How To Reach Ayodhya Ram Mandir
How To Reach Ayodhya Ram Mandir : मंदिर और मूर्तियों के शहर अयोध्या अपने प्रभु राम की जन्मस्थली की वजह से पूरे विश्व में विख्यात है. 500 वर्ष के लंबे वनवास के बाद प्रभु राम अपने भव्य महल में 22 जनवरी को विराजमान होने जा रहे हैं. पूरे देश-दुनिया के राम भक्त यह चाहते हैं कि हम अयोध्या में भव्य राम मंदिर को करीब से देख पाए, विराजमान रामलला का दर्शन पूजन कर पाए. तो आज चलिए हम आपको बताते हैं कि अगर आप देश की किसी भी कोने से धर्म नगरी अयोध्या ट्रेन से आ रहे हैं या सड़क के रास्ते या फ्लाइट माध्यम से आ रहे हैं तो अयोध्य से कैसे राम मंदिर तक जाना होगा. आज के आर्टिकल में हम सब बताते वाले हैं…
अयोध्या बस अड्डे से राम मंदिर की दूरी तीन किलोमीटर है. पर्यटकों को लता मंगेशकर चौराहे से होते हुए जाना होगा. ऑटो और ई रिक्शा वाले 20 रुपये किराया लेंगे. अयोध्या एयरपोर्ट से राम मंदिर करीब सात किलोमीटर दूर है. ऑटो से इतनी दूरी तय करने के लिए आपको 80 से 100 रुपये खर्च करने होंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कार बुक करके भी राम मंदिर जा सकते हैं. दिल्ली से टाटा कंपनी की 12 इलेक्ट्रिक कार अयोध्या पहुंच चुकी हैं. इन कारों को ईवी प्लस एप के जरिये बुक किया जा सकेगा. महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट, अयोध्या कैंट स्टेशन और अयोध्या धाम रेलवे जंक्शन पर ये गाड़ियां मिलेगी. इन कारों को बुक कर पूरे अयोध्या का भ्रमण किया जा सकता है.
Ayodhya Ram Mandir : जानें, आप किस दिशा से राम मंदिर में कर सकते हैं Entry, कितनी चढ़नी हैं सीढ़ियां
राम के जन्मस्थान के रूप में अनुवादित, राम जन्मभूमि को हिंदू देवता, भगवान राम का जन्मस्थान माना जाता है. भारतीय महाकाव्य रामायण के अनुसार, भगवान विष्णु के सातवें स्वरूप राम के बारे में कहा जाता है कि वे अयोध्या की सरयू नदी के किनारे पले-बढ़े थे, राम जन्मभूमि हिंदू भक्तों के लिए अत्यंत पूजनीय स्थल है.
दशकों तक विवादित स्थल रहने के बाद, राम जन्मभूमि भूमि को राम मंदिर बनाने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक ट्रस्ट को सौंप दिया गया था. अयोध्या के राम मंदिर की आधारशिला रखने का भूमि पूजन समारोह 5 अगस्त 2020 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था.
राम जन्मभूमि स्थल वह स्थान है जहां कभी प्रसिद्ध बाबरी मस्जिद थी. ऐसा माना जाता है कि मुगलों ने भगवान राम के जन्मस्थान पर इस मस्जिद का निर्माण करने के लिए एक हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया था. 1992 में, हिंदू राष्ट्रवादियों के एक समूह ने बाबरी मस्जिद को गिरा दिया, जिसके कारण पूरे भारत में कई हिंसक दंगे हुए. अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने राम मंदिर बनाने के लिए जमीन एक ट्रस्ट को सौंपने का आदेश दिया था. सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक 5 एकड़ जमीन भी दी गई.
भगवान राम की यह जन्मभूमि विजय और धार्मिक विचलन के युगों से गुज़री है. 600 ईसा पूर्व में प्राचीन बौद्ध स्थापना के बाद. वर्तमान राम जन्मभूमि 5वीं शताब्दी में 100 से अधिक पवित्र स्थलों वाला एक चीनी बौद्ध गृहनगर था. 11वीं शताब्दी तक गुप्त राजवंश से संबंधित होने के बाद, इस क्षेत्र ने 1000 के दशक में गहड़लवों के वैष्णव कबीले का अंतिम साम्राज्य देखा, जिसे कनौज राजवंश कहा जाता था. गुप्तों के युग ने उस समय के कई मंदिरों या स्तूपों को जन्म दिया.
