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Visiting Place Near Central secretariat : राज घाट से लेकर इंडिया गेट तक कई जगहें हैं घूमने के लिए मशहूर केंद्रीय सचिवालय के पास

Visiting Place Near Central secretariat  : सचिवालय भवन या केंद्रीय सचिवालय वह जगह है जहां कैबिनेट सचिवालय स्थित है, जो भारत सरकार का प्रशासन करता है.  अंग्रेजों ने देश की राजधानी को पुरानी दिल्ली से नई दिल्ली में ट्रांसफर करने वाले वर्तमान राष्ट्रपति भवन और आसपास के 2 ब्लॉकों का निर्माण किया. 1929-30 में सचिवालय भवन बनकर तैयार हुए जो हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया, इसमें 2 ब्लॉक, उत्तर और दक्षिण शामिल हैं. प्रत्येक ब्लॉक एक गुंबद से घिरा हुआ है जो 217 फीट ऊंचा है.

केंद्रीय सचिवालय के आस-पास कई महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं. रायसीना हिल, नई दिल्ली में स्थित, सचिवालय भवन राजपथ की महान धुरी के विपरीत किनारों पर सममित भवनों (नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक) के दो ब्लॉक हैं, और राष्ट्रपति भवन (राष्ट्रपति भवन) की तरफ हैं. 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर  हम आपको सचिवालय भवन के आस-पास घूमने के बारे बताने जा रहे हैं.

राज घाट || Raj Ghat

राज घाट हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद में बनाया गया एक राष्ट्रीय मंदिर है. यमुना नदी के किनारे काले संगमरमर का यह साधारण चौकोर चबूतरा वह स्थान है जहां महात्मा गांधी का अंतिम संस्कार किया गया था. उनके अंतिम शब्द “हे राम” मंच पर खुदे हुए हैं जो एक बगीचे से घिरा हुआ है. राज घाट के अलावा, इस स्थान पर अन्य राष्ट्रीय नेताओं की स्मृति में कई मंदिर बनाए गए हैं.

अक्षरधाम || Akshardham

यमुना के तट के पास स्थित अक्षरधाम (दिल्ली अक्षरधाम या स्वामीनारायण अक्षरधाम के रूप में भी जाना जाता है), बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था आध्यात्मिक संगठन द्वारा निर्मित एक विशाल मंदिर परिसर है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के रूप में इसका नाम दर्ज है. मंदिर जटिल नक्काशीदार बलुआ पत्थर और संगमरमर से निर्मित एक वास्तुशिल्प चमत्कार है. इसके अलावा, मंदिर स्वामीनारायण की जीवन शिक्षाओं पर प्रदर्शनियों का आयोजन करता है और हर दिन शाम  को एक म्यूजिक फाउंटेन और लाइट शो भी आयोजित होता है.

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बिरला मंदिर || Birla Mandir

1983 में निर्मित बिरला मंदिर लक्ष्मी नारायण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है जो भगवान विष्णु को समर्पित है. इसकी बनावट पुराने उड़ीशियाई मंदिरों के समान, मुख्य मंदिर में संगमरमर की मूर्ति विष्णु या नारायण (संरक्षक) और लक्ष्मी (धन की देवी) हैं. दोनों ओर अलग-अलग मंदिरों में देवी दुर्गा और भगवान शिव की मूर्तियां स्थापित हैं.

लोटस टेम्पल || Lotus Temple

लोटस टेम्पल के नाम से लोकप्रिय बहाई हाउस ऑफ उपासना कनॉट प्लेस से 12 किमी दक्षिण पूर्व में एक खूबसूरत बगीचे के बीच 26.6 एकड़ के क्षेत्र में बहापुर पहाड़ी पर स्थित है. यह मंदिर के अंदर शांतिपूर्ण और ठंडा है, जहां कोई भी ध्यान कर सकता है या चुपचाप प्रार्थना कर सकता है. रात में जगमगाते मंदिर का नजारा शानदार होता है.

नेशनल वॉर म्यूजियम || National War Museum

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक एक ऐसा स्मारक है जोकि अपने सशस्त्र बलों को सम्मानित करने के लिए नई दिल्ली के इंडिया गेट के पास के क्षेत्र में बनाया गया है. आप सभी यह तो जानते हैं कि इंदिरा गांधी जी के कार्यकाल में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए इंडिया गेट के पास अमर ज्योति जलाई गई थी, जोकि 24 घंटे जलती रहती थी. अब इंडिया गेट के पास ही उन शहीदों के सम्मान में इस स्मारक की रचना की गई है. फरवरी 2019 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा इसका उद्घाटन किया गया है.

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मुगल गार्डन || Mughal Garden

राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के परिसर में यह मुगल गार्डन स्थित है. दिल्ली में स्थित इस मुगल गार्डन को लेडी हार्डिंग के कहने पर वास्तुकार सर एडमिन लुटियंस ने इस गार्डन को डिजाइन किया था. 13 एकड़ के बड़े क्षेत्र में फैला यह गार्डन चार भागों में बटा हुआ है.इस मुगल गार्डन में अनेकों फूलों की कई वैरायटी देखी जा सकती हैं.

इस गार्डन में बने गार्डन में की गई पुरानी कलाकृति यहां की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है मुगल गार्डन आप पूरे साल में यहां कभी भी घूमने नहीं जा सकते, यहां घूमने जाने का समय फिक्स किया गया है.पार्क केवल फरवरी से मार्च के बीच ही कुछ दिनों के लिए खोला जाता है. यह गार्डन पब्लिक के लिए लगभग 6 फरवरी से लेकर 14 मार्च तक खुला रहता है फिर इसके बाद इसे बंद कर दिया जाता है.

राष्ट्रपति भवन || President’s House

राष्ट्रपति भवन विशाल इमारत को बनाने में 17 साल लगे थे. ब्रिटिश कालीन भारत से लेकर आजाद भारत तक इस इमारत ने कई इतिहास रचे हैं राष्ट्रपति भवन के तीन हिस्से हैं, जहां आम आदमी जा सकता है और घूम सकता है. पहला राष्ट्रपति भवन का फर्स्ट सर्किट है, जहां आम नागरिक राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत, अशोक हॉल, दरबार हॉल, लाइब्रेरी, ड्रॉइंग रूम और नवाचार इत्यादि चीजें देख सकते हैं.

दूसरे सर्किट में म्यूजियम का हिस्सा है, जहां आम नागरिक राष्ट्रपति भवन का म्यूजियम देख सकते हैं. तीसरा सर्किट राष्ट्रपति भवन के खूबसूरत गार्डन यानी बागीचे का है. जब मुगल गार्डन खुलता है, तभी आम नागरिक और सैलानी इसे देखने के लिए जा सकते हैं. राष्ट्रपति भवन घूमने के लिए सैलानियों को ऑनलाइन बुकिंग करनी होती है. इसके लिए राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट http://rashtrapatisachivalaya.gov.in/rbtour/ है. इस लिंक के जरिए आप राष्ट्रपति भवन घूमने के लिए बुकिंग करा सकते हैं.

इंडिया गेट || India Gate

इंडिया गेट 70,000 भारतीय सैनिकों के बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान विदेशी सेना के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान गंवाई थी. यह एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया था, इसमें अमर जवान ज्योति या अमर सैनिक की लौ थी जिसे बाद में भारतीय सम्मान के लिए जोड़ा गया था. इंडिया गेट को भारत के सबसे बड़े युद्ध स्मारकों में गिना जाता है. भरतपुर पत्थर के आधार पर खड़ी, संरचना हरे-भरे लॉन से घिरी हुई है, जो इसे सर्दियों के दोपहर और गर्मियों की शाम के दौरान एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट बनाती है. रात में रोशनी से जगमगाता यह स्मारक आसपास के क्षेत्र में रंगीन फव्वारों के साथ शानदार दिखता है.

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