Panchgani खूबसूरत वादियों से घिरा Hill station

Panchgani Hill Station : मानसून के मौसम में हर किसी का मन घूमने का होता है। ऐसे में कई लोग ऐसी जगह जाना पसंद करते हैं जहां चारों ओर पहाड़ी और खूबसूरत वादियां हों। ऐसी ही एक जगह है महाराष्ट्र में स्थित पंचगनी जो हरियाली को अपने में समेटे हुए हैं।

खूबसूरत वादियों से घिरा पंचगनी हिल स्टेशन

जब घूमने की बात आती है तो लोग अक्सर हिल स्टेशन पर जाना पसनद करते हैं।ऐसा ही एक सुंदर वादियों से घिरा हिल स्टेशन पंचगनी जहां लोग जाना पसंद करते हैं।  यहां की घाटियां, जंगल, पेड़-पौधे, हरियाली, झरने और झीलें यात्रियों की सारी थकान को मिटा देती है। यहां आकर शाम को विल्‍सन प्‍वांइट को देखना काफी अच्‍छा लगता है। यहां स्थित ईको प्‍वांइट बच्‍चों की पसंदीदा जगहों में से एक है। जहां ज़ोर से चिल्‍लाने पर आवाज वापस सुनाई देती है।

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कहाँ स्थित है पंचगनी

पंचगनी हिल स्टेशन महाराष्ट्र राज्य में मुंबई के दक्षिण में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। जो लगभग 1334 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस हिल स्टेशन का नाम राज्य के सबसे लोकप्रिय जगह में आता है। पंचगनी अपने मनोरम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।
पंचगनी महाराष्ट्र के सतारा जिले में पड़ता है। पंचगनी सहयाद्री पर्वत श्रृंखला के बीचों बीच में बसा एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। जहां हर साल हजारों पर्यटक छुट्टियों में घूमने आते हैं।

ब्रिटिश लोगों के लिए गर्मियों का आश्रय

पंचगनी ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्द है। ये स्थान ब्रिटिश काल में ब्रिटिश लोगों के लिए गर्मियों में एक आश्रय स्थल था। पंचगनी की खोज ब्रिटिश लोगों के द्वारा ही की गयी थी। आज भी यहाँ का शांत वातावरण और ठंडा मौसम लगातार गर्म और झुलसे हुए पठार से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मानसून स्वयं इन पहाड़ी स्टेशनों के असली जादू में अतिरिक्त खुशी के रूप में प्रारंभ होता है। मानसून इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है। यहाँ के विशाल पहाड़, जादुई और सँकरे हुए झरने, छोटी तथा घुमावदार धाराएं पर्यटकों का मन मोहती हैं।

 

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पंचगनी का वातावरण है बेहद शांत एवं मोहक

पंचगनी में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ही कम है। यहाँ का वातावरण अत्यधिक शुद्ध है। इस क्षेत्र का मौसम उन लोगों के लिए लाभदायक है जो किसी बीमारी से उबर रहे हैं जैसे कि अगर किसी को सांस की परेशानी है तो उसके लिए यहां का वातावरण काफी लाभदायक साबित हो सकता है। क्योंकि न सिर्फ यह आपके दिमाग का कायाकल्प करता है बल्कि साथ ही साथ आपके शरीर के घाव भरने की प्रक्रिया की ओर ले जाने में सहायता भी करता है। जो लोग तपेदिक की बीमारी से पीड़ित हैं। उन्हें आनंददायक स्वास्थ्यलाभ के लिए एक बार यहाँ अवश्य आना चाहिए।पंचगनी के पास अन्य पर्यटन स्थल जब भी आप पंचगनी का भ्रमण करने जाए। तो पंचगनी में आपको और भी कई खूबसूरत पर्यटन के आकर्षण देखने को मिलेंगें। यहां का टेबल लैंड, पारसी प्वाइंट, कमलगाध किला, डेविल की रसोई, राजपुरी गुफाएं, सिडनी प्वाइंट, मैप्रो गार्डन, ढोम बांध है जो पंचगनी में प्रमुख पर्यटन स्थलों में से कुछ हैं। पंचगनी ब्रिटिश शैली के पुराने बंगलों और पारसी घरों के साथ बिखरी हुई है। यह कई आवासीय शैक्षिक संस्थानों और स्वास्थ्य रिसॉर्ट्स के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के लिए भी जाना जाता है<किस महीने जायें पंचगनीपंचगनी घूमने के लिए सबसे अच्छा समय सितंबर से मई तक का माना जाता है। जब मानसून धीमा पड़ जाता है। ठंड में पंचगनी का तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस होता है। और यहां पर  गर्मियाँ भी मुख्य रूप से ठंडी ही होती हैं। वैसे तो पंचगनी साल भर में कभी जा सकते हैं। यही कारण है कि जून से सितंबर के भारी वर्षा के दिनों में भी परिवार और पर्यटक इस जगह पर घूमने आते हैं। और बारिश की फुहारों की सुगंध और हरी भरी धरती की ईश्वरीय सुंदरता में खो जाते हैं।

यहां कैसे जायें

हवाई जहाज़ से अगर आप यहां जाने के लिए फ्लाइट लेना चाहते हैं। तो यहां से आपको पुणे का लोहेगांव एयरपोर्ट सबसे नजदीक पड़ेगा। पुणे से आप सड़कमार्ग से पंचगनी आसानी से जा सकते हैं।

अगर आप सड़क मार्ग द्वारा पंचगनी जाना चाहते हैं तो यहां पहुंचने के लिए पुणे, मुंबई, महाबलेश्वर और सतारा से स्टेट बसें चलती हैं। यहां की सड़क भी अच्छी बनी हुई है। यहां पर आप अपनी कार से भी जा सकते हैं।

ट्रेन से यहां कैसें पहुँचे

पंचगनी का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन सतारा है। लेकिन यहां पहुंचने के लिए लोग पुणे स्टेशन से आना ज़्यादा पसंद करते हैं।क्योंकि देश के अन्य शहरों से पुणे की कनेक्टिविटी काफी अच्छी है।

Anchal Shukla

मैं आँचल शुक्ला कानपुर में पली बढ़ी हूं। AKTU लखनऊ से 2018 में MBA की पढ़ाई पूरी की। लिखना मेरी आदतों में वैसी शामिल है। वैसे तो जीवन के लिए पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद्दारी और ईमानदारी से बढ़कर नहीं। वो क्या है किमैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखती हूँ,मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहज़े याद रखती हूँ,ज़रा सा हट के चलती हूँ ज़माने की रवायत से,जो सहारा देते हैं वो कंधे हमेशा याद रखती हूँ।कुछ पंक्तिया जो दिल के बेहद करीब हैं।"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोयेऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये"