Travel Tips and Tricks

Okhla Bird Sanctuary : जाने से पहले जान लें ये काम की बातें

Okhla Bird Sanctuary : दिल्ली में 3 .5 किमी में फैला हुआ ओखला बर्ड सैंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) देशी और प्रवासी दोनों तरह के पक्षियों के लिए स्वर्ग की तरह है। ये सैंक्चुरी नोएडा में दिल्ली की सीमा पर यमुना नदी के तट पर बनी हुई है जहां से ये नदी उत्तर प्रदेश के लिए बहती है।

इस सैंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) की मुख्य विशेषता यहां की झील है और जिसका निर्माण यमुना नदी पर बांध बनाकर किया गया है। जल का भराव ओखला गांव के पश्चिम में और गौतम बुद्ध नगर के पूर्व में है।

रिकार्ड्स के अनुसार ये झील प्रवासी पक्षियों की 319 प्रजातियों को आकर्षित करती हैं जिनमें से लगभग 50% तिब्बत, यूरोप और साइबेरिया जैसे ठंडे क्षेत्रों से इस हिस्से की गर्म जलवायु के लिए आते हैं।

 

ये यहां पर नवम्बर में जब सर्दी शुरू होती है तब आते हैं और मार्च में जब गर्मी शुरू होती है तब इस स्थान को छोड़कर चले जाते हैं। ओखला बर्ड सैंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) सन् 1874 से पक्षी प्रेमियों के लिए एक पसंदीदा स्थल रहा है।

ऐसा कहते हैं कि यहां पर मिलने वाली पक्षियों की प्रजातियों में से 20 प्रजातियां आमतौर पर पानी में रहने वाली हैं, 44 पेड़ों पर और जमीन पर रहने वाली प्रजातियां है, जबकि 43 प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां हैं।

इसके अलावा यहां पर नील गाय, जैकाल, रैप्टाइल्स भी आपको काफी सारे दिखाई देते हैं। वैसे तो ये बर्ड सैंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) सुबह के साढ़े सात के आसपास खुल जाती है। इस सैंक्चूरी को असल में एंजॉय करने का असली वक्त तो सुबह का ही है।

क्योंकि एक शांत सवेरे में इन पक्षियों की आवाजें साफ और बहुत ही मधुर सुनाई देगी। यहां पर बर्ड वॉचर्स और पक्षियों से प्यार करने वालों के अलावा देश और विदेश से आने वाले सैलानियों की भी अच्छी-खासी भीड़ देखी जा सकती है।

यहां पर स्टूडेंट्स और रिसचर्स भी काफी बड़ी तादाद में आते हैं। इसके अलावा बड़े पैमाने पर आपको वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर्स अपना बड़ा बेहतरीन सा कैमरा लिए सब्र करके एक खूबसूरत से फ्रेम के इंतजार में बैठे हुए दिखाई देंगे।

आपको बता दें कि गर्मियों में यहां से प्रवासी पक्षी तले जाते हैं, लेकिन वो सर्दियों में फिर से इस सेंक्चुअरी में आ जाते हैं, ये पूरी सेंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) उन्हीं की खूबसूरती की वजह से जानी जाती है। जिससे साफ होता है कि यहां पर आने का असली वक्त सर्दियों में आता है.

तो आप अगर कभी भी ओखला बर्ड सेंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) में जाने का मन बनाएं तो नवंबर से मार्च तक यहां पर जाएं। यहां आकर बच्चे काफी मस्ती करते हैं।

इस पूरी सेंक्चुरी ( Okhla Bird Sanctuary ) में अलग अलग जगहों पर आपको पक्षियों के खाने के लिए चीजें मिल जाएगी इसके लिए यहां के कर्मचारियों के द्वारा अलग से इंतजाम किया जाता है और पक्षियों के खाने का प्रबंध करते हैं।

