Beas Kund Trek : ब्यास कुंड ट्रेक से जुड़ी हर जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी...
Beas Kund Trek : ब्यास कुंड को एक पवित्र झील माना जाता है. ब्यास कुंड, कुल्लू घाटी में स्थित है और ब्यास नदी का मूल स्रोत है. ऐसा माना जाता है कि हनुमान टिब्बा और सेवन सिस्टर्स की गोद में 3,650 मीटर की ऊंचाई पर बसी इस झील के प्राचीन जल में ऋषि व्यास अपना दैनिक स्नान किया करते थे. सोलंग घाटी से होकर ब्यास कुंड तक का रास्ता (Beas Kund Trek) दिल को सुकून देने वाला होता है.
ब्यास कुंड ट्रैक (Beas Kund Trek) हिमालयी क्षेत्र में सबसे आसान ट्रैक में से एक माना जाता है. मनाली के लोकप्रिय हिल स्टेशन से तीन दिनों का एक छोटा ट्रैक है जो 2,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.
ब्यास कुंड ट्रेक (Beas Kund Trek) मनाली से शुरू होता है और सोलंग नाले के माध्यम से 3,150 मीटर की दूरी पर धुंडी की ओर जाता है. धुंडी से मार्ग ऊपर की ओर बकारथच तक जाता है, जो 3,300 मीटर की ऊंचाई पर है और मोराइन पर धीरे-धीरे चढ़ाई के बाद ब्यास कुंड की ओर जाता है.
ब्यास कुंड ट्रैक की दूरी: 16 किमी
ब्यास कुंड ट्रैक ऊंचाई: 12,772 फीट
कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम
बिजली: ट्रैक पर कैंपसाइट लेकिन बिजली नहीं मिलती.
ब्यास कुंड ट्रैक पुरानी मनाली से शुरू होता है और सोलंग घाटी पर खत्म होता है.
समय: ट्रैक सुबह 10:00 बजे (दिन 1) से शुरू होता है और लगभग 2:00 बजे (दिन 3) समाप्त होता है. थाथराना ट्रैक पहुंचने से लेकर साथ में क्या लेकर जाएं, यहां पाएं सारी जानकारी
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गाइड
एक्टिविटी – ट्रैकिंग और कैम्पिंग
आपको पुरानी मनाली के कैंप में जाना होगा, जो कि ट्रैक का शुरुआती बिंदु भी है और यह मनाली के मॉल रोड से लगभग 12 किमी दूर है. मॉल रोड से ओल्ड मनाली पहुंचने के लिए परिवहन के कई स्थानीय साधन और निजी कैब उपलब्ध हैं.
ब्यास कुंड ट्रैक के लिए सबसे अच्छा समय मई और अक्टूबर के बीच है. ट्रैक को आसान और रोमांचकारी बनाने के लिए इस समय मौसम काफी सुहाना रहता है.
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