एक है जग निवास, जो अब लेक पैलेस होटल बन चुका है और दूसरा है जग मंदिर, उदयपुर. दोनों ही महल राजस्थानी शिल्पकला के बेहतरीन उदाहरण हैं, इन्हें नाव द्वारा जाकर इन्हें देखा जा सकता है. इस झील पर चार द्वीप है

इस झील पर चार द्वीप है:

जग निवास, जहा. पर लेक पैलेस बना हुआ है.

जग मंदिर, जहां पर इसी नाम से महल बना हुआ है.

मोहन मंदिर, जहां से राजा वार्षिक गणगौर उत्सव को देखते थे.

अरसी विलास, एक छोटा द्वीप जो पहले गोलाबारुद गोदाम था, एक छोटा महल भी है. यह उदयपुर के महाराणा द्वारा झील से सूर्यास्त का आनंद लेने के लिए बनाया गया था. नटनी का चबूतरा ईसी झील के किनारे स्थित है. पिछोला झील को वर्तमान में फतेसागर झील से जोड़ा गया है.  जोड़ने वाली इस झील का नाम स्वरुपसागर है.

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History

इस झील का निर्माण 14वी शताब्दी में राणा लाखा के शासन काल में चिङिमार बंजारे द्वारा करवाया गया. यह प्राकर्तिक झील नहीं है ये इंसान द्वारा बनाई गई है इसका निर्माण राणा लाखा के काल में एक बंजारे ने करवाया था जिनका नाम पिच्छु बंजारा बताते है और उनके ही नाम पर इसे पिछोला झील कहते है. दरअसल पिच्छु बंजारे ने इतनी विशाल झील का निर्माण नहीं किया उन्होंने केवल कोटडा नदी के पानी को बांध के सहारे एक जगह इक्कठा किया था ताकि उसके खेत को पानी मिल सके बाद में राणा उदय सिंह जी ने उस बांध को तुड़वा कर इस झील का विस्तार किया.

फिर पीढ़ी दर पीढ़ी आने वाले महाराणाओं ने अलग-अलग महल इसके किनारे बनाये, और वही महल झील की खूबसूरती में चार चांद लगाते है.

पिछोला झील के बीच बने जगनिवास को यंहा के मुख्य आकर्षणों में गिना जाता है. महराणा जगत सिंह जी ने इसको बनवाया था ये आज एक होटल है जिसका नाम रखा गया है लेक पैलेस, एक पांच सितारा होटल. सुना है यंहा से भी कन्टाप नजर आता है सूर्यास्त. लेकिन उसके लिए कई हजार देने पड़ते हैं.  यहां केवल नाव के द्वारा जाया जा सकता है क्योंकि ये झील के बीच में स्तिथ है.

Boating charge at Lake pichola

इस झील में बोटिंग थोड़ी सी महंगी है पर झील की खूबसूरती के आगे कम है दो तरह की टिकट है, 150 वाली टिकेट में एक 20 सीट वाली नाव में और 250 वाली टिकट में 10 सीट वाली नाव में सैर करवाई जाती है.

150 रुपए प्रति व्यक्ति ( 20 मिनट )
250 रुपए प्रति व्यक्ति ( 15 मिनट )

अगर कभी उदैपुर आते है आप तो इस Lake Palace Udaipur जरूर आयें वो भी सूर्यास्त के समय.

Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे