जानें, Hawa Mahal के बारे में कुछ रोचक तथ्य और किस महीने में जाना चाहिए हवा महल

नई दिल्ली. हवा महल Hawa Mahal जयपुर में स्थित एक राजशाही महल है। लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों से बनाया गया यह महल सिटी पैलेस, jaipur के किनारे पर स्थित है। हवा महल को अंग्रेजी भाषा में “द पैलेस ऑफ विंड्स” या “द पैलेस ऑफ ब्रीज” कहा जाता है। महाराजा सवाई जय सिंह के पोते, महाराजा सवाई प्रताप सिंह, जोकि जयपुर के संस्थापक थे, उन्होनें 1799 में हवा महल का निर्माण किया करवाया था। वह खेतड़ी महल की अनूठी संरचना से इतने प्रेरित थे कि उन्होंने इस भव्य और ऐतिहासिक महल का निर्माण किया।

बाहर से मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखता है हवा महल

इस महल को लाल चंद उस्ताद ने डिजाइन किया था। इस महल की पांच मंजिल है जोकि बाहर से एक मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखाई देती है, इसकी 953 बेहद खूबसूरत और आकर्षक छोटी-छोटी जालीदार खिड़कियां हैं, जिन्हें झरोखा कहते हैं।। जालीदार डिजाइन की खिड़की बनाने का मूल एक उद्देश्य यह था कि राजघराने की महिलायें नीचे सड़कों पर रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाले समारोह व गलियारों में होने वाली गतिविधियों को देख सके।, क्योंकि उन्हें “घूंघट” के नियमों का सख्त का पालन करना होता था। ऐसा कहा जाता था कि वह राजा को छोड़कर किसा भी परए मर्द को अपना चेहरा नहींं दिखा सकती थीं।

झरोखों से हमेशा आती है ठंडी हवा

“वेंचुरी प्रभाव” के कारण इन जटिल संरचना वाले जालीदार झरोखों से हमेशा ठंडी हवा, महल के भीतर आती रहती है, जिसके कारण भीषण गर्मी में भी महल हमेशा ठंडा रहता है। बहुत से लोग हवा महल को सड़क के दृश्य से देखते हैं और सोचते हैं कि यह महल के सामने है, लेकिन वास्तव में यह उस संरचना के पीछे है।

 

किस महीने में जाए हवा महल घूमने

सर्दियों के मौसम में आप जयपुर घूमने आ सकते हैं। नवंबर की शुरुआत से फरवरी के बीच तक का समय पर्यटकों का पीक सीजन होता है। सुहावने मौसम के साथ आप यहां एक नहीं बल्कि कई प्राचीन इमारतों की यात्रा सुकून से कर पाएंगे। हवा महल को देखने का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक है। हालांकि इस इमारत को निहारने का सबसे सही समय सुबह का है जब सूर्य की सुनहरी किरणें इस शाही इमारत पर पड़ती हैं। ये नजारा हवा महल को और भी भव्य रूप देता है। हवा महल म्यूजियम शुक्रवार को बंद रहता है, इसलिए बेहतर है कि हवा महल को अन्य दिनों में देखने जाएं।

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 कैसे जाएं हवा महल

जयपुर शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित हवा महल राष्ट्रीय और विदेशी पयर्टकों को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित करता है। महल के म्यूज़ियम में संरक्षित प्राचीन कलाकृतियां एक समृद्ध अतीत, सांस्कृतिक विरासत और राजपूतों के शानदार जीवनशैली की झलक दिखाई देती है।

ट्रेन से हवा महल तक पहुंचने के लिए पहले आपको जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा। यहां के लिए ट्रेन हर बड़े और प्रमुख स्टेशनों से मिल जाएगी। जयपुर स्टेशन से हवा महल तक पहुंचने के लिए आप टैक्सी या कैब की मदद ले सकते हैं। यहां पहुंचने में आपको 18 मिनट का समय लगेगा।

अगर आप सड़क मार्ग से हवा महल पहुंचना चाह रहे हैं तो बता दें कि राजस्थान भारत के सभी प्रुमुख हिस्सों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। भारत के कई प्रमुख शहरों से जयपुर के लिए बसें उपलब्ध हैं।
लेकिन अगर आप फ्लाइट से जा रहे हैं तो मुंबई, उदयपुर, दिल्ली, कोलकाता और अन्य शहरों से जयपुर के लिए फ्लाइट उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट से हवा महल तक पहुंचने में आपको लगभग 30 मिनट लगेंगे।

हवा महल जाने से पहले जरूर रखे इन बातों का ख्याल

हवा महल को शांतिपूर्ण और बिना किसी भीड़-भाड़ के घूमना चाहते हैं तो सुबह जल्दी चले जाएं। अगर दोपहर बाद हवा महल पहुंचेंगे तो आपको भीड़ मिल सकती है, तब ज्यादा देर हवा महल को रूककर देखने का मौका भी नहीं मिलता। इसलिए बेहतर है सुबह जल्दी हवा महल देखने पहुंचें।

हवा महल में सीढिय़ां नहीं है, ऊपर की मंजिलों पर पहुंचने लिए चढ़ान है, इसलिए आरामदायक फुटवियर ही पहनें।
हवा महल जाते वक्त अपने साथ पानी की बोतल लेकर जरूर जाएं।
यहां दीवारों बहुत छोटी हैं, इसलिए सावधानी बरतें और सभी नियमों का पालन करें।
हवा महल के आसपास आप सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, रामनिवास गार्डन, चांदपोल और गोविंद जी मंदिर देख सकते हैं।

2006 में महल के नवीकरण शुरू हुआ काम

2006 में, महल पर नवीकरण का काम शुरू किया गया था, 50 साल के के बाद, स्मारक को 4.568 मिलियन रुपये की अनुमानित लागत पर एक नया रूप देने के लिए। कॉर्पोरेट सेक्टर ने जयपुर के ऐतिहासिक स्मारकों को संरक्षित करने के लिए  के लिए यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने को दिया गया।

Komal Mishra

मैं कोमल... तो चलिए अपनी लेखनी से आपको घुमाती हूं... पहाड़ों की वादियों में और समंदर के किनारे