Bhagsunag Waterfall : मैक्लोडगंज आएं तो जरूर घूमें भाग्सूनाग वाटरफॉल
Bhagsunag Waterfall : अपने ऊचे उंचे-बर्फ से ढके पहाड़, मखमली हरियाली के लिए लोकप्रिय हिमाचल प्रदेश हर वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करता है. एक परफेक्ट हनीमून डेस्टिनेशन से लेकर प्राचीन मन्दिरों का खजाना और एडवेंचर लवर्स के लिए परफेक्ट एंडवेचर डेस्टिनेशन, साथ ही नेचर से प्यार करने वालों के लिए हिमाचल अपनी गोद में ढेरों जगहें समेटे हुए है.
उत्तर भारत गर्मी शुरू होती नहीं कि लोगों की घूमने की प्लानिंग पहले शुरू हो जाती है, अमूमन लोग हिमाचल की वादियों की ओर रुख करना पसंद करते हैं. ये खूबसूरत राज्य हर दो कदम पर पर्यटकों के लिए खजाने छिपाए हुए बैठा है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
अब वो जमाने लद गये जब लोग सिर्फ मनाली, शिमला घूमकर वापस आ जाते थे, अब लोग हिमाचल प्रदेश की नई नई जगहों को घूमना पसंद करते हैं. इसी क्रम में आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं, हिमाचल प्रदेश की बेहद खूबसूरत डेस्टिनेशन भाग्सू से, जोकि भाग्सूनाग वाटरफॉल के नाम से जाना जाता है. भागसुनाग झरना मैक्लोडगंज से 2 किलोमीटर दूरी पर है.
भाग्सुनाग वाटरफॉल शायद धर्मशाला का सबसे फेमस पर्यटन स्थल है. भागसुनाग झरना मुख्य सड़क पर स्थित है. जो मैक्लोडगंज और धर्मशाला को जोड़ता है और परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए परफेक्ट जगह है. यहां का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध भागसुनाथ मंदिर है. झरना धौलाधार घाटी के आधार पर शुरू होता है. नीचे गिरने से पहले, धारा प्रसिद्ध भागसुनाथ मंदिर से भी गुजरती है. भागसु वाटरफॉल मानसून के मौसम में बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है.
सुंदर ताल और हरी-भरी हरियाली से घिरा भागसुनाग मंदिर मैकलोडगंज से 3 कि.मी दूर स्थित सबसे पुराने प्राचीन मंदिरों में से एक है. उसको भागसुनाथ मंदिर भी कहते है. यह पवित्र स्थल गोरखा और हिंदू समुदाय के लिए एक पूजनीय स्थल है. मंदिर के चारों ओर दो कुंड पवित्र हैं और उन्हें उपचार की चमत्कारी शक्तियां माना जाता है. भव्य मंदिर भी डल झील और कोतवाली बाजार जैसे प्रमुख पर्यटक आकर्षणों से घिरा हुआ है. भागसूनाथ मंदिर प्रसिद्ध भागसू झरने के रास्ते में स्थित है.
करेरी झील : ओक और देवदार के पेड़ों के बीच स्थित झील जो आपका मन मोह लेगी.
त्रिउंड : ट्रैकिंग के शौक़ीन लोगो का अड्डा. यहाँ से आगे वैसे भी बर्फ की वादियां से शरू हो जाती है.
डल झील : जी सही सुना आपने डल झील पर कश्मीर वाली नहीं.
नड्डी गांव : बहुत ही खूबसूरत जगह. मैक्लोडगंज से 6 किलोमीटर.
आपको बता दें की मैकलोडगंज का नजदीकी हवाई अड्डा गग्गल हवाई अड्डा है.वह कुछ एयरलाइनों की सीमित उड़ानों से जुड़ा हुआ है. उसके अलावा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मैकलोडगंज के पास का प्रमुख हवाई अड्डा है. वहा से पर्यटक टैक्सी या बसों से बहुत आसानी से मैक्लोडगंज पहुंच सकते हैं.
मैक्लोडगंज का नजदीकी जंक्शन पठानकोट रेलवे स्टेशन है.वह 90 किमी दूर और भारत के कई प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. मैक्लोडगंज जाने वाले पर्यटक दिल्ली और जम्मू के बीच चलने वाली ट्रेनों से जा सकते है. उस रास्ते पर कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेन भी चलती रहती हैं. स्टेशन से टैक्सी या बसों से मैक्लोडगंज पहुंच सकते हैं.
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मैकलोडगंज जाने के लिए राज्य सरकार एव साथ साथ कई निजी बस भी उपलब्ध है. जिसकी सहायता से आप जा सकते है. मैकलोडगंज भारत के बड़े शहरों जैसे धर्मशाला, दिल्ली और चंडीगढ़ से बहुत अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. मैकलोडगंज बस स्टैंड से कस्बे में कहीं जाने के लिए पर्यटक टैक्सी किराए पर ले सकते हैं.
मैक्लोडगंज घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी के बीच या सर्दियों के मौसम और मार्च और जून के बीच या गर्मी के मौसम के बीच होता है.यह क्षेत्र में 25 डिग्री सेल्सियस के नजदीक तापमान के साथ सुखद गर्मी का अनुभव होता है. उसके अलावा 1 डिग्री सेल्सियस और 9 डिग्री सेल्सियस के बीच के तापमान के साथ ठंडी या सर्दियां होती हैं. मानसून की बात करे तो यह क्षेत्र में सालाना भारी बारिश होती है. भारी वर्षा के कारण जुलाई और अगस्त में नहीं जाना चाहिए.
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