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Mahakumbh 2025 : रेलवे चलाएगा 13,000 ट्रेनें, कुंभ मेले में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

Mahakumbh 2025 :  भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम- महाकुंभ 2025 के लिए तैयार है. 50 दिनों से ज़्यादा की अवधि के लिए, रेलवे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 13,000 ट्रेनें चलाएगा. कुल ट्रेनों में से 3,000 स्पेशल ट्रेनें हैं. भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 40 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं के महाकुंभ 2025 में शामिल होने की उम्मीद है.

महाकुंभ 2025 के लिए ट्रेनें || Trains for Maha Kumbh 2025

रेलवे 10,000 से ज़्यादा नियमित और 3000 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा. इन 3,000 स्पेशल ट्रेनों में से 1800 ट्रेनें छोटी दूरी के लिए, 700 ट्रेनें लंबी दूरी के लिए और 560 ट्रेनें रिंग रेल पर चलाई जाएंगी.

रिंग रेल योजना प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज, प्रयागराज-संगम प्रयाग-जौनपुर-प्रयाग-प्रयागराज, गोविंदपुरी-प्रयागराज-चित्रकूट-गोविंदपुरी और झांसी-गोविंदपुरी-प्रयागराज-मानिकपुर-चित्रकूट-झांसी मार्गों के लिए तैयार की गई है.

560 टिकटिंग पॉइंट || 560 ticketing points

रेलवे नौ रेलवे स्टेशनों पर 560 टिकटिंग पॉइंट भी स्थापित कर रहा है. इन काउंटरों से प्रतिदिन लगभग 10 लाख टिकट वितरित किये जा सकते हैं. नौ रेलवे स्टेशनों में शामिल हैं- प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी, प्रयागराज छिवकी, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम और झूंसी.

महाकुंभ 2025 में भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे के सभी हिस्सों से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस के 18,000 से अधिक जवानों को ड्यूटी पर प्रयागराज लाया जा रहा है. प्रयागराज जंक्शन पर छह बिस्तरों वाला एक निगरानी कक्ष बनाया गया है, जहां यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर, ईसीजी मशीन, ग्लूकोमीटर, नेबुलाइजर और स्ट्रेचर जैसे सभी प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं.

कुंभ मेला 2025 || Kumbh Mela 2025

भारत के आध्यात्मिक हृदय प्रयागराज में भारत और विदेश से 450 मिलियन से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है. इस साल महाकुंभ मेले को खास बनाने वाली बात यह है कि यह महाकुंभ हर 144 साल में एक बार ही होता है. यह हर 12 साल में होने वाले 12 पूर्ण-कुंभों का समापन है.

महाकुंभ 2025 ट्रेनें || Mahakumbh 2025 trains

वहीं आपको बता दें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिसंबर में महाकुंभ के लिए 13,000 ट्रेनें चलाने की घोषणा की थी. उन्होंने गैर-एसी कोचों के लिए 2:3 और एसी कोचों के लिए 1:3 का अनुपात बनाए रखते हुए आर्थिक रूप से कमजोर और अन्य दोनों पर संतुलित ध्यान देने की बात कही.

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