Major Dhyan Chand Museum Jhansi: इतिहास, टिकट, टाइमिंग और कैसे पहुंचे
Major Dhyan Chand Museum भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को समर्पित एक विशेष म्यूजियम है. इसे दुनिया के सबसे पहले और एशिया के प्रथम हॉकी म्यूजियम में से एक माना जाता है, जहां हॉकी के इतिहास और ध्यानचंद के जीवन को फ़ोटो, मेडल और अनूठी वस्तुओं के माध्यम से दर्शाया गया है. म्यज़ियम झांसी के रानी लक्ष्मीबाई पार्क (Jhokan Bagh) के अंतर्गत स्थित है और यह हॉकी प्रेमियों, इतिहास के शौकीनों और पर्यटन के लिए आने वाले सभी लोगों के लिए एक शानदार स्थान है. इस आर्टिकल में हम जानेंगे झांसी में स्थित मेजर ध्यानचंद म्यूजियम के बारे में विस्तार से…
मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था. वह भारतीय हॉकी के इतिहास में सबसे महान खिलाड़ी माने जाते हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाए, ऐसा रिकॉर्ड जिसने उन्हें “हॉकी का जादूगर” नाम से प्रसिद्ध किया. ध्यानचंद के खेल की खासियत थी उनकी बॉल कंट्रोल क्षमता और गोल करने का अद्भुत अंदाज़. उन्होंने भारतीय टीम के लिए लगभग 570 मैचों में 570 से अधिक गोल किए और अपने पूरे करियर (अंतरराष्ट्रीय व घरेलू) में उनका गोल रिकॉर्ड 1000 से ऊपर था. उनकी उपलब्धियों के कारण भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया था और उनका जन्मदिन 29 अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसके अलावा, भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘Major Dhyan Chand Khel Ratna Award’ उनके नाम पर रखा गया है. यह म्यूजियम इसी महान खिलाड़ी की याद में झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बनाया गया है, जिसे 1 सितंबर 2023 से जनता के लिए खोला गया. यहां ध्यानचंद के जीवन, उनके खेल और भारतीय हॉकी के इतिहास से जुड़ी कई रोचक वस्तुएं प्रदर्शित हैं.
ध्यानचंद के ओलंपिक पदक जिनमें 1928, 1932 और 1936 के स्वर्ण पदक शामिल हैं.
व्यक्तिगत वस्तुएं
ध्यानचंद के हॉकी स्टिक, जर्सी, तस्वीरें और उनकी यादगार चीज़ें, डिजिटल डिस्प्ले और इंटरेक्टिव ज़ोन, यहां आधुनिक तकनीक के ज़रिये ध्यानचंद के जीवन की कहानी, उनके खेल की रणनीति और हॉकी से संबंधित ऐतिहासिक जानकारियां दी जाती हैं. साइक्लोरामा, इंटरएक्टिव गेम्स और होलोग्राफिक सेल्फी स्पेस ये बच्चों और युवा यात्रियों के लिए विशेष रूप से आकर्षक हैं.
म्यूज़ियम की टाइमिंग: दोपहर 12:00 बजे से रात 08:00 बजे तक खुला रहता है.ध्यान दें कि यह समय सप्ताह में उपलब्ध होता है, लेकिन कुछ दिनों में परिवर्तन संभव है,इसलिए यात्रा से पहले पुष्टि कर लें. आप जारी समय का स्थानीय टिकट काउंटर से जानकारी ले सकते हैं.
टिकट || Entry Fees
भारतीय नागरिकों के लिए:
0–5 वर्ष: निःशुल्क
06–12 वर्ष: ₹25 प्रति व्यक्ति
12 वर्ष से अधिक: ₹50 प्रति व्यक्ति
ग्रुप टिकट (10 से अधिक लोग): ₹35/प्रति व्यक्ति
विदेशी नागरिकों के लिए:
0–5 वर्ष: निःशुल्क
06–12 वर्ष: ₹800 प्रति व्यक्ति
12 वर्ष से अधिक: ₹1200 प्रति व्यक्ति
ग्रुप (10 से अधिक): ₹300–₹500 प्रति व्यक्ति
छात्रों के लिए:
मान्य आईडी दिखाने पर ₹25 प्रति विद्यार्थी.
ये दरें स्थानीय प्रशासन द्वारा तय की जाती हैं और समय–समय पर अपडेट हो सकती हैं — यात्रा से पहले पुनः जांच कर लेना बेहतर रहता है.
नजदीकी हवाई अड्डा ग्वालियर एयरपोर्ट है, जो लगभग 103 किमी दूरी पर है.
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख ऑप्शन है, लगभग 321 किमी दूर.
झांसी रेलवे स्टेशन यहाँ का मुख्य ट्रेन स्टेशन है, जो भारत के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है.
यहाँ से आप टैक्सी, ऑटो या बस लेकर म्यूज़ियम पहुंच सकते हैं.
झांसी सड़क मार्ग से आगरा, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, खजुराहो आदि शहरों से बॉर्डर–राजमार्गों के जरिए उत्कृष्ट रूप से जुड़ा हुआ है।
आप राज्य परिवहन बसें, निजी बसें या टैक्सी से भी आसानी से पहुंच सकते हैं।
अगर आप झांसी घूमने आए हैं, तो यहाँ के अन्य प्रमुख आकर्षण भी हैं:
झांसी किला – महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता का प्रतीक.
रानी महल – ऐतिहासिक राजघराना.
Government Museum – पुरातन वस्तुएं और इतिहास की झलक.
हॉकी स्टेडियम और ध्यानचंद पार्क – खेल प्रेमियों के लिए खास.
म्यूज़ियम में अंदर कैमरा/फोटोग्राफी पर नियम लागू हो सकते हैं — प्रवेश से पहले पूछ लें.
दोपहर के समय ज्यादा भीड़ हो सकती है, इसलिए पहले पंक्ति में प्रवेश करें.
स्थानीय गाइड से जानकारी लेने पर इतिहास और प्रदर्शन काफी विस्तार से समझ आता है.
Basant Panchami 2026 : बसंत पंचमी 2026 कब है और इससे जुड़ी जानकारियां क्या क्या… Read More
Jhansi City in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित झांसी एक… Read More
jain temple sonagiri datia मध्य प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक जैन तीर्थ क्षेत्र है. आइए… Read More
Shri Mahalakshmi Temple Jhansi : झांसी के महालक्ष्मी मंदिर का क्या है इतिहास? जानें मंदिर… Read More
Rani Mahal Jhansi History Fact Tour Guide : झांसी का रानी महल महारानी लक्ष्मीबाई के… Read More
Raja Gangadhar Rao ki Chatri : झांसी में स्थित गंगाधर राव की छत्री उनकी मृत्यु… Read More