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Goa Tour Blog – Calangute Beach पर खराब हो गया मोबाइल, आप मत करना ऐसी गलती

Goa Tour Blog – दोस्तों, गोवा की यात्रा ( goa tour ), हमारे लिए एक ड्रीम डेस्टिनेशन जैसी होती है. दोस्तों की टोली हो या पति-पत्नी की केमेट्री, गोवा टूर ( goa tour ) सभी की फेवरिट लिस्ट में शामिल रहता है. इस ब्लॉग में आप गोवा टूर ( goa tour ) के मेरे अनुभव के बारे में जानेंगे. गोवा की अपनी यात्रा के अनुभव मैं पहले भी ब्लॉग ( goa tour blog ) के माध्यम से आपसे शेयर कर चुका हूं लेकिन इस ब्लॉग ( goa tour blog ) में, मैं आपसे एक ऐसी जानकारी शेयर करूंगा जो आपके लिए बेहद काम की है. गोवा यात्रा ( goa tour ) में क्या करें और क्या न करें, ये ब्लॉग ( goa tour blog ) ऐसी ही जानकारी से भरा हुआ है.

दरअसल, ट्रैवल के ड्रीम डेस्टिनेशन की मेरी लिस्ट में गोवा का नाम था. हालांकि, मैंने इस तरह से गोवा की यात्रा ( goa tour blog ) कभी नहीं सोची थी, जिस तरह से मैं वहां गया. दरअसल, हुआ ये कि एक दिन अचानक से मेरे दोस्त अमित का फोन आया. अमित ने कहा कि वह फैमिली के साथ गोवा टूर ( goa tour blog ) प्लान कर रहे हैं और अगर मैं अपनी फैमिली लेकर चलूं तो मजा दोगुना हो जाएगा. फिर क्या था, मैंने वाइफ से बात की, वाइफ ने भी शेड्यूल में थोड़ा चेंज किया और प्लान फिक्स हो गया. अब बात थी ऑफिस का शेड्यूल फिक्स करने की. ऑफिस में, 5 छुट्टी से मेरा काम हो जाना था. बस क्या था, चुटकी में ये वाला काम भी हो गया.

अब मैं फ्लाइट और वहां पहुंचने की कहानी को स्किप करता हूं. हां, एक बात और, ट्रिप से पहले मेरे भाई ने मुझे एक ब्रैंड न्यू मोबाइल गिफ्ट किया था. मैं बड़ी एक्साइटमेंट में था. सोचा तो था कि इस मोबाइल से ढेर सारी तस्वीरें खींचूंगा लेकिन ऐसा हो न सका. अब सीधा मुद्दे पर आता हूं. हमारा रिसॉर्ट, कलंगुट बीच ( calangute beach ) के पास ही था. हम दोनों दोस्तों ने अगले दिन वहां पहुंचने का प्लान किया था. गोवा पहुंचते भी हमें रात हो ही गई थी. अगले दिन, हम सभी ने ब्रेकफास्ट किया. इसके बाद बच्चा पार्टी को लेकर कलंगुट बीच ( calangute beach ) निकल लिए. बीच का रास्ता वॉकिंग ही था. सो, हम चहलकदमी करते हुए, मस्ती करते हुए, वहां पहुंच गए.

हम कलंगुट बीच ( calangute beach ) पहुंचे ही थे कि बीच से पहले एक शॉप से हमने स्वीमिंग कॉस्ट्युम्स ले लिए. बिटिया के लिए हैट भी ली और रेत से खेलने के लिए ढेर सारे खिलौने भी. अब जैसे ही मैंने और वाइफ से सामने समंदर की लहरें और समंदर का विशाल संसार देखा, हम हतप्रब हो गए. ये हमारी लाइफ में गोवा का पहला एक्सपीरियंस था. मैं तो 4-5 बार मुंबई जा चुका था लेकिन वाइफ अभी तक किसी भी तटीय शहर में नहीं गई थी. सो, हम दोनों दीवाने से हो गए थे.

कलंगुट बीच ( calangute beach ) पर पहले तो रेत पर लिखाई-पढ़ाई की और फिर सीने तक पानी में जा पहुंचे. इससे पहले, हम बिटिया को किनारे पर बैठा चुके थे. वह अपने खिलौनों के साथ, रेत में बिजी हो गई. हमने अपने दोनों मोबाइल वहीं एक पॉलिथिन में रख दिए. हमें क्या पता था कि समंदर की ऊफान मारती लहरें ऐसी भी गुस्ताखी कर डालेंगी. हम मजे से झूम रहे थे, मस्ती कर रहे थे. काफी देर मजे करने के बाद, हमने अमित के फोन से अपने लिए तस्वीरें भी खिंचवाई. अमित, अपनी फैमिली के साथ बाहर ही एक रेस्टोरेंट में बैठे थे. अब हम थोड़ा और किनारे की तरफ बढ़ चुके थे. अब हम, कार्यक्रम समाप्त कर ही रहे थे कि समंदर की एक जोरदार लहर आई जो मोबाइल वाली पॉलिथिन, बिटिया के खिलौने बहा ले गई. खिलौने और मोबाइल बहा नहीं लेकिन पानी में डूबकर बाहर आ गया.

ये सामान किनारे पर तो थे लेकिन वहां लहर तीव्रता से नहीं पहुंच सकी थी इसलिए ये बहे नहीं. हालांकि अब जो हुआ, उसकी कल्पना हमने कभी नहीं की थी. हमारे दोनों मोबाइल में समंदर का नमकीन पानी प्रवेश कर चुका था. मेरा ब्रैंड न्यू मोबाइल और वाइफ का मोबाइल, दोनों ही नहीं खुल रहे थे. मैंने पूर्व के एक अनुभव पर काम करते हुए, दोनों ही फोन को ऑफ किया और रिसॉर्ट में लेकर आया. लेकिन जब शाम तक दोनों फोन चालू नहीं हुए तो मेरी हालत पतली होने लगी.

दोनों फोन खराब, फ्लाइट की टिकट उसी में थी. अब क्या करते. कुछ समझता उससे पहले भागते भागते मार्केट पहुंचा. वहां एक मोबाइल की दुकान पर दोनों मोबाइल दिखाए. मेरा नया फोन पूरी तरह बेकार हो चुका था. जैसे ही ये पता चला, मेरी हालत काटो तो खून नहीं वाली हो गई थी. हालांकि, दुकानदार ने जैसे ही ये कहा कि वाइफ का फोन सही हो जाएगा, मेरी सांस में सांस आई. दोस्तों, जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं जब सचमुच आपको लगता है कि चमत्कार होते हैं. यकीन मानिए, उस दिन भी ऐसा ही लगा. ऐसा महसूस हो गया कि ये कोई चमत्कार ही था.

मैंने उन दुकानदार भैया को भी धन्यवाद किया. फोन ठीक करवाया और दौड़कर रिसॉर्ट आया. वाइफ को भी जैसे ही ये खबर दी, उसकी जान में भी जान आ गई. अब एक मोबाइल चल चुका था और हम जीवन का एक सबक भी सीख चुके थे. मोबाइल जैसे चीज को कितना सहेजना है, हमें इसका एक अमर ज्ञान प्राप्त हो चुका था. हालांकि दोस्तों, ये भी कहना चाहूंगा कि अगर मेरा दोस्त अमित उस ट्रिप में न होता तो आज उस टूर की एक भी तस्वीर हमारे पास न होती. वाइफ के मोबाइल का कैमरे बेहद अच्छी क्वॉलिटी का नहीं था और पूरे ट्रिप में हम अमित के फोन से ही फोटो खिंचवाते रहे. तो सीख भी मिली और साथ भी.

इस अद्भुत ब्लॉग ( goa tour blog ) को पढ़ने के बाद अपने अनुभव को हमसे ज़रूर शेयर करें. आपको ये ब्लॉग कैसा लगा, ज़रूर बताएं. अगले ब्लॉग में, मैं आपसे गोवा में स्कूटी किराए पर लेने की बात शेयर करूंगा. साथ ही, आप साइट पर गोवा लिखकर मेरे बाकी अनुभवों ( goa tour blog ) को भी पढ़ सकते हैं.

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