यहां पर पानी में छोटी मछलियां रख दी जाती है, जिससे की अगर कोई भी पक्षी वहां पर आए तो वो भूखा ना रहे। अक्सर पक्षी सुबह का खाना खा कर एक जगह पर जमा हो जाते हैं और वहां पर आराम करने लगते हैं। वो ऐसी जगह को चुनते हैं जहां पर पानी थोड़ा कम हो।

इस सेंक्चुरी में सिर्फ अलग-अलग तरह के पक्षी ही नहीं है बल्कि 188 तरह के पेड़-पौधे भी है। जो सबी को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। इनमें अलग अलग तरह की ह्रब्स, श्रब्स, शामिल है।

यहां पर आपको ऐसे पक्षी तो देखने को मिलेंगे जो आपने पहले अपनी पूरी जिंदगी में कभी नहीं देखें होंगे साथ ही आपको ऐसे पेड़-पौधे भी मिल जाएंगे, जिनके बारे में आप ज्यादा नहीं जानते होंगे।

 

ओखला बर्ड सैंक्चुरी की टिकट || Okhla Bird Sanctuary Tickets Price

इस बर्ड सेंक्चुरी में जाने के लिए आपको एक मामूली सा शुल्क देना होगा। जो कि भारतीय नागरिकों के लिए 30 रुपये हैं और विदेशी नागरिकों के लिए ये शुल्क 350 रुपये है। वहीं यहां पर अलग अलग चीजों के अलग अलग शुल्क है।

अगर आप यहां पर स्टिल कैमरा से फोटो लेना चाहते हैं तो इसके लिए 500 रुपये भारतीयों के लिए और 1000 रुपये विदेशी लोगों का शुल्क है। वहीं डिजिटल कैमरे का शुल्क भारतीय नागरिकों के लिए 5 हजार और विदेशियों के लिए 10 हजार है।

वहीं कुछ लोग होते हैं जिन्हें इस बर्ड सेंक्चुरी पर फिल्म या डॉक्यूमेंट्री बनानी होती है तो इसके लिए भी अलग से शुल्क देना होता है। आपको बता दें कि डॉक्युमेंट्री फिल्म के लिए हर दिन का 25 हजार रुपये का शुल्क लगता है तो वहीं फिल्म के लिए एक भारतीय नागरिक को एक दिन का एक लाख औऱ विदेशी नागिरकों को डेढ़ लाख रुपये देना होता है।

आपको यह जानकारी कैसी लगी, हमें ज़रूर बताएं. ऐसे ही दिलचस्प ब्लॉग के लिए फ़ॉलो करें, Travel Junoon ब्लॉग को और सब्सक्राइब करें, हमारे Youtube Channel (Travel Junoon) को

Recent Posts

Datia Railway Station : दतिया रेलवे स्टेशन (DAA), इतिहास, सुविधाएं और प्रमुख ट्रेनें

Datia Railway Station : दतिया रेलवे स्टेशन मध्य प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है.… Read More

20 hours ago

Siddheshwar Temple Jhansi: आस्था, इतिहास और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

Siddheshwar Temple Jhansi सिद्धेश्वर मंदिर झांसी बुंदेलखंड का एक प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर है. आइए… Read More

20 hours ago

Virangana Lakshmibai Jhansi Junction VGLJ Railway Station : झांसी के रेलवे स्टेशन की पूरी जानकारी

Virangana Lakshmibai Jhansi Junction VGLJ Railway Station : झांसी के रेलवे स्टेशन की पूरी जानकारी… Read More

20 hours ago

Jhansi Mein Ghumne ki 10 Jaghen : झांसी में घूमने की 10 जगहें

Jhansi Mein Ghumne ki 10 Jaghen: उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर झांसी में घूमने की… Read More

5 days ago

Basant Panchami 2026 : सरस्वती पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और महत्व

Basant Panchami 2026 : बसंत पंचमी 2026 कब है और इससे जुड़ी जानकारियां क्या क्या… Read More

1 week ago