GNWL, TQWL, RLWL, PQWL: क्या है भारतीय रेलवे के इन कोड्स का मतलब?

भारतीय रेलवे में जब भी आप अपनी टिकट को बुक करते हैं तो इसके लिए आपको कई तरह की शॉर्ट फॉर्म को समझना पड़ता है, जैसे कि GNWL, TQWL, RLWL, RSWL, RQWL और PQWL टिकट में लिखा रहता है। ये ज्यादातर वेटिंग लिस्ट से जुड़े शब्द होते हैं, जिन्हें हम पड़कर कंफ्यूज हो जाते हैं। और समझने लगते हैं कि इनका मतलब क्या होता है? ज्यादातर लोग इन्हें देखकर परेशान हो जाते हैं और वो समझ नहीं पाते कि क्या उनकी वेटिंग की टिकट कंफर्म होगी या नहीं। तो इसी परेशानी को हल करने के लिए ट्रेवल जुनून आपके सामने लाया है ये लेख जिसमें हम जानेंगे कि इन शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब होता है और इनमें टिकट बुक होने की क्या संभावनाएं रहती है।

सबसे पहले बात करते हैं GNWL कि टिकट पर इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब होता है जनरल वेटिंग लिस्ट। आपकी टिकट में ये तब लिखा जाता है, जब यात्री किसी रूट के प्रारंभिक स्टेशन या उसके आस-पास के स्टेशनों से यात्रा शुरू करता है। वेटिंग लिस्ट में ये कोड सबसे सामान्य होता है और इस किस्म के टिकट कन्फर्म होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।

इसके अलावा आपने कई बार अपनी टिकट पर RLWL लिखा हुआ देखा होगा इसका मतलब होता है रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट। इस श्रेणी की टिकट उन स्टेशनों के लिए जारी किए जाते हैं, जो कि ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशन और आखिरी स्टॉपेज के बीच में कहीं होते हैं। इन्हें इंटरमीडिएट स्टेशंस भी कहते हैं, जो कि उस रूट पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण कस्बे और शहर होते हैं। ये टिकट अलग प्राथमिकता पर रखे जाते हैं। इनके कंफर्म होने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि रिमोट लोकेशन वाले स्टेशन के लिए कराया गया कंफर्म टिकट कैंसल होगा या नहीं। रिमोट लोकेशन वाले स्टेशन ट्रेन के रवाना होने से 2-3 घंटे पहले अपना चार्ट तैयार करते हैं और इस श्रेणी के वेटिंग टिकट कंफर्म होने की सबसे कम संभावना होती है।

PQWL- ये गिने-चुने छोटे स्टेशनों के लिए पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट जारी किया जाता है। आमतौर पर ये किसी रूट के शुरुआती स्टेशन से ही संचालित होता है और उस सफर के दौरान एक ही पूल्ड कोटा होता है। इसमें उन यात्रियों को वेटिंग टिकट दिया जाता है, जो कि ट्रेन रूट के शुरुआती स्टेशन से किसी नजदीक के स्टेशन, इंटरमीडिएट स्टेशन या दो इंटरमीडिएट स्टेशनों तक सफर करते हैं।

RLGN– रिमोट लोकेशन जनरल वेटिंग लिस्ट तब लिखा जाता है, जब यात्री टिकट बुक करता है और वहां पर वेटिंग लिस्ट कोटा, रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट होता है। यानी कि टिकट बुक होने के बाद रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट का नाम बदलकर रिमोट लोकेशन जनरल वेटिंग लिस्ट हो जाता है।

RSWL– रोडसाइड स्टेशन वेटिंग लिस्ट टिकट पर तब लिखा होता है जब बर्थ या सीटें शुरुआती स्टेशनों से रोडसाइड स्टेशन या उसके पास पड़ने वाले स्टेशनों के लिए बुक कराई जाती हैं। इस वेटिंग टिकट में भी कंनर्फेशन की संभावनाएं काफी कम ही रहती है।

RQWL– ये टिकट जब किसी इंटरमीडिएट स्टेशन से दूसरे इंटरमीडिएट स्टेशन तक के लिए बुक कराई जाती है और अगर वो सामान्य कोटे, रिमोट लोकेशन कोटा या पूल्ड कोटा के अंतर्गत नहीं आती है तो उस रिक्वेस्ट को रिक्वेस्ट वेटिंग लिस्ट में भेज दिया जाता है।

TQWL तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट को पहले CKWL भी कहा जाता था। साल 2016 में इसका नाम बदल दिया गया था। दरअसल,  TQWL तत्काल कोटे की ही वेटिंग लिस्ट है। चार्ट बनने से पहले अगर तत्काल कोटे का कन्फर्म टिकट कैंसल कराया जाता है, तो TQWL टिकट अपने आप लिस्ट में ऊपर की तरफ आ जाता है। इस श्रेणी में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट का विकल्प नहीं मिलता है।

आपको बता दें कि चार्ट तैयार किए जाने के दौरान जनरल वेटिंग लिस्ट को तत्काल वेटिंग लिस्ट से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है, जिसका मतलब हुआ कि तत्काल वेटिंग लिस्ट वाली टिकटों के कंफर्म होने की संभावना इनके मुकाबले में काफी कम ही रहती है। ऐसे में तत्काल वेटिंग में टिकट होने के दौरान आखिरी वक्त तक इंतजार करें। अगर टिकट कंफर्म नहीं होगा तो वो खुद-ब-खुद कैंसल ही हो जाएगा और इसके बाद में आपको उसका रिफंड भी मिल जाएगा।


News Reporter
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