Teerth Yatra

Sawan में Varanasi घूमने का प्लान? 3 दिन में करें Kashi Vishwanath दर्शन, खास Aarti और Banarasi Food का पूरा अनुभव

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। ऐसे में अगर आप इस Sawan में Varanasi यानी काशी जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह यात्रा किसी सामान्य tourist trip से बिल्कुल अलग हो सकती है। सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और गंगा घाटों पर धार्मिक माहौल और भी गहरा हो जाता है। इसके साथ ही Banarasi food, पुरानी गलियों और घाटों की रौनक इस यात्रा को यादगार बना देती है।

अगर आपके पास सिर्फ तीन दिन हैं, तो भी आप Varanasi के प्रमुख मंदिरों, Ganga Aarti, Kashi Vishwanath की खास Aarti, प्रसिद्ध Banarasi food और शहर की संस्कृति का अच्छा अनुभव ले सकते हैं। हालांकि सावन के दौरान भीड़, traffic restrictions और monsoon के कारण Ganga के बढ़े जलस्तर को देखते हुए itinerary में थोड़ा flexibility रखना जरूरी है।

Day 1: Old Banaras की गलियां, Banarasi Food और Ganga Aarti|| Day 1: The streets of Old Banaras, Banarasi food, and Ganga Aarti

तीन दिन की Varanasi trip का पहला दिन बहुत ज्यादा packed रखने की जरूरत नहीं है। आप late afternoon से अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। पहला दिन Banaras की गलियों, स्थानीय खान-पान और Ganga Aarti के अनुभव के नाम रखें।

शाम से पहले Godowlia की तरफ पहुंचकर Old City की गलियों में घूमना शुरू करें। यहां आपको Banarasi culture को करीब से देखने का मौका मिलेगा। सावन में यहां भक्तों की भीड़ और धार्मिक गतिविधियां सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा दिखाई दे सकती हैं।

Banaras पहुंचकर traditional thandai का स्वाद लेना भी यात्रा का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके बाद Kashi Chaat Bhandar में tamatar chaat और aloo tikki का स्वाद लिया जा सकता है। Banarasi food की खासियत को महसूस करने के लिए यह एक अच्छा पड़ाव हो सकता है।

Dashashwamedh Ghat पर देखें Ganga Aarti || Watch the Ganga Aarti at Dashashwamedh Ghat

शाम होते-होते Dashashwamedh Ghat की तरफ निकलें। सावन के दौरान Ganga Aarti देखने के लिए काफी भीड़ हो सकती है, इसलिए बहुत देर से पहुंचने के बजाय पहले ही घाट की ओर बढ़ना बेहतर रहेगा।

Monsoon में गंगा का जलस्तर और प्रशासन की व्यवस्थाएं बदल सकती हैं, इसलिए उस दिन लागू arrangements का पालन करना जरूरी है। Ganga Aarti के बाद Godowlia, Chowk और Old Banaras की गलियों में पैदल घूम सकते हैं।

दिन खत्म करने से पहले Banarasi paan का स्वाद लेना न भूलें। Kashi Vishwanath Temple का दर्शन पहले दिन के बजाय अगले दिन के लिए रखना बेहतर रहेगा, ताकि आप सुबह पर्याप्त समय के साथ मंदिर पहुंच सकें।

Day 2: Kashi Vishwanath दर्शन से लेकर Sapt Rishi Aarti तक || Day 2: From Kashi Vishwanath Darshan to Sapt Rishi Aarti

तीन दिन की Varanasi यात्रा में दूसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण हो सकता है। इस दिन का मुख्य आकर्षण Shri Kashi Vishwanath Temple रहेगा। सावन में मंदिर में भारी भीड़ रहती है, खासकर Sawan Monday के दिन। इसलिए सुबह जितनी जल्दी संभव हो, दर्शन के लिए निकलना बेहतर है।

Kashi Vishwanath के दर्शन के बाद पास स्थित Annapurna Temple जा सकते हैं। इसके बाद Kaal Bhairav Temple का रुख करें। धार्मिक मान्यताओं में Kaal Bhairav को Kashi का Kotwal यानी नगर का रक्षक माना जाता है।

मंदिरों के दर्शन के बाद Banarasi breakfast का समय है। The Ram Bhandar में kachori-sabzi और jalebi का स्वाद लिया जा सकता है। इसके बाद Laxmi Chai Wala में chai के साथ makkhan toast या toast-malai का मजा लिया जा सकता है।

अगर अभी भी appetite हो तो Kachauri Gali स्थित Blue Lassi में lassi का स्वाद लिया जा सकता है। हालांकि तीनों जगहों का खाना एक साथ खाने के बजाय इन्हें सुबह के अलग-अलग हिस्सों में बांटना बेहतर होगा।