16वीं शताब्दी तक, 1700 के दशक के दौरान मुगल शासन के अधीन आने से पहले राम जन्मभूमि दिल्ली सल्तनत का हिस्सा थी. इसी समय बाबरी मस्जिद का निर्माण हुआ था. यह भूमि 19वीं सदी से 20वीं सदी के मध्य तक एक सक्रिय ब्रिटिश उपनिवेश थी.
राम जन्मभूमि अयोध्या शहर के केंद्र में लगभग एक से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। फैजाबाद में अयोध्या हवाई अड्डा, जिसे फैजाबाद हवाई अड्डे के रूप में भी जाना जाता है, राम जन्मभूमि से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर है.इसे 15 से 30 मिनट की ड्राइव के जरिए तय किया जा सकता है. जगह धर्मकाटा में अयोध्या रेलवे स्टेशन से लगभग 1.5 से 3 किलोमीटर दूर है. यहां तक कि 20 मिनट की पैदल दूरी पर भी पहुंचा जा सकता है. अयोध्या में कुछ बस स्टैंड हैं, राम कथा पार्क में स्थित अयोध्या बस स्टेशन अधिक प्रमुख है. यह बस स्टॉप राम जन्मभूमि से 1.7 से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है. फैजाबाद छावनी और राजकीय गार्डन छावनी रोड पर सर्किट हाउस में भी बस स्टैंड हैं.
यदि आपके पास कम समय है तो आप फ्लाइट से आने का योजना बना सकते हैं इसका नियरेस्ट एयरपोर महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम के नाम पर रखा गया है जो मात्र 10 किलोमीटर स्थित पर अयोध्या मंदिर है यह एयरपोर्ट का निर्माण 30 दिसंबर, मोदी जी के द्वारा किया गया है।
अगर आप बस से आना चाहते हैं, तो अपने आस-पास के शहरों से या फिर दिल्ली से बस के द्वारा अयोध्या आ सकते हैं इस रोड पर आपको ऐसी नॉन एसी दोनों ही बस मिल जाएगी। आप अपने बस से अयोध्या बाईपास चौराहे पर या फिर अयोध्या कैंट बस स्टैंड पर उतर सकते हैं। अयोध्या बाईपास से आप ₹10 में ई-रिक्शा से नए घाट चौराहे पर पहुंच जाएंगे और अगर आप अयोध्या बस कैंट स्टेशन पर आते है वहां से आप ऑटो ई-रिक्शा के मदद से 40 से ₹50 में आप अयोध्या आराम से पहुंच जाएंगे.
अगर आप ट्रेन से आने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अयोध्या में तो रेलवे स्टेशन देखने को मिलेगा पहले अयोध्या जंक्शन स्टेशन और दूसरा है अयोध्या कैंट जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या जंक्शन तो एकदम शहर के अंदर ही आता है अगर आप अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं तो वहां से आपको ऑटो या फिर में ई-रिक्शा से 40 से ₹50 देखकर मुख्य अयोध्या या घाट चौराहे आना होता है.
Current philosophy system: जबकि भव्य मंदिर अभी भी निर्माणाधीन है, भक्त परिसर में बने अस्थायी ढांचे में दर्शन कर सकते हैं. दर्शन का समय आमतौर पर सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक होता है. पूरे दिन विशेष पूजा और आरती होती है, जिससे माहौल भक्तिमय हो जाता है.
Entry: श्री राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश निःशुल्क है. हालाँकि, चल रहे निर्माण और सीमित स्थान के कारण, दर्शन कतारें लंबी हो सकती हैं, खासकर व्यस्त मौसम और त्योहारों के दौरान। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन “सेवा” टिकट बुक करने से तेजी से दर्शन सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
याद रखें: यह गाइड 3 जनवरी, 2024 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. कृपया दर्शन समय, प्रवेश प्रक्रियाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर नवीनतम अपडेट के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट देखें.
Sawan 2026: हिंदू धर्म में सावन (Shravan Month) को भगवान शिव की उपासना के लिए… Read More
दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता की शुरुआत कहां से हुई, इस पर लंबे समय से… Read More
Vastu Tips : आर्थिक समृद्धि और धन लाभ की कामना रखने वाले लोग अक्सर ज्योतिष… Read More
दोस्तों, कैसे हैं आप सभी? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे Tawang से Zemithang गांव… Read More
Monsoon Diet मानसून में कुछ सब्जियां खाने से Food Poisoning और पेट के संक्रमण का… Read More
Sawan 2026 Date: जानें सावन 2026 कब से कब तक रहेगा। पढ़ें सावन सोमवार (Shravan… Read More