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Samadhi Sthal of Great Indian Leaders: प्रेरणा देती हैं भारत के महान नेताओं की ये समाधियां

Samadhi Sthal of Great Indian Leaders: भारत में कई महान शख्सियतों ने जन्म लिया है. कई शख्सियतों की जीवनी से हम प्रेरणा भी लेते रहते हैं. कई के जीवन पर फिल्में भी बनाई गई हैं. इस लेख में हम आपके लिए कुछ ऐसी शख्सियतों की समाधियों की जानकारी लेकर आए हैं, जहां जाकर आप जीवन को नई प्रेरणा दे सकते हैं. आइए जानते हैं भारत में कुछ चुनिंदा समाधियों के बारे में जो यहां की महान विभूतियों के निधन के बाद उनकी स्मृति में बनाई गई हैं

Table of Contents

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1. राजघाट, महात्मा गांधी || Rajghat, Mahatma Gandhi

भारतीय इतिहास में ऐसे कई नेता हुए हैं जिन्होंने न केवल अपनी दूरदर्शी सोच से छाप छोड़ी बल्कि दूसरों से अलग सपने भी देखे. ऐसा ही एक नाम जो भारतीय स्वतंत्रता के लिए उनके महान आंदोलनों की सूची में सबसे ऊपर है, वह कोई और नहीं बल्कि महात्मा गांधी हैं.  जिस भूमि पर उन्होंने तन-मन से सेवा की, उसे विशेष स्थान देने के लिए राज घाट नाम से एक स्मारक उसी स्थान पर स्थापित किया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार, उनकी मृत्यु के एक दिन बाद, यानी 31 जनवरी 1948 को किया गया था.

ऐसा माना जाता है कि राज घाट एक ऐतिहासिक घाट का नाम था जो देश से जुड़ा हुआ था.  इसके अलावा, एक राज घाट गेट था जो यमुना नदी के पश्चिम की ओर राज घाट का रास्ता खोलता था. जैसे-जैसे समय बीतता गया, गांधी के स्मारक का नाम राज घाट रखा गया.

वानु जी भूटा वह थे जिन्होंने गांधी के स्मारक के निर्माण में अपना समय दिया था जो कि एक काले संगमरमर का मंच है जो उनके जीवन की सादगी का प्रतीक है और उनके अंतिम शब्दों ‘हे राम’ भी यहां अंकित हैं. भारत की यात्रा पर आने वाली प्रसिद्ध हस्तियां, राजघाट की यात्रा कर वहां स्मारक पर फूल चढ़ाते हैं. महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 की शाम को नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में गोली मारकर की गई थी.

2. विजय घाट, लाल बहादुर शास्त्री || Vijay Ghat, Lal Bahadur Shastri

 

विजय घाट भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का स्मारक है. विजय का अर्थ जीत है और उनके स्मारक का नाम उस जीत के नाम पर रखा गया था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1965 के युद्ध में भारत का नेतृत्व किया था. स्मारक उस स्थान को चिह्नित करता है जहां शास्त्री का अंतिम संस्कार किया गया था और हर साल उनकी जन्म और मृत्यु की वर्षगांठ पर प्रार्थना सेवाएं आयोजित की जाती हैं. इस महान नेता को अपना सम्मान देने के लिए कई अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्राध्यक्ष और अतिथि गणमान्य व्यक्ति विजय घाट जाते हैं.

11 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री की तत्कालीन सोवियत संघ के ताशकंद में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी. वह पाकिस्तान के साथ संधि करने वहां गए थे.

3. किसान घाट, चौधरी चरण सिंह ||  Kisan Ghat, Chaudhary Charan Singh

किसान घाट प्रसिद्ध किसान नेता चौधरी चरण सिंह का स्मारक है. यह यमुना नदी के किनारे और महात्मा गांधी रोड के बीच राज घाट के ठीक बगल में स्थित है. इसे मुख्य रिंग रोड के रूप में भी जाना जाता है.

चौधरी चरण सिंह ने भारतीय राजनीति में कांग्रेस के एकाधिकार को चुनौती दी. उनकी लड़ाई उत्तर भारत के किसानों के लाभ पर केंद्रित थी. इससे उन्हें एक मजबूत समर्थन आधार मिला, जिसने उन्हें भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बनने में मदद की.

धीरे-धीरे उनके प्रयास रंग लाए और वे आपातकाल के दौरान और उसके बाद प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार भी बन गए. चौधरी चरण सिंह पहले उप प्रधान मंत्री बने और फिर 1979 में भारत के प्रधान मंत्री बने.

हालांकि वे प्रधान मंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने में असमर्थ थे, लेकिन 1987 में उनके निधन तक वे राजनीति में एक उल्लेखनीय नेता के रूप में चमकते रहे.

यह विडम्बना ही है, जैसा कि अधिकांश इतिहासकार कहते हैं कि कांग्रेसी नेताओं की नीतियों का विरोध करने वाले चौधरी चरण सिंह का स्मारक उन्हीं नेताओं के स्मारक के बगल में स्थित है जिनका उन्होंने विरोध किया था.

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4. वीर भूमि, राजीव गांधी || Veer Bhoomi, Rajiv Gandhi

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके पुत्र राजीव गांधी भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे. उसके बाद 1989 के आम चुनावों में कांग्रेस की हार हुई.  1991 के आम चुनाव में प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक भयंकर बम विस्फोट में राजीव गांधी की मौत हो गई थी. वीरभूमि राजीव गांधी की समाधि स्थित है. यह दिल्ली के रिंग मार्ग पर आने वाला एक बस स्टॉप भी है.

5. महाप्रयाण, डॉ राजेन्द्र प्रसाद || Mahaprayan, Dr. Rajendra Prasad

डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे. भारत के राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल 26 जनवरी 1950 से 14 मई 1962 तक का रहा. साल 1962 उन्हें ‘भारतरत्‍न’ की सर्वश्रेष्ठ उपाधि से सम्मानित भी किया गया था. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का 28 फरवरी 1963 को निधन हो गया था. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की समाधि पटना के बांसघाट के ‘महाप्रयाण घाट’ पर स्थत हैं.

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6. नारायण घाट, गुलजारीलाल नन्दा || Narayan Ghat – Gulzarilal Nanda

गुलजारीलाल नन्दा भारतीय राजनीतिज्ञ थे. उनका जन्म 4 जुलाई, 1898 को सियालकोट पंजाब, पाकिस्तान में हुआ था. कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित गुलज़ारी लाल नंदाजी दो बार भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाये गए पहली बार पं जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 1964 में और एक बार लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में. उनका निधन 15 जनवरी 1998 को हुआ था.

7. शांति वन, जवाहर लाल नेहरू || Shanti Van, Jawaharlal Nehru

शांतिवन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समाधि स्थल के लिए जाना जाता है. यमुना नदी के किनारे महात्मा गांधी मार्ग पर 52.6 एकड़ के बड़े क्षेत्रों में फैला यह शांतिवन हरे-भरे घास के मैदानों के लिए भी जाना जाता है.

8. शक्ति स्थल , इंदिरा गांधी || SShakti Sthal, Indira Gandhi

शक्ति स्थल भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) का समाधि स्थल है. यह स्थान भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है. इंदिरा गांधी भारत की लगातार 3 बार प्रधानमंत्री रहीं एवं चौथी बार के कार्यकाल में उनकी हत्या कर दी गयी थी.

9. अभय घाट, मोरारजी देसाई  || Abhay Ghat Morarji Desai

यह स्थान भारत के छटवें प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई (Morarji Desai) की समाधि स्थल है यह स्थान अहमदाबाद (गुजरात -Gujarat ) में स्थित है. मोरारजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री थे. भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था.

10. समता स्थल, जगजीवन राम || Samta Sthal,  Jagjivan Ram

यह स्थान भारत के उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की समाधि स्थल है यह स्थान भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है.

11. चैत्रा भूमि, डाँ बी. आर. अम्बेडकर || Chaitya Bhoomi, Dr. B.R. Ambedkar

यह स्थान भारत के संविधान के निर्माता एवं भारत रत्न डॉ बी. आर. अम्बेडकर की समाधि स्थल है. यह स्थान दादर (मुंबई) में स्थित है डॉ बी. आर. अम्बेडकर को बाबा साहब के नाम से भी जाना जाता था.

12. एकता स्थल, ज्ञानी जैल सिंह || Ekta sthal – giani zail singh

देश के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह 25 जुलाई, 1982 को पद की शपथ ली. उनके कार्यकाल में अमृतसर में स्वर्ण मंदिर परिसर में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या प्रमुख घटनाएं हैं. एकता स्थल भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है और इसका अपना राष्ट्रीय महत्व भी है. एकता स्थल दरिया गंज, नई दिल्ली में स्थित है.

13. उदय भूमि, के. आर. नारायणन || Uday Bhoomi – K. R. Narayanan

के. आर. नारायणन भारत के पहले दलित एवं मलयाली दसवें राष्ट्रपति और 9 वें उपराष्ट्रपति थे. उनका जन्म 27 अक्टूबर 1920 में केरल के एक छोटे से गांव में हुआ था. 9 नवम्बर, 2005 को आर्मी रिसर्च एण्ड रैफरल हॉस्पिटल, नई दिल्ली में उनका निधन हो गया.

14. कर्म भूमि, शंकर दयाल शर्मा || Karm Bhoomi, Shankar Dayal Sharma

डॉ. शंकरदयाल शर्मा भारत के 9 वें राष्ट्रपति थे.  उनका कार्यकाल 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक रहा. राष्ट्रपति बनने से पूर्व ये भारत के आठवें उपराष्ट्रपति भी थे, ये भोपाल राज्य के मुख्यमंत्री (1952-1956) रहे। 9 अक्टूबर, 1999 को, उन्हें दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई. कर्म भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

15. स्मृति स्थल, अटल बिहारी वाजपेयी || Memorial Sathal, Atal Bihari Vajpayee

अटल बिहारी वाजपेयी भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे, वह पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक भारत के प्रधान मंत्री थे, और फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे. पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 अगस्त, 2018 को निधन हो गया. राष्ट्रीय स्मृति स्थल (नई दिल्ली) पर वाजपेयी जी का अंतिम संस्कार हुआ.

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