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Sinquerium Travel Guide – भीड़भाड़ के पास होने पर भी सिंक्वेरिम (Sinquerium) में बहुत शांति है जो गोवा आने वालों को यहां के पार्टी जोन ओर बीचों के शोर से दूर रहने में सहायता करती है। सिंक्वेरिम (Sinquerium) बीच राजधानी पणजी से 13 किलोमीटर और उत्तरी गोवा के प्रसिद्ध पार्टी जोन, कैंडोलिम बीच से कुछ ही दूरी पर है। यहां पर पहुंचना बहुत आसान है। ये बीच बहुत शांत है जहां बहुत ही सीमित वॉटर स्पोर्टस हैं, ज्यादा एजेंट आपको परेशान नहीं करते हैं और अद्भुत नजारें भी देखने को मिलते हैं।
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पिकनिक के लिए आप यहां से 2 किलोमीटर दूर अरवलम झरने पर जा सकते हैं। 50 मीटर ऊंचे अरवलम झरने से पर्वतों का निर्मल पानी गिरता है। धार्मिक यात्रियों के लिए ये झरना रुद्रेश्वर मंदिर के पास है। यहां आने पर आप पास ही में स्थित अरवलम गुफाएं भी देख सकते हैं जो कि बहुत लंबी नहीं हैं।
एक बार फिर सिंक्वेरिम (Sinquerium) की बात करें तो इस बीच पर बहुत सारी शैक हैं जिनमें से अधिकतर पर सस्ती शराब और गोवा का लजीज खाना मिलता है। कैंडोलिम से सिंक्वेरिम (Sinquerium) पहुंचना बहुत ही आसान है जहां पर टैक्सी और रिक्षा उपलब्ध रहते हैं। पणजी से आप उत्तर दिशा की ओर जाने वाली बस या टैक्सी ले सकते हैं। आप पणजी से किराए पर बाइक लेकर भी सिंक्वेरिम (Sinquerium) और आसपास के तटों जैसे कैंडोलिम, अंजुना, बागा और कैलेंग्यूट तक जा सकते हैं।
अर्यालेम गुफाएं
गोवा के सिंक्वेरिम (Sinquerium) शहर में सभी ओर से अनेक पर्यटक आते हैं परंतु यहां पर पहुंचने वाले रास्ते से कुछ हटकर जाने पर आप स्वयं को राजसी अर्यालेम गुफाओं के बीच पायेंगे जिन्हें पांडव गुफाओं के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि अपने 12 सालों के निष्कासन के दौरान पांडव (हिंदू पौराणिक कथाओं के पात्र यहां पर रहे थे। यहां की वास्तुकला और मूर्तिकला से संबंधित बात करने के लिये कुछ भी नही है क्योंकि ये गुफाएं अपेक्षकृत छोटी हैं। इनका निर्माण छठीं सदी में हुआ और इसका निर्माण किसने किया ये अभी निश्चित नहीं है।
कुछ लोगों का ये विश्वास है कि इन गुफाओं का मूल बौद्ध धर्म है लेकिन दीवारों पर लिंग की उपस्थिति भ्रम उत्पन्न करती है। लेटराईट पत्थर और इन गुफाओं की वास्तुकला की बौद्ध वास्तुकला से समानता हमें ये मानने पर मजबूर करती हैं कि अर्यालेम गुफाएं शायद बौद्ध हैं। पुरातत्वविद इन गुफाओं में सातवीं शताब्दी में पाए गए कुछ संस्कृत शिलालेखों की खोज भी कर रहे हैं।
अर्यालेम गुफाओं के पौराणिक महत्व के कारण अक्सर हिंदू पर्यटक इस गुफाओं का दौरा करते हैं लेकिन फिर भी लाल ईंटों की ये गुफाएं औसत पर्यटकों के लिये विस्मयकारी रूप से प्रेरणादायक हैं। ये स्थान पिकनिक के लिये एक आदर्श स्थान है जहां पर आप एक दोपहर बिता सकते हैं और इन गुफाओं के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठा सकते हैं।
सिंक्वेरिम ( Sinquerium ) जाने के लिए सबसे बेहतरीन वक्त सर्दियों का होता है, यानी की आप कह सकते हैं कि नवंबर से लेकर मार्च तक के महीनों में आप कभी भी इस जगह पर जा सकते हैं। हालांकि आप जाने को तो बाकी महीनों में भी सकते हैं, लेकिन नवंबर से मार्च के बीच में यहां का मौसम अपने सबसे बेस्ट पर होता है और नजारें भी खूब प्यारे लगते हैं।
सिंक्वेरिम (Sinquerium) जाने के लिए आपको किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि ये गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट से ज्यादा दूर नहीं है। आप हवाई मार्ग से देश के अलग अलग हिस्सों से फ्लाइट लेकर आसानी से यहां आ सकते हैं। आपको हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही टैक्सी बहुत ही आसानी से मिल जाएगी।
इसके अलावा आपको अगर ट्रेन से यहां आना है तो उसके लिए भी आपको किसी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आप रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही आसानी से वाहन ले सकते हैं जो आपको यहां पर छोड़ देगा। इसके अलावा अगर आप सड़क मार्ग से आना चाहते हैं, तो आप बस और रोड ट्रिप के जरिये आसानी से पहुंच सकते हैं।
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