Adventure Tour

Chamera Dam : टूरिस्ट प्लेस चमेरा झील के बारे में जानें रोचक Facts

Chamera Dam  : चमेरा झील, डलहौजी के पास चंबा जिले में सबसे खूबसूरत और प्राकृतिक झील है. यह झील पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है.आपको बता दें कि चमेरा झील डलहौजी से 25 किमी की दूरी पर 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह वास्तव में चमेरा बांध पर बना एक जलाशय है.

चमेरा झील हिमाचल प्रदेश का यह लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जहां की यात्रा पर्यटकों को बेहद पसंद आती है. चमेरा झील यहां  के ग्रामीणों के लिए पानी आपूर्ति का एक प्रमुख स्रोत है. इसमें पानी रावी नदी द्वारा भरा जाता है. चमेरा एक कृत्रिम झील है, जो सुंदर हरे पेड़ों और उत्तम घाटियों से घिरी हुई है.

यह झील विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स जैसे नाव की सवारी और मछली पकड़ने का अवसर भी देती है. यह झील चमेरा पनबिजली परियोजना का एक हिस्सा है जो रावी नदी पर बनाया गया है. यह झील समुद्र की सतह से 763 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और चंबा से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है.

यह झील डलहौज़ी के मुख्य बाज़ार से केवल 25 से 35 किमी दूर है. चमेरा झील उन ग्रामीणों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करती है, जो झील क्षेत्र में और उसके आसपास रहते हैं. अगर आप चंबा घाटी या डलहौजी की यात्रा करने जा रहे हैं तो आपको इस झील को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए.

Manali Tour Guide – घूमने के लिए मनाली जा रहे हैं, तो यहां लें पूरी जानकारी

चमेरा झील के महत्वपूर्ण और रोचक तथ्य

चमेरा झील की सबसे खास बात यह है कि इस क्षेत्र में दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहता है. दिन में तापमान दौरान 35 सेंटीग्रेड तक बढ़ जाता है और रात में रात में न्यूनतम 18 सेंटीग्रेड तक गिर जाता है. इसके अलावा यह झील वाटर स्पोर्ट्स ऐक्टिविटीज (Water Sports Activities in Chamera Lake) के लिए भी परफेक्ट है.

चमेरा एक कृत्रिम मानव निर्मित झील है. यह हरी भरी घाटियों के साथ एक शानदार वातावरण के बीच स्थित है. यह झील Hydroelectric Project और चमेरा बांध का एक प्रमुख हिस्सा है. चमेरा बांध 1700 मीटर की ऊंचाई पर है.

चमेरा झील ग्रामीणों के लिए पानी की जरूरतों और सिंचाई के लिए पानी का एक प्रमुख स्रोत है. यह झील का वाटर स्पोर्ट्स जैसे कयाकिंग, कैनोइंग, मोटर बोटिंग पैडल बोटिंग, रिवर राफ्टिंग, आदि के लिए पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हैं. यहां की सुंदर जलवायु के कारण झील साल के सभी महीनों के दौरान पिकनिक के लिए एक आदर्श स्थान है.

Himachal Pradesh Tour Guide – कौन सी जगह है सबसे Best, कैसे पहुंचें, Full Information

चमेरा झील में क्या क्या कर सकते है || Things to do at Chamera Lake

चमेरा झील में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग मोटर बोटिंग और रिवर राफ्टिंग जैसे कई वाटर स्पोर्ट्स संचालित करता है. इस झील में पर्यटक बोटिंग कर सकते हैं. यहां झील के आसपास का वातावरण फोटोग्राफी के लिए बहुत अच्छा है. यहां झील के किनारे पर्यटक पिकनिक भी मना सकते हैं.

चमेरा झील के आसपास प्रमुख पर्यटन और आकर्षण स्थल

चमेरा झील चंबा का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, यह शहर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अगर आप इस झील के अलावा चंबा के अन्य पर्यटन स्थलों की सैर करना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी जरूर पढ़ें… यहां हमने चमेरा झील के नजदीक के सभी पर्यटन स्थलों की जानकारी दी है.

मणिमहेश झील || Manimahesh Lake

मणिमहेश झील हिमालय की पीर पंजाल श्रेणी में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर उपखंड में 4,080 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. झील मणिमहेश कैलाश पर्वत की वर्जिन चोटी के निकट स्थित है, जिसे भगवान शिव का पवित्र निवास माना जाता है. यह झील पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को अपने आकर्षण से बेहद प्रभावित करती है.

यह स्थान ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए बहतु खास है. यहां पर 13 किलोमीटर का ट्रेकिंग मार्ग शामिल है. इस झील की यात्रा करने वाले पर्यटक यहां की मनमोहक पहाड़ियों और हरियाली को देखने के बाद पर्यटक थकान महसूस नहीं करते.

 लक्ष्मी नारायण मंदिर || Laxmi Narayan Mandir

लक्ष्मी नारायण मंदिर, चंबा के प्रमुख मंदिरों में से एक है. अगर आप चंबा की सैर के लिए आते हैं तो आप इस मंदिर की यात्रा भी कर सकते हैं. आपको बता दें कि लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा में सबसे पुराना और सबसे बड़ा मंदिर है. इस मंदिर को शिखर के आकार में बनाया गया है और इसमें भगवान विष्णु और शिव की छह मूर्तियां स्थित हैं. केंद्र में स्थित भगवान विष्णु की मूर्ति को संगमरमर से उकेरा गया है.

