Uttarakhand Char Dham Yatra 2026: आज से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा
Uttarakhand Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 इस साल 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. पवित्र अक्षय तृतीया के दिन से यात्रा का शुभारंभ होगा. राज्य सरकार ने यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं और आज 6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हिमालय की गोद में स्थित चार पवित्र धाम-यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे.
6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन || Online Registration from 6th March
यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है. श्रद्धालु registrationandtouristcare.uk.gov.in पोर्टल या Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा और इसका उद्देश्य केवल यात्रियों की संख्या को व्यवस्थित करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
चारों धाम के कपाट खुलने की तिथियां || Dates for the opening of the Char Dham gates
चारधाम यात्रा के दौरान अलग-अलग तिथियों पर मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे.
यमुनोत्री और गंगोत्री – 19 अप्रैल
केदारनाथ – 22 अप्रैल
बद्रीनाथ – 23 अप्रैल
वहीं सिख श्रद्धालुओं के प्रमुख तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि बाद में घोषित की जाएगी.
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा || Facility for offline registration as well
जो श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए ऑफलाइन काउंटर भी बनाए जाएंगे। कुल 50 रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 30 ऋषिकेश और 20 विकासनगर (देहरादून) में होंगे। ये काउंटर 17 अप्रैल से 24 घंटे खुले रहेंगे. इसके अलावा हरिद्वार के ऋषिकुल ग्राउंड और ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में भी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होगी. बिना आधार कार्ड वाले यात्री भी इन केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे.
यात्रा मार्गों पर बेहतर सुविधाएं || Better facilities on travel routes
सरकार ने यात्रा मार्गों पर सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। रास्तों में नियमित अंतराल पर पीने का पानी, सार्वजनिक शौचालय और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही मुख्य और वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत और सुधार का काम भी किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो.
वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड अनिवार्य || Trip card mandatory for vehicles
यात्रा के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड अनिवार्य किया गया है. इसमें यात्रियों, ड्राइवर और वाहन मालिक की जानकारी, मोबाइल नंबर और लाइसेंस संबंधी विवरण दर्ज होंगे. इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी.
बसों की विशेष व्यवस्था || Special arrangement of buses
चारधाम यात्रा के लिए परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. यात्रा के दौरान करीब 1800 बसें चलाई जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रखी जाएंगी. प्रतिदिन लगभग 130 बसें यात्रा मार्गों के लिए रवाना होंगी, जबकि यात्रा के सबसे व्यस्त 10 दिनों में करीब 1300 बसें संचालन में रहेंगी.
सरकार की अपील || Government’s appeal
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराएं और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारु बनाना है और इसके लिए किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जा रहा है.
धार्मिक महत्व || Religious significance
चारधाम यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. हर साल लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ इस कठिन लेकिन पवित्र यात्रा पर निकलते हैं.

