Gorakhpur Travel Guide - 10 Best Places to visit in Gorakhpur
Gorakhpur Travel Guide : गोरखपुर राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से में राप्ती नदी के पास एक शहर है. यह एक प्रसिद्ध धार्मिक संत गोरखनाथ का घर है, जिन्होंने इस शहर को इसका नाम दिया. यहा परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए अनेक प्रसिद्ध गोरखपुर पर्यटन स्थल है. गोरखपुर उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी भाग में नेपाल के साथ सीमा के पास स्थित भारत का एक प्रसिद्ध शहर है.
यह एक धार्मिक केन्द्र के रूप में मशहूर है जो बौद्ध, हिन्दू, मुस्लिम, जैन और सिख सन्तों की साधना स्थली रहा. किन्तु मध्ययुगीन सर्वमान्य सन्त गोरखनाथ के बाद उनके ही नाम पर इसका वर्तमान नाम गोरखपुर रखा गया. यहां का प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर अभी भी नाथ सम्प्रदाय की पीठ है. यह महान सन्त परमहंस योगानन्द जी का जन्म स्थान भी है. इस शहर में और भी कई ऐतिहासिक स्थल हैं जैसे बौद्धों के घर, इमामबाड़ा, 18वीं सदी की दरगाह और हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों का प्रमुख प्रकाशन संस्थान गीता प्रेस. अपने इस Gorakhpur Travel Guide के लेख में हमने गोरखपुर पर्यटन स्थल, गोरखपुर के दर्शनीय स्थल और गोरखपुर के आसपास घुमने के लिए सबसे अच्छे गोरखपुर के टॉप 10 दर्शनीय स्थलों के बारे में नीचे उल्लेख किया है.
Gorakhpur Travel Guide इस मंदिर के जिक्र के बिना अधूरा है.यह नाथ संप्रदाय का सबसे सम्मानित मंदिर है. यह मंदिर संत गोरखनाथ को समर्पित है. उन्होंने पूरे देश में मानवता और योग का प्रचार किया. वह धर्म से जुड़े अपने कार्यों के लिए मध्ययुगीन काल के दौरान एक महत्वपूर्ण शख्सियत थे. इसी संत के नाम से इस शहर का नाम मिलता है. 11वीं शताब्दी में गोरखनाथ मंदिर का निर्माण किया गया था.
मंदिर परिसर में संत के मंदिर, उसके कदम और उसकी सिहांसन है, जहां वह योग का अभ्यास करते थे. मकर संक्रांति के त्यौहार के दौरान, सभी भक्तों को यहां भोजन दान किया जाता है. वर्तमान में, यहां मुख्य पुजारी योगी आदित्यनाथ है, जिन्होंने बाबा गोरखनाथ के पदों पर चलने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. मंदिर के परिसर के अंदर एक कृत्रिम तालाब भी है.
1957 में स्थापित, यह पुरातात्विक संग्रहालय इतिहास, नियम, संस्कृति, परंपराओं और पिछले और वर्तमान गोरखपुर के पुरातात्विक निष्कर्षों को चित्रित करता है. यह सबसे प्रसिद्ध स्थानीय संग्रहालय गोरखपुर पर्यटन स्थल है. और हर समय में यहा भीड़ रहती है.
यह गोरखपुर के भारतीय इतिहास विभाग, पुरातत्व और संस्कृति के दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय की देखभाल में है. यह विश्वविद्यालय परिसर में ही है. इसके अंदर संरक्षित कलाकृतियों में प्राचीन सिक्के, मूर्तियां, पेंटिंग्स, पत्थर के उपकरण, आयु के पुराने आभूषण और यहां तक कि टिकट भी शामिल हैं.
गीता प्रेस को वर्तमान में हिन्दू धार्मिक ग्रंथों और पुस्तकों को प्रकाशित करने की दुनिया की प्रमुख प्रेस होने का गौरव प्राप्त है. यह 1923 में जया दयाल गोयंदका और घनश्याम दास जालान द्वारा शुरू किया गया था. उनका मुख्य आदर्श हिंदू धर्म, ‘सनातन धर्म’ को बढ़ावा देना था,
उन्होंने पवित्र गीता और इसकी व्याख्याओं, पवित्र महाकाव्य रामायण और महाभारत, पुराण, उपनिषद और विभिन्न संतों और गुरुओं के कार्यों को भी प्रकाशित किया. ये सभी साहित्य अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित है और इसे बेचा गया है. यहां पर्यटक हिन्दू धर्म की सभी धार्मिक पुस्तके ग्रथं आदि देख सकते हैं और खरीद भी सकते हैं.
