Amritsar Tourist Spots: ठंड के मौसम में घूमने का भी अपना एक अलग ही मजा है। क्योंकि न तो इसमें तेज धूप से झुलसने का डर होता है और न चपटपा खाना खाने से एसिडिटी बनती है। बस सर्द हवाएं और हल्की-हल्की धूप आपके मूड को बेहतरीन बनाने के लिए काफी होती हैं। लेकिन सवाल ये है कि इस ठंड हवाएं यानी की सर्दी के मौसम में कहां घूमा जाए वो भी कम बजट में? अगर आप भी इन्हीं सवालों के जवाब को जानना चाह रहे हैं तो आपको हमारी ये स्टोरी बेहद पसंद आने वाली है। क्योंकि हम आपके लो बजट में आपको एक ऐसी जगह की सैर करने जा रहे हैं जहां जाकर आपका दिन बज जाएगा। तो आपके सस्पेंस को यहीं खत्म करते हुए हम आपको बता दें कि हम आपको पंजाबियों के शहर यानी की अमृतसर का दीदार कराने वाले हैं। तो बिना देरी किए पढ़िए नीचे की कहानी-
अमृतसर पंजाब राज्य का एक शहर है। अमृतसर को पंजाब का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र शहर माना जाता है। अमृतसर को पवित्र कहने के पीछे वजह है वहां बना गुरुद्वारा है। दरअसल सिखों का सबसे बड़ा गुरुद्वारा स्वर्ण मंदिर अमृतसर में ही है।
अगर आपने अभी तक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के दर्शन नहीं किए है तो आप कुछ खो रहे है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ऐसा खूबसूरत गुरुद्वारा आपको कहीं देखने को नहीं मिलेगा। इस गोल्डन टेंपल को देखने और दर्शन करने के लिए सिर्फ सिख लोग ही नहीं बल्कि हर धर्म के लोग यहां आते हैं। अमृतसर की सबसे खास बात ये है कि ये स्वर्ण मंदिर यानी की गोल्डन टेंपल के इर्द-गिर्द ही बसा है।
हमने आप को अमृतसर की सबसे फेमस जगह गोल्डन टेंपल के बारे में बताया जोकि शायद आपको पहले से भी पता हो, लेकिन अब हम आपको अमृतसर के कुछ ऐसी जगहों पर घुमाने लेकर चलेंगे जिनके बारे में शायद ही आप जानते हो।
जलियांवाला बाग स्वर्ण मंदिर से ज्यादा दूरी पर नहीं बल्कि सिर्फ 1 किलोमीटर की दूरी पर ही है। बता दें कि 1951 में इस जगह पर हुई हत्याकांड की याद में एक स्मारक बनाया गया था। दरअसल 13 अप्रैल 1919 में अंग्रेजों ने सभा कर रहे निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं और सैकड़ों बेगुनाह लोगों की जानें चलीं गईं।
अगर आप अमृतसर गए हैं तो बाघा बार्डर जाना बिलकुल भी मत भुलिएगा। बाघा बार्डर स्वर्ण मंदिर से महज 30स किलोमीटर की दूरी पर ही है। यह भारत और पाकिस्तान के बीच बना एक मात्र सड़क मार्ग है। यहां हर रोज बड़े तदाद में लोगों का तांता लगा रहता है। यहां दोनों ही देशों के जवान देशभक्ति का प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं।
यह मंदिर बिलकुल स्वर्ण मंदिर की तरह ही बाहर से नजर आता है। इस मंदिर में मां दुर्गा की पूजा की जाती है। दुर्गियाना मंदिर स्वर्ण मंदिर से करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर ही बना हुआ है। यहां दूर्गा मां के साथ-साथ लक्ष्मी-नारायण और हनुमान जी की भी पूजा होती है।
यह खास म्यूजियम लायन ऑफ पंजाब के नाम से मशहूर महाराजा रंजीत सिंह को समर्पित है। महाराजा रंजीत सिंह ने मुगलों के हाथ से पंजाब के एक बड़े हिस्से को छुड़ाने का काम किया था। इस म्यूजियम में महाराजा रंजीत सिंह की बहादुरी और शौर्य से भरपूर गतिविधियों को दिखाया गया है
यह मस्जिद गांधी गेट के नजदीक हॉल बाजार में स्थित है। नमाज के समय यहां बहुत भीड़ होती है। इस समय इसका पूरा प्रागंण नमाजियों से भरा होता है। उचित देखभाल के कारण भारी भीड के बावजूद इसकी सुन्दरता में कोई कमी नहीं आई है। यह मस्जिद इस्लामी भवन निर्माण कला की जीती जागती तस्वीर पेश करती है मुख्य रूप से इसकी दीवारों पर लिखी आयतें। यह बात ध्यान देने योग्य है कि जलियांवाला बाग सभा के मुख्य वक्ता डॉ सैफउद्दीन किचलू और डॉ सत्यपाल इसी मस्जिद से ही सभा को संबोधित कर रहे थे।
यह नॉर्दर्न इंडिया का सबसे बड़ा वेटलैंड (दलदली जमीन) है। इसे हरिके पत्तन भी कहा जाता है। ये जगह अमृतसर से करीब 60 किमी दूर है। यहां कई सांप, कछुए, मछलियों और पक्षियों की कई प्रजातियां दिखने को मिलती हैं।
हमने आपको बताया अमृतसर की फेमस जगहों के बारे में और उनकी खासियत के बारे में। आइए अब जानते हैं अमृतसर तक कैसे पहुंचा जाए-
हवाई सफर- अमृतसर का राजा सांसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिटी सेंटर से 11 किलोमीटर दूर है। यह दिल्ली, चंडीगढ़, अहमदाबाद, जम्मू, श्रीनगर और मुंबई से वेल कनेक्टेड है।
रेल यात्रा- अमृतसर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, भोपाल, अहमदाबाद, कोलकाता, आगरा, चंडीगढ़ समेत कई शहरों से कनेक्टेड है। दिल्ली से अमृतसर की ट्रेन जर्नी 6-9 घंटे की है।
सड़क यात्रा- अपने साधन से भी ग्रैंड ट्रंक रोड द्वारा आसानी से अमृतसर पहुंचा जा सकता है। बीच में विश्राम करने के लिए रास्ते में सागर रत्ना, लक्की ढाबा और हवेली अच्छे रस्तरां है। यहां पर रूककर कुछ देर आराम किया जा सकता है और खाने का आनंद भी लिया जा सकता है। इसके अलावा दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे से भी अमृतसर के लिए बसें जाती हैं।
दोस्तों, कैसे हैं आप सभी? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे Tawang से Zemithang गांव… Read More
Monsoon Diet मानसून में कुछ सब्जियां खाने से Food Poisoning और पेट के संक्रमण का… Read More
Sawan 2026 Date: जानें सावन 2026 कब से कब तक रहेगा। पढ़ें सावन सोमवार (Shravan… Read More
Jagannath Rath Yatra 2026: जानिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथों का आध्यात्मिक… Read More
Nuranang Waterfall (Jang Falls) in Tawang: जानिए नूरानंग वॉटरफॉल का इतिहास, 1962 भारत-चीन युद्ध से… Read More
Tilak Benefits: क्या अलग-अलग उंगलियों से तिलक लगाने का अलग महत्व होता है? जानिए धार्मिक… Read More