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Lonavala-Khandala है लोगों का Favourite हिल स्टेशन

Lonavala-Khandala hill station – इस बार मानसून अपने साथ हवाओं में हल्की-हल्की ठंड लेकर आया है। जिसने चिलचिलाती धूप और उमस से अभी को बहुत राहत पहुँचाई है। ऐसे सुहाने मौसम घूमने का मज़ा ही कुछ और होता है। तो आइए आपको एक बहुत ही सुंदर पर्यटन स्थल के बारे में बताते हैं। यहां एक बार जायेंगें तो बार-बार जाने की योजना बनायेंगें। हम बात कर रहे हैं लोनावला- खंडाला की। जो काफ़ी ऊँचाई पर स्थित है। यहां का दृश्य ऐसा होता है कि मानों बादल मानों धरती को स्पर्श कर रहे हों।

कहाँ स्थित है लोनावला ( Where is Lonavala Situated )

लोनावला हिल स्टेशन महाराष्ट्र राज्य के खंडाला से 5 किलोमीटर दूर पर स्थित है। महाराष्ट्र पश्चिम भारत का राज्य है और लोनावला को पश्चिम भारत में झीलों की नगरी के नाम से जाना जाता है।अति सुंदर पहाड़ी क्षेत्र, लुभावनी सहयाद्री पहाड़ियों का एक हिस्सा है और विस्तार में 38 वर्ग किलोमीटर के आसपास है। लोनावाला मुम्बई से 97 किमी और पुणे से केवल 64 किमी दूर स्थित है। यहां प्रकृति ने बेहद खूबसूरत झीलों का तोहफा दिया है।

लोनावला-खंडाला है लोगों का पसंदीदा हिल स्टेशन ( Lonavala-Khandala is a people’s favourite hill station )

लोनावला और खंडाला हिल स्टेशन का नाम किसी भी पर्यटक सूची में सबसे पहले होता है। यहाँ के खूबसूरत पहाड़ और झरने के बीच बसे इस लोकप्रिय हिल स्टेशन का मनोरम दृश्य किसी को भी अपनी ओर मोहित कर लवता है। मानसून के समय यहां का दृश्य देखने लायक होता है। चारों ओर बादल और हरियाली छा जाती है और सभी सूखे झरने और तलाब पानी से भर जाते हैं। महाराष्ट्र का प्रसिद्ध पर्वतीय नगर लोनावला व खंडाला मुंबई-पुणे राजमार्ग स्थान पर स्थित है। लोनावला का नाम एक झील के नाम पर रखा गया है। लोनावला का शाब्दिक अर्थ है लेनों की एक श्रृंखला। खंडाला लोनावला से अपेक्षाकृत छोटा है। लेकिन यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी अपने आप में अलग पहचान रखता है।

लोनावला के आस-पास और भी हैं बहुत कुछ घूमने को

जब भी आप लोनावला जाएं तो इन जगहों का भ्रमण भी ज़रूर करें। जिनमें बारामीटर पहाड़ियां, भुसिर झील, आईएनएस शिवाजी, कुने पॉइंट, लोनावला झील, राई वन व शिवाजी पार्क, टाटा झील, टाइगर्स लैप, तुंगरली झील व बांध, बल्वन झील व बांध, भाजा गुफाएं, बेड़सा की गुफाएं आदि प्रमुख स्थल देखने को मिलेंगें। अगर बात करे खंडाला की तो यहाँ पर भी कई जगह हैं जहाँ आप जा सकते हैं ये हैं अमृतांजन पॉइंट, ड्यूक नोस, राजमची दुर्ग, रिवर्सिग पॉइंट, रेवुड पार्क और भुशी बांध, योग संस्थान आदि दर्शनीय स्थल है। लोनावला का मौसम ज्यादातर सुहावना ही रहता है। आप यहां किसी भी मौसम में आ सकते हैं।

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जब जाएं बुशी डैम ज़रूर देखें ( Must see Bushi Dam )

बुशी डैम लोनावला में इंद्रायणी नदी पर एक चिनाई पर स्थित डैम है। बुशी डैम लोनावाला की उन जगहों में से एक जो मानसून के दौरान पर्यटकों को रिझाने और खुश करने के लिए जानी जाती हैं। बुशी डैम और फिर चट्टानों से गुजरने वाले पानी की सुरीली आवाज पर्यटकों के मन को मोहित परम करती है। प्रकृति प्रेमी इसकी हरियाली और खूबसूरत झरनों का नज़ारे देखने के लिए मानसून के मौसम में भी यहाँ की यात्रा करना पसंद करते हैं।

यहाँ की चिक्की है बेहद मशहूर ( Chikki is very famous here )

मुंबई से पुणे जाते समय लोनावला में रुककर चिक्की ज़रूर खाइये। क्योंकि लोनावला गए और चिक्की नहीं खाई, तो क्या खाया। यहाँ की चिक्कियां कई दशकों से लोकप्रिय रही है। इसलिए जब भी यहाँ जाएं तो चिक्की का स्वाद ज़रूर लें।

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कैसें जाएं लोनावला ( How to go to Lonavala )

लोनावला मुंबई और पुणे से करीब सौ किलोमीटर दूर स्थित है। इस स्थान पर आप वायु, सड़क और रेल द्वारा आसानी से जा सकते हैं।

हवाई जहाज़ से कैसे जाएं ( How to go by Plane )

लोनावला से निकटतम हवाई अड्डा पुणे एयरपोर्ट पड़ता है। एयरपोर्ट से कोई भी सैलानी लोनावला टैक्सी या फ़िर बस द्वारा आसानी से जा सकता है।

ट्रेन से कैसे जाए ( How to go by Train )

पुणे से हर 2 घंटे पर लोनावाला के लिए लोकल ट्रेन चलती हैं। ट्रेन के जरिए मुंबई से यहां पहुंचने में करीब 2.5 घंटे लगते हैं। जबकि पुणे से यहां डेढ़ घंटे तक में पहुंचा जा सकता है। रेल से आने वाले यात्री पुणे या मुंबई पहुंचकर वहाँ से टैक्सी या बस के जरिए भी यहां आसानी से पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग से कैसे जायें ( How to go by road )

लोनावाला मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर स्थित है। यहां के सड़क के मार्ग दूसरे शहरों से भी जुड़ें हुए हैं।

Anchal Shukla

मैं आँचल शुक्ला कानपुर में पली बढ़ी हूं। AKTU लखनऊ से 2018 में MBA की पढ़ाई पूरी की। लिखना मेरी आदतों में वैसी शामिल है। वैसे तो जीवन के लिए पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद्दारी और ईमानदारी से बढ़कर नहीं। वो क्या है किमैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखती हूँ,मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहज़े याद रखती हूँ,ज़रा सा हट के चलती हूँ ज़माने की रवायत से,जो सहारा देते हैं वो कंधे हमेशा याद रखती हूँ।कुछ पंक्तिया जो दिल के बेहद करीब हैं।"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोयेऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये"