Planning to visit the Wildlife Sanctuary in Mount Abu, so full information from here
Wildlife Sanctuary : माउंट आबू सेंचुरी राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है जो राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के पास स्थित है. यह जीव अभ्यारण विभिन्न वन्यजीवों से समृद्ध है अगर आप माउंट आबू घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको इस अभ्यारण को अपने पर्यटन स्थलों की सूची में जरूर शामिल करना चाहिए.
आपको बता दें कि माउंट आबू अभ्यारण पर्वत श्रृंखलाओं के सबसे पुराने हिस्सों में से एक है और यह पर्यटकों को एक खास अनुभव प्रदान करता है. इस अभ्यारण को 1960 में क्षेत्र के वनस्पति और जीवो को संरक्षित करने के लिए एक वन्य जीव अभ्यारण का दर्जा दिया गया था. आज यह अभ्यारण राजस्थान का एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल बन चुका है. यहां पर आप कई तरह के वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास के रूप में देख सकते हैं.
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माउंट आबू वन जीव अभ्यारण 288 किलोमीटर तक फैला हुआ है जो गुरुशिखर में 300 मीटर से लेकर 1722 मीटर ऊंचे कई पर्वतों को पार करता है. गुरुशिख को अरावली पर्वत की सबसे ऊंची छोटी माना जाता है. इस वन जीव अभ्यारण में पानी और हवा के अपक्षय प्रभाव के कारण बड़ी गुहा वाली कई आग्नेय चट्टाने उपस्थित है. अगर आप एक प्रकृति और वन्यजीव प्रेमी है तो आपको इस अभ्यारण की यात्रा अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह अभ्यारण कई मनोरम प्राकृतिक दृश्यों को प्रस्तुत करता है. यह अभ्यारण्य शहर की भीड़-भाड़ वाली जगहों से आपको दूर लाकर एक अदभुद शांति प्रदान करता है.
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माउंट आबू हिल स्टेशन है, जो घाटियों नदियों में मौजूद कई हरे-भरे जंगलों और उस कटिबंधीय कांटेदार जंगलों से समृद्ध है. यहां पर कई हर्बल औषधीय पौधे भी पाए जाते हैