Chhath Puja : इन 7 चीजों के बिना अधूरी रह जाएगी आपकी छठ पूजा

Chhath Puja :देशभर में छठ पूजा की तैयारी जोरों पर है. आज डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. शुक्ल पक्ष में षष्ठी तिथि को छठ पूजा का विशेष विधान है. इस पूजा की शुरुआत मुख्य रूप से बिहार से हुई है, जो अब देश-विदेश तक फैल चुकी है. षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाता है

Read more

Chhath Puja : आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें कहां से शुरू हुई परंपरा

Chhath Puja : चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व का आज तीसरा दिन है. आज शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. इसे संध्या अर्घ्य भी कहते हैं. उगते सूर्य को अर्घ्य देने की रीति तो कई व्रतों और त्योहारों में है लेकिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा केवल छठ में ही है

Read more

Chhath Puja : जानें छठ में संध्या अर्घ्य के दिन क्या होता है

Chhath Puja: छठ पर्व का तीसरा दिन जिसे संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है,चैत्र या कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है. पूरे दिन सभी लोग मिलकर पूजा की तैयारियां करते हैं. छठ पूजा के लिए विशेष प्रसाद जैसे ठेकुआ, चावल के लड्डू जिसे कचवनिया भी कहा जाता है, बनाया जाता है,

Read more

Chhath Puja : छठ पूजा में इन बातों का रखें खास ख्याल, कहीं हो न जाए अपशकुन

Chhath Puja : छठ पूजा का त्यौहार कल से यानि 18 नवंबर से शरू होने जा रहा है. छठ पूजा (Chhath Puja) हर साल का​र्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को होती है. दिवाली के बाद हिंदूओं का छठ सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. इस बार छठ की पूजा नवंबर यानी शुक्रवार को है

Read more

Chhath Puja : छठ त्यौहार मनाने के पीछे ये है पौराणिक कथा

Chhath Puja : भगवान सूर्य (सूर्य देव) और छठी मैया को समर्पित, जिन्हें सूर्य की बहन के रूप में जाना जाता है, छठ पूजा भारत में बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के राज्यों में बहुत धूम-धाम से मनाई जाती है. यह भारत के सीमावर्ती सभी उत्तरी क्षेत्रों और प्रमुख उत्तरी शहरी क्षेत्रों में मनाया जाता है.

Read more

Chhath Pooja : वो नदी, जिसे आज ‘छठ’ का इंतजार है…!

हमारे देश में नदियों का जुड़ाव त्योहारों से बरसों से रहा है. नदीं और जल से जुड़ाव का ही एक पावन पर्व है छठ (Chhath). हर साल देश में करोड़ों लोग इस पावन पर्व को मनाते हैं. इस पर्व के लिए नदी, घाट या छोटा टैंक का खासा महत्व है. लेकिन तब क्या हो जब एक नदी का जुड़ाव इससे होकर भी खत्म होता सा हो.

Read more