India's new e-passport: यूएई में रह रहे भारतीयों के लिए क्या है खास?
India’s new e-passport : भारत ने अपने नागरिकों के लिए नई पीढ़ी का बायोमेट्रिक ई-पासपोर्ट शुरू किया है, जिसे Indian Embassy in Abu Dhabi और Consulate General of India in Dubai के माध्यम से जारी किया जाएगा. यूएई में रहने वाले बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों (NRIs) के लिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रक्रिया में एक अहम बदलाव साबित हो सकता है.
यह नया ई-पासपोर्ट भारत सरकार के Passport Seva Programme (PSP) 2.0 के तहत अक्टूबर 2025 से लागू किया जाएगा.
नया ई-पासपोर्ट पारंपरिक पासपोर्ट जैसा दिखता है, लेकिन इसके अंदर एक सुरक्षित RFID (Radio Frequency Identification) चिप लगी होती है.
इस चिप में धारक की: डिजिटल फोटो,फिंगरप्रिंट जैसे बायोमेट्रिक डेटा,एन्क्रिप्टेड पहचान संबंधी जानकारी और सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहती है.
पासपोर्ट के कवर पर बना छोटा गोल्डन चिन्ह यह दर्शाता है कि उसमें चिप मौजूद है. यह तकनीक International Civil Aviation Organization (ICAO) के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है, जिससे यह दुनिया भर के ऑटोमेटेड बॉर्डर कंट्रोल सिस्टम के साथ संगत है.
यूएई और भारत के बीच अक्सर यात्रा करने वाले प्रवासियों के लिए यह ई-पासपोर्ट इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज और सुरक्षित बनाएगा. पहचान वेरिफिकेशन अधिक सुरक्षित होगा,फर्जी दस्तावेज़ों पर रोक लगेगी,ऑटोमेटेड इमिग्रेशन गेट्स पर तेजी से प्रोसेसिंग संभव होगी, चिप में डेटा Public Key Infrastructure (PKI) सिस्टम के जरिए सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्ट रहता है, जिससे इमिग्रेशन अधिकारी तुरंत और सुरक्षित सत्यापन कर सकेंगे.
28 अक्टूबर 2025 से यूएई में सभी पासपोर्ट आवेदन स्वतः ई-पासपोर्ट के रूप में प्रोसेस किए जाएंगे.
प्रक्रिया इस प्रकार है:
आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
नया आवेदन या री-इश्यू विकल्प चुनना
ICAO मानकों के अनुसार फोटो और दस्तावेज अपलोड करना
दुबई या अबू धाबी स्थित BLS केंद्र पर अपॉइंटमेंट बुक करना
नवीनीकरण (बिना किसी बदलाव) की स्थिति में सिस्टम पहले से उपलब्ध जानकारी स्वतः भर देता है, जिससे ऑनलाइन प्रक्रिया दो मिनट से भी कम समय में पूरी हो सकती है.
फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और छोटी-मोटी सुधार BLS केंद्र पर बिना अतिरिक्त शुल्क के कराए जा सकते हैं.
हाँ. बिना चिप वाले मौजूदा पासपोर्ट उनकी वैधता समाप्त होने तक मान्य रहेंगे. भारतीय मिशनों ने स्पष्ट किया है कि केवल ई-पासपोर्ट जारी होने के कारण अतिरिक्त बायोमेट्रिक देने की आवश्यकता नहीं होगी, यदि पहले ही बायोमेट्रिक जमा किया जा चुका है. नया ई-पासपोर्ट भारत की यात्रा सुरक्षा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यूएई में रह रहे भारतीयों के लिए यह भविष्य की सुरक्षित और तेज़ यात्रा व्यवस्था की तैयारी जैसा है.
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