Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा की हो गई है शुरुआत जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन
Amarnath Yatra 2023 : कुछ इसे स्वर्ग की प्राप्ति का रास्ता बताते हैं तो कुछ मोक्ष प्राप्ति का. लेकिन यह सच है कि अमरनाथ, अमरेश्वर आदि के नामों से विख्यात भगवान शिव के स्वयंभू शिवलिंगम के दर्शन, जो हिम से प्रत्येक पूर्णमासी को अपने पूर्ण आकार में होता है, अपने आप में दिल को सकून देने वाले होते हैं क्योंकि इतनी लंबी यात्रा करने और अनेक बाधाओं को पार करके अमरनाथ गुफा तक पहुंचना कोई आसान कार्य नहीं है इसलिए प्रत्येक यात्री जो गुफा के भीतर हिमलिंगम के दर्शन करता है अपने आप को धन्य पाता है और बहुत ही भाग्यशाली समझता है क्योंकि कई तो खड़ी चढ़ाईयों को देख ही वापस मुड़ जाते हैं आधे रास्ते से.
हर साल यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा के दिन, जिस दिन देशभर में रक्षाबंधन का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, उसी दिन अमरनाथ की गुफा में भगवान शिव के दर्शन स्वयंभू हिमलिंगम के दर्शनों के लिए हजारों यात्री एकत्र होते हैं. यह गुफा राजधानी शहर श्रीनगर और जम्मू से क्रमशः 140 तथा 326 किमी की दूरी पर औऱ समुद्रतल से 13500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है, 62 दिनों तक चलने वाली तीर्थयात्रा 1 जुलाई, 2023 को शुरू हुई और 31 अगस्त को समाप्त होगी. अनंतनाग जिले में पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले में बालटाल दोनों एक साथ यात्रा के लिए शुरुआती प्वांइट के रूप में काम करेंगे.
आनलाइन रजिस्ट्रेशन की फीस प्रति व्यक्ति 220 रुपये है.
ग्रुप रजिस्ट्रेशन की फीस प्रति व्यक्ति 220 रुपये है.
13 से लेकर 70 वर्ष की आयु तक के व्यक्ति अमरनाथ यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। छह हफ्ते या उससे ज्यादा दिनों की गर्भावती महिला को अमरनाथ यात्रा करने की अनुमति नहीं है. आनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट https://jksasb.nic.in पर जा सकते हैं. इसके अलावा जम्मू में चार केंद्रों पर तत्काल पंजीकरण के लिए श्रद्धालु पहुंच सकते हैं.
18001807198/18001807199 पर संपर्क कर सकते हैं.
अमरनाथ यात्रा के लिए जरूरी.
पासपोर्ट साइज फोटो
पहचान पत्र की फोटोकापी
यात्रा की तारीख और मार्ग भी बताना होगा.
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड भक्तों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह देता है || Shri Amarnathji Shrine Board advises devotees to take the following precautions
शारीरिक फिटनेस सुनिश्चित करके यात्रा की तैयारी करें. यात्रा से कम से कम एक महीने पहले सुबह या शाम को लगभग 4-5 किमी प्रतिदिन की प्रारंभिक सैर करने की सलाह दी जाती है.
शरीर की ऑक्सीजन दक्षता बढ़ाने के लिए गहरी साँस लेने के व्यायाम और योग, विशेष रूप से प्राणायाम का अभ्यास शुरू करें.
यदि आपको पहले से कोई चिकित्सीय समस्या है तो अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर यात्रा करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें.
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