यह अद्वितीय रेलवे संग्रहालय और संलग्न मनोरंजन पार्क गोरखपुर पर्यटन स्थल में आकर्षण का केंद्र है. यह संग्रहालय वर्ष 2007 में जनता के लिए खोला गया था. इस संग्रहालय का सबसे विशेष आकर्षण लॉर्ड लॉरेंस का भाप इंजन है. यह 1874 में लंदन में बनाया गया था और एक जहाज द्वारा भारत में आयात किया गया था.
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इसके अलावा यहा एक फोटो गैलरी, वर्दी, पुरानी घड़ियों और यहां तक कि अन्य इंजन भी हैं. बच्चों के मनोरंजन के लिए यहा एक खिलौना ट्रेन भी है. इस पूरे संग्रहालय का भ्रमण करने में लगभग 2 घंटे लगेंगे.
नेहरू पार्क गोरखपुर के लालडिग्गी इलाके में स्थित है, यह गीता प्रेस के बगल में यह पार्क फव्वारे और चमकदार बहु रंगीन रोशनी वाला होने के कारण एक बहुत ही प्रतिष्ठित और सुंदर दिखता है. इसके शांत परिवेश और सुन्दर हरियाली में आपको दिन भर की भाग दौड़ के बाद शाम के समय एक अच्छा समय बिताने के लिए उपयुक्त है.
यह स्मारक, स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल के जीवन और स्मृति को समर्पित है. यह क्रांतिकारी मणिपुरी और काकोरी षड्यंत्रों और ब्रिटिश अत्याचार के खिलाफ संघर्षों में सबसे आगे था. पार्क में बच्चों के लिए विशाल लॉन, पिकनिक स्पॉट और भी कई आकर्षण हैं. यह गोरखपुर पर्यटन स्थल में सबसे अच्छी जगह है.
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कुष्मी वन साल के पेड़ों का घना जंगल है. यह गोरखपुर रेलवे स्टेशन से नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घने हरे जंगल में बुद्धिया माई नामक एक धार्मिक-पिकनिक स्थान है. जंगल के भीतर अन्य आकर्षण विनोद वान पार्क और एक चिड़ियाघर हैं.
यहा कुष्मी वन विभाग पर्यटक की सुविधाओं की देखभाल करते हैं. कुसुम वन स्थानीय लोगों के लिए बाहर निकलने और मनोरंजन के लिए एक जगह है. प्रकृति के वातावरण में अच्छा समय व्यतीत करना मन और शरीर के लिए सुखद है.
विंध्यवासिनी पार्क कव्वा बाग कॉलोनी में स्थित है. यहां अपने कैमरे को ले जाना न भूले. विंध्यावासिनी पार्क, गोरखपुर के लोगों और पर्यटकों के लिए व्यस्त सप्ताहांत के बाद शरीर को ताज़ा करने और आराम करने का एक अच्छा तरीका है. दिलचस्प विषयों, शानदार डिजाइन, रंगीन परिदृश्य, मनोरंजक पात्रों, और परिवेश संगीत का यहा बहतरीन संगम है. बच्चों और परिवार के साथ यादगार समय गुजारने का सबसे अच्छा तरीका विंध्यवासिनी पार्क है.
गोरखपुर नगर के मध्य में रेलवे स्टेशन से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मनोरम गार्डन प्रख्यात साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द के नाम पर बना है. इसमें प्रेमचन्द्र के साहित्य से सम्बन्धित एक विशाल पुस्तकालय निर्मित है. यह उन दिनों का गार्डन है जब मुंशी प्रेमचन्द गोरखपुर में एक स्कूल टीचर थे.
गोरखपुर नगर के एक कोने में रेलवे स्टेशन से 4 किलोमीटर दूरी पर भव्य सूर्यकुण्ड मंदिर है जहां भगवान श्री राम ने विश्राम किया था.यह मंदिर 10 एकड़ में फैला हुआ है.
गोरखपुर घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च के बीच है. गोरखपुर तक हवाई, रेल और सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है.
By Air – गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ डोमेस्टिक एयरपोर्ट है. यह एयरपोर्ट देश के अन्य प्रमुख इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्ट है. एयरपोर्ट पर उतरकर आप टैक्सी के जरिए गोरक्षमंदिर आसानी से पहुंच सकते हैं.
By Train – गोरखपुर रेलवे स्टेशन से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर यह मंदिर स्थित है. आप यहां से रिक्शा और ऑटो के जरिए आसानी से जा सकते हैं. गोरखपुर रेलवे स्टेशन देश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकत्ता से जुड़ा है. राजधानी एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेन यहां से गुजरती हैं. IRCTC की वेबसाइट से आप ऑनलाइन टिकट बुक करा सकते हैं.
By Bus – दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से गोरखपुर के लिए सीधी बस सेवा है.आप UPSRTC के जरिए ऑनलाइन बस का टिकट बुक करा सकते हैं.
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