चामुंडा देवी मंदिर || Chamunda Devi Mandir

चामुंडा देवी मंदिर शाह मदार रेंज के शीर्ष पर स्थित है.  इस मंदिर से पर्यटक चंबा शहर के शानदार दृश्य को देख सकते हैं. चामुंडा देवी मंदिर को राजा उम्मेद सिंह द्वारा वर्ष 1762 में बनाया गया था. पाटीदार और लाहला के जंगल के बीच यह मंदिर पूरी तरह से लकड़ी से बना है, जिसकी विशाल छतें हैं.

बानेर नदी के तट पर स्थित यह मंदिर देवी काली को समर्पित है, जिन्हें युद्ध की देवी के रूप में भी जाना जाता है. पहले इस मंदिर तक जाने के लिए पत्थरों से काटी गई 400 सीढियां चढ़ कर जाना पड़ता था लेकिन अब चंबा से 3 किलोमीटर लंबी कंक्रीट सड़क के माध्यम से आसानी से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है.  सात सौ साल पुराने मंदिर में पीछे की ओर एक गुफा जैसी संरचना है जिसको भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है.

हरि राइ मंदिर || Hari Rai Mandir

हरि रिया मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित चंबा का के प्रमुख मंदिर है जिसमें भगवान विष्णु अपने तीन अवतारों मानव, सूअर और शेर के रूप में विराजमान हैं. मंदिर में भगवान की मूर्ति को अंगूठियों, बाजुओं, मुकुट (सिर वाले गियर), मनके हार और कुंडल के साथ उत्कृष्ट रूप से सजाया गया है. इस मंदिर में भगवान विष्णु की एक और आकर्षक मूर्ति है जिसमें वे छह घोड़ों के रथ पर सवार हैं.

सुई माता मंदिर || Sui Mata Mandir

सुई माता मंदिर चंबा में साहो जिले में स्थित एक प्रमुख मंदिर है जिसको राजा वर्मन ने अपनी पत्नी रानी सुई की याद में बनवाया था. रानी सुई ने अपने लोगों के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था. शाह दरबार पहाड़ी के ऊपर स्थित इस मंदिर से नीचे की छोटी बस्तियों का शानदार दृश्य नजर आता है.

चमेरा झील कैसे पहुंचे || How to reach Chamera Lake

आपको बता दें कि चमेरा झील डलहौजी से 25 किलोमीटर की दूरी पर है. यदि आप चंबा से जा रहे हैं, तो यह लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है. आप टैक्सी या निजी वाहन द्वारा इन दोनों शहरों से चमेरा झील के लिए यात्रा कर सकते हैं.

फ्लाइट से कैसे पहुंचे चमेरा झील- अगर आप चबा के लिए हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो बता दें कि यहां के नजदीकी हवाई अड्डों में पठानकोट (120 किलोमीटर), अमृतसर (220 किलोमीटर), कांगड़ा (172 किलोमीटर) और चंडीगढ़ (400 किलोमीटर) के नाम शामिल हैं. आपको इन सभी हवाई अड्डों से चंबा जाने के लिए बसें और कैब आसानी से उपलब्ध हैं.

सड़क मार्ग से कैसे पहुंचें चमेरा झील – एचआरसीटी (हिमाचल सड़क परिवहन निगम) पड़ोसी राज्यों दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से नियमित बसें चलाता है. जो राज्य के प्रमुख शहरों पठानकोट, शिमला, कांगड़ा, सोलन और धर्मशाला शहरों से होकर आती जाती है.

 ट्रेन से कैसे पहुंचें चमेरा झील – नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट में है, जो चंबा से लगभग 120 किलोमीटर दूर है. पठानकोट से चंबा के लिए बस और टैक्सी बहुत आसानी से उपलब्ध हैं. इसके अलावा आप चंडीगढ़ तक या नई दिल्ली के लिए भी ट्रेन ले सकते हैं और फिर बस या कैब से यात्रा कर सकते हैं.

चमेरा झील घूमने जाने का सबसे अच्छा समय || Best time to visit Chamera Lake

वैसे तो इस क्षेत्र में पूरे साल मौसम ठंडा और अच्छा रहता है. लेकिन चमेरा झील की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून के महीनों के दौरान होता है. साथ ही यहां भारी वर्षा के बीच मॉनसून के मौसम में आने से बचना भी चाहिए.

Recent Posts

Basant Panchami 2026 : सरस्वती पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और महत्व

Basant Panchami 2026 : बसंत पंचमी 2026 कब है और इससे जुड़ी जानकारियां क्या क्या… Read More

23 hours ago

Jhansi City in Uttar Pradesh : झांसी शहर में कहां कहां घूमें? कितना होता है खर्च? पूरी जानकारी

Jhansi City in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित झांसी एक… Read More

2 days ago

Jain Temple Sonagiri Datia : मध्य प्रदेश के पवित्र जैन तीर्थ स्थल की सम्पूर्ण जानकारी

jain temple sonagiri datia मध्य प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक जैन तीर्थ क्षेत्र है. आइए… Read More

3 days ago

Shri Mahalakshmi Temple Jhansi : रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी आस्था की विरासत

Shri Mahalakshmi Temple Jhansi : झांसी के महालक्ष्मी मंदिर का क्या है इतिहास? जानें मंदिर… Read More

5 days ago

Rani Mahal Jhansi History Fact Tour Guide : वीरांगना लक्ष्मीबाई का शाही महल, जहां इतिहास आज भी सांस लेता है

Rani Mahal Jhansi History Fact Tour Guide : झांसी का रानी महल महारानी लक्ष्मीबाई के… Read More

7 days ago

Raja Gangadhar Rao ki Chatri, Jhansi: इतिहास, घूमने का सही समय और इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

Raja Gangadhar Rao ki Chatri : झांसी में स्थित गंगाधर राव की छत्री उनकी मृत्यु… Read More

1 week ago