Union Budget 2026: पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा
Union Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026-27 में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत पर खास फोकस किया गया है. उद्योग, पर्यटन, परिवहन और स्वास्थ्य से जुड़े कई नए प्रस्ताव पेश किए गए हैं. संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसी विकास योजना का खाका रखा, जो आर्थिक गतिविधियों को सांस्कृतिक और सामाजिक विकास से जोड़ती है.
ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को मिलेगा दुर्गापुर हब || Durgapur will get a hub under the East Coast Industrial Corridor
बजट की प्रमुख घोषणाओं में ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विकास शामिल है. पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर को इस कॉरिडोर का एक अहम केंद्र (हब) चुना गया है. इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वी भारत में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना है.
सरकार की योजना इस औद्योगिक नेटवर्क को पूर्वोत्तर राज्यों तक विस्तारित करने की भी है, जिससे आने वाले समय में रोजगार और निजी निवेश को समर्थन मिलने की उम्मीद है.
माल ढुलाई को मजबूत करने के लिए बजट में नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का भी प्रस्ताव है. ये कॉरिडोर पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ेंगे, जिससे तेज़ और पर्यावरण के अनुकूल माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा.
पूर्वोदय योजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा || Promoting tourism under the Purvodaya Scheme
पर्यटन को एक प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर के रूप में चिन्हित किया गया है. बजट में पूर्वोदय राज्यों-बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में पांच नए पर्यटन स्थलों के विकास का प्रस्ताव है.
इन पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा.
पूर्वोदय योजना, ‘विकसित भारत’ विज़न का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य देश के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करना है. सरकार का मानना है कि पूर्वी राज्य देश की दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति में बड़ी भूमिका निभाएंगे.
पूर्वोत्तर के लिए बौद्ध सर्किट योजना || Buddhist Circuit Plan for the Northeast
बजट में पूर्वोत्तर भारत के छह राज्यों में बौद्ध सर्किट विकसित करने की नई योजना की घोषणा की गई है. इनमें अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं.
इस योजना के तहत मठों और मंदिरों के संरक्षण, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स की स्थापना और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि यह क्षेत्र बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसका संबंध विभिन्न बौद्ध परंपराओं से जुड़ा है.
परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े अहम कदम ||Important steps related to transportation, health, and education
सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए बजट में 4,000 इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान किया गया है, जो मुख्य रूप से क्षेत्रीय और शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी.
स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तर भारत में एक नया NIMHANS 2.0 संस्थान स्थापित किया जाएगा, जबकि रांची और तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा. इसके अलावा, देशभर के जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर क्षमता में बड़ा इजाफा किया जाएगा.
बजट में 17 कैंसर की दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए राहत बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है.
शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि डिजाइन स्किल्स और उद्योग की जरूरतों को पूरा किया जा सके.
फेज-2 मेट्रो स्ट्रेच अंतिम निरीक्षण के लिए तैयार || Phase-2 metro stretch ready for final inspection
बजट में यह भी संकेत दिया गया है कि फेज-2 मेट्रो परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जल्द ही अंतिम निरीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा, जिससे शहरी परिवहन को और मजबूती मिलेगी.