शाम को Sapt Rishi Aarti का अनुभव || Evening experience of Sapt Rishi Aarti

सुबह मंदिरों और पुरानी गलियों में घूमने के बाद दोपहर में कुछ घंटे आराम के लिए रखें। सावन में लंबी queues, walking और भीड़ के कारण थकान हो सकती है।

शाम को अगर confirmed booking है तो Kashi Vishwanath Temple में Sapt Rishi Aarti में शामिल हो सकते हैं। नियमित schedule के अनुसार Sapt Rishi Aarti शाम 7 बजे से 8:15 बजे तक होती है और ticket holders को लगभग 6:30 बजे प्रवेश की सलाह दी जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका listed ticket price 300 रुपये है।

Sapt Rishi Aarti में सात priests अलग-अलग gotras का प्रतिनिधित्व करते हुए एक साथ पूजा करते हैं। मंदिर परंपरा के अनुसार इसे 750 साल से अधिक पुरानी परंपरा माना जाता है।

Day 3: Assi Ghat से BHU तक, फिर Shringar-Bhog Aarti || Day 3: From Assi Ghat to BHU, then Shringar-Bhog Aarti

तीसरे दिन Varanasi के southern circuit को explore किया जा सकता है। सुबह की शुरुआत Assi Ghat से करें। यहां कुछ समय घाट के वातावरण को महसूस करने और आसपास घूमने के लिए रखें।

फिलहाल अगर boating suspended है, तो boat ride को itinerary में शामिल न करें। Ganga का water level और local administration के निर्देश समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए यात्रा के दौरान latest local restrictions की जानकारी जरूर रखें।

Assi Ghat के बाद Sankat Mochan Hanuman Temple जाएं। इसके बाद Durga Kund Temple और Tulsi Manas Temple का रुख किया जा सकता है। इसके बाद Banaras Hindu University यानी BHU परिसर स्थित New Vishwanath Temple भी देखा जा सकता है।

Terracotta Cafe में करें आराम से Brunch || Relax and have brunch at Terracotta Cafe

लगातार मंदिर दर्शन के बाद Terracotta Cafe near Assi में breakfast या brunch के लिए रुक सकते हैं। यह जगह traditional Banarasi food trail से थोड़ा अलग contemporary cafe experience देती है। यहां local artisans द्वारा तैयार handcrafted clay utensils में food और beverages परोसे जाने की खासियत भी देखने को मिलती है।

दोपहर के बाद कुछ घंटे आराम या Banarasi silk और saree shopping के लिए रखें। इसके बाद रात में वापस Kashi Vishwanath क्षेत्र की ओर जा सकते हैं।

अगर booking confirmed है तो रात में Shringar/Bhog Aarti में शामिल हो सकते हैं। नियमित published timing के मुताबिक यह Aarti रात 9 बजे से 10:15 बजे तक होती है और listed ticket price 300 रुपये है।

इस तरह तीन दिनों में आपको Varanasi के तीन अलग-अलग धार्मिक अनुभव मिल सकते हैं—पहले दिन Dashashwamedh Ghat की Ganga Aarti, दूसरे दिन Sapt Rishi Aarti और तीसरे दिन Shringar/Bhog Aarti।

Kashi Vishwanath में कौन-कौन सी Aarti होती है? || Which Aartis take place at Kashi Vishwanath?

Shri Kashi Vishwanath Temple में कई Aarti आयोजित की जाती हैं। नियमित schedule के मुताबिक Mangala Aarti सुबह 3 बजे से 4 बजे तक, Mid-Day Bhog Aarti सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक, Sapt Rishi Aarti शाम 7 बजे से 8:15 बजे तक, Shringar/Bhog Aarti रात 9 बजे से 10:15 बजे तक और Shayan Aarti रात 10:30 बजे से 11 बजे तक होती है।

Listed ticket rates के अनुसार Mangala Aarti के लिए 500 रुपये और Mid-Day Bhog, Sapt Rishi तथा Shringar/Bhog Aarti के लिए 300 रुपये का शुल्क है, जबकि Shayan Aarti free बताई गई है। हालांकि सावन के दौरान schedule और arrangements में बदलाव संभव हैं, इसलिए यात्रा से पहले official temple portal पर जानकारी verify करना जरूरी है।

Aarti की booking कब करें || When should I book Aarti?

अगर आपकी Varanasi यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसी खास Aarti में शामिल होना है, तो मौके पर पहुंचकर booking कराने के भरोसे न रहें। Travel dates confirm होते ही Shri Kashi Vishwanath Temple के official portal पर availability check करना बेहतर है।

Mangala Aarti के लिए सामान्य booking अगले 30 दिनों के लिए प्रतिदिन सुबह 11 बजे खुलती है। इसके अलावा Tatkal quota भी उपलब्ध है, जिसकी booking अगले दिन के लिए सुबह 11 बजे खुलती है।

अन्य Aarti के pages पर भी General और Tatkal availability दिखाई जा सकती है, लेकिन हर Aarti के लिए booking rules एक जैसे मान लेना उचित नहीं होगा। इसलिए अपनी चुनी हुई Aarti के लिए official portal पर उपलब्ध तारीख, quota और instructions जरूर देखें।

Sawan 2026 में VIP Darshan को लेकर क्या है अपडेट || What’s the update on VIP Darshan in Sawan 2026?

अगर आप Sawan 2026 में Kashi Vishwanath जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी खास तौर पर ध्यान रखने वाली है। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक Kashi Vishwanath Temple में VIP और protocol darshan को suspended किया गया है।

ऐसे में श्रद्धालुओं को general arrangements के अनुसार दर्शन की योजना बनानी होगी। खासकर Sawan Monday पर भीड़ काफी अधिक हो सकती है और सामान्य दर्शन में कई घंटे लग सकते हैं। इसलिए किसी दूसरे कार्यक्रम, train या flight का समय तय करते हुए पर्याप्त buffer रखना जरूरी है।

Varanasi में क्या खाएं? Banarasi Food की पूरी लिस्ट || What to eat in Varanasi? Complete list of Banarasi food

Varanasi की यात्रा Banarasi food के बिना अधूरी मानी जा सकती है। तीन दिन में शहर के कई famous food spots को itinerary में शामिल किया जा सकता है, लेकिन सभी dishes एक ही दिन खाने की कोशिश न करें।

सुबह The Ram Bhandar में kachori-sabzi के साथ jalebi का स्वाद लिया जा सकता है। इसके बाद Chowk के Laxmi Chai Wala में makkhan toast और chai का combination try करें। Toast-malai भी यहां एक option हो सकता है।

Godowlia का Kashi Chaat Bhandar tamatar chaat के लिए जाना जाता है। यहां aloo tikki भी try की जा सकती है। इसके बाद Kachauri Gali में Blue Lassi का स्वाद लिया जा सकता है।

Varanasi पहुंचकर Banarasi thandai का स्वाद लेना भी इस food trail में शामिल किया जा सकता है। अगर आप कुछ traditional और ज्यादा filling खाना चाहते हैं तो baati chokha भी try कर सकते हैं।

वहीं Assi के पास Terracotta Cafe traditional food से अलग एक relaxed cafe experience दे सकता है। यात्रा के दौरान Banarasi paan के लिए भी समय निकालें।

Sawan में Varanasi घूमते समय इन बातों का रखें ध्यान || What to eat in Varanasi? Complete list of Banarasi food …

सावन में Varanasi घूमना सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक challenging हो सकता है। Godowlia, Kashi Vishwanath, Dashashwamedh Ghat, Chowk और Old City के कई हिस्सों में पैदल चलना पड़ सकता है। गलियां संकरी हैं और crowd-control के लिए vehicle access पर restrictions भी लग सकती हैं।

E-rickshaw और auto शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच जाने में मददगार हो सकते हैं। हालांकि हर temple या ghat के entrance तक car या cab से पहुंचने की उम्मीद न रखें।

Comfortable footwear इस यात्रा में बेहद जरूरी है। साथ ही हर activity के बीच पर्याप्त समय रखें। Map पर दो जगहों की दूरी कम दिखने का मतलब यह नहीं है कि सावन की भीड़ में आप वहां जल्दी पहुंच जाएंगे।

अगर आपके तीन दिनों में Sawan Monday पड़ रहा है, तो उस दिन बहुत ज्यादा sightseeing plan न करें। Kashi Vishwanath दर्शन के लिए पर्याप्त समय रखें और बाकी activities को flexible रखें।

तीन दिन में ऐसे पूरा करें Varanasi का Sawan Trip || Complete your Varanasi Sawan trip in three days like this

इस तरह तीन दिन की यात्रा में आप Varanasi के धार्मिक, सांस्कृतिक और culinary तीनों रंगों को करीब से देख सकते हैं। पहले दिन Ganga Aarti और Old Banaras, दूसरे दिन Kashi Vishwanath और Sapt Rishi Aarti और तीसरे दिन Assi Ghat, southern temples, BHU और Shringar/Bhog Aarti को शामिल किया जा सकता है।

सावन में Kashi की यात्रा का सबसे जरूरी नियम यही है कि itinerary को बहुत ज्यादा tight न रखें। भीड़, दर्शन में लगने वाला समय, मौसम और local restrictions को ध्यान में रखते हुए flexible plan बनाएं। इससे यात्रा में जल्दबाजी कम होगी और आपको Banaras को सिर्फ tourist destination की तरह नहीं, बल्कि उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक धड़कन के साथ महसूस करने का मौका मिलेगा।

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