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Benefits for Women in Indian Railway : आपको पता हैं Indian Railway में महिलाओं को मिलती हैं कौन कौन सी सुविधाएं?

Benefits for Women in Indian Railway : महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए रेलवे ने एक नई- नई तरकीब निकालती रहती है. ये तरकीब खासतौर से ट्रेन से लंबी दूरी तय करने वाली महिला यात्रियों के लिए है. रेलवे मंत्रालय के मुताबिक अब मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर क्लास में छह बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होगी. इसके साथ ही गरीब रथ/राजधानी/दुरंतो के सभी AC बॉगी के  थर्ड-टीयर एसी (3एसी) डिब्बों में 6 बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होगा.

ये सुविधा सीनियर सिटिजन, 45  साल के कम  उम्र की महिलाओं के साथ गर्भवती महिलाओं के लिए हैं. एक्सप्रेस ट्रेन में दी गई सुविधा सभी उम्र की महिलाओं के लिए है, इसकी एक और खासियत ये है कि अकेले या ग्रुप में सफर कर रही महिलाएं इस शुरुआत का फायदा उठा सकेंगी.

रात में ट्रेन से नहीं उतार सकता टीटी || TT cannot get off the train at night

यदि कोई महिला रात में बिना टिकट के ट्रेन में सफर कर रही है तो ऐसे मामले में महिला को टीटी ट्रेन से नहीं उतार सकता. यदि कभी कोई टीटी ऐसा करते हैं तो महिला के पास अधिकार होता है कि वह रेलवे अथॉरिटी को इस मामले की शिकायत कर सकती है.

यदि किसी महिला को यदि रात में ट्रेन से उतारा जाता है आरपीएफ या जीआरपी की जिम्मेदारी होती है कि वे महिला की सुरक्षा करें.

भारतीय रेलवे देता है महिला कोटा || Indian Railways gives women quota

महिलाओं के लिए हर ट्रेन में कोटा होता है. सेकंड एसी क्लास में 3 से 4 लोअर बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित रहती है. ऐसे ही 3 टियर एसी में 4 से 5 सीट और सभी स्लीपर कोच में 7 लोअर बर्थ सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होती है.

गर्भवती और सीनियर सिटीजन के लिए खास सुविधा || Special facility for pregnant and senior citizens

यदि कोई गर्भवती महिला या 45 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिला ट्रेन में सफर कर रही है तो उन्हें लोअर बर्थ सीट दी जाती है. रेलवे का यह सिस्टम ऑटोमेटिक है. जिसमें यदि महिला ने टिकट बुकिंग के समय लोअर बर्थ का चुनाव नहीं किया है तो भी उसे लोअर सीट ही दी जाती है.

महिलाओं को अकोमोडेशन || women accommodation

भारतीय रेलवे महिलाओं को ख़ास सुविधा देने की तैयारी कर रही है. जिसमें मेल या फिर एक्सप्रेस ट्रेन में महिलओं को रिजर्वेशन में अकोमोडेशन दिया जाएगा. इतना ही नहीं उपनगरीय या लोकल ट्रेन में भी महिलाओं के लिए अलग कोच बनाया जाएगा.

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