Maha Shivaratri 2026: सद्गुरु के भव्य आयोजन का पूरा कार्यक्रम, मुख्य अतिथि, कार्यक्रम और मुख्य आकर्षण
Maha Shivaratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित होने वाला आदियोगी कार्यक्रम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से देखे जाने वाले आध्यात्मिक आयोजनों में से एक होगा। वेल्लियंगिरि पहाड़ियों की तलहटी में आयोजित यह कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। 100 से अधिक टीवी नेटवर्क और 24 भारतीय व अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में डिजिटल प्रसारण के साथ, सद्गुरु के नेतृत्व में होने वाला यह पूरी रात चलने वाला आयोजन दुनिया भर में लगभग 14 करोड़ दर्शकों तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें भक्ति, संगीत और ध्यान का संगम देखने को मिलेगा।
इस वर्ष इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे।
सद्गुरु के अनुसार महाशिवरात्रि क्या है?
महाशिवरात्रि, जिसे “शिव की महान रात्रि” कहा जाता है, एक विशेष खगोलीय घटना मानी जाती है, जब मानव शरीर में ऊर्जा का स्वाभाविक उभार आध्यात्मिक विकास के लिए अनुकूल होता है।
सद्गुरु के अनुसार, वेल्लियंगिरि पर्वतों की तलहटी — जिसे “दक्षिण का कैलाश” कहा जाता है — आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह स्थान लगभग 11 डिग्री अक्षांश पर स्थित है, जहां पृथ्वी के झुकाव और घूर्णन के कारण ऊर्जा का उभार अधिकतम माना जाता है। महाशिवरात्रि की रात इस ऊर्जा का शिखर होता है।
ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि कार्यक्रम का शेड्यूल
उत्सव की शुरुआत ध्यानलिंग में पंच भूत क्रिया से होगी, जो पांच तत्वों — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — को समर्पित शुद्धिकरण अनुष्ठान है।
इसके बाद लिंग भैरवी महायात्रा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
रातभर विभिन्न संगीत प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें पारंपरिक और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। प्रमुख कलाकारों में आदित्य गढ़वी, प्रशांत सोनागरा और टीम, साउंड्स ऑफ ईशा, स्वरूप खान, ब्लेज़, पैराडॉक्स, स्वागत राठौड़ और पृथ्वी गंधर्व शामिल हैं।
महाशिवरात्रि से पहले आयोजित यक्ष, भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य का उत्सव है, जिसमें सितार वादक पूर्वायण चटर्जी, कर्नाटक गायक भरत सुंदर और भरतनाट्यम कलाकार वैभव आरेकर प्रस्तुति देंगे।
महाशिवरात्रि की रात ध्यानलिंग मंदिर और लिंग भैरवी मंदिर पूरी रात श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।
योगेश्वर लिंग महा अभिषेकम
इस वर्ष पहली बार सद्गुरु स्वयं योगेश्वर लिंग महा अभिषेकम करेंगे। आदियोगी की 112 फुट ऊंची प्रतिमा के सामने स्थापित योगेश्वर लिंग को पांच चक्रों के साथ प्रतिष्ठित किया गया है, जो विशेष रूप से आध्यात्मिक साधना के लिए बनाया गया है।
दुनिया भर के भक्त इसमें अपना नाम देकर निःशुल्क भाग ले सकते हैं। इच्छुक लोग महाशिवरात्रि गतिविधियों और महा अन्नदानम् के लिए स्वैच्छिक दान भी कर सकते हैं।
आदियोगी दिव्य दर्शनम् का आकर्षण
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण आदियोगी दिव्य दर्शनम् है — एक भव्य लाइट और साउंड शो, जिसमें सद्गुरु योग की उत्पत्ति की कथा सुनाते हैं। यह अनुभव स्थल पर मौजूद हजारों लोगों और ऑनलाइन देख रहे लाखों दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति देता है।
रात 12 बजे सद्गुरु महामंत्र दीक्षा कराएंगे और ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 3:40 बजे) में विशेष ध्यान सत्र का मार्गदर्शन करेंगे, जिसका उद्देश्य साधकों को “अंतर की विशाल शून्यता” का अनुभव कराना है।
महाशिवरात्रि का यह आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन चुका है। ईशा योग केंद्र में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने या ऑनलाइन देखने वाले सभी लोगों के लिए महाशिवरात्रि 2026 एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव होगा।
यह 12 घंटे का कार्यक्रम 15 फरवरी को शाम 6 बजे (IST) से सद्गुरु के यूट्यूब चैनलों और प्रमुख मीडिया नेटवर्क पर 24 भाषाओं में लाइव प्रसारित किया जाएगा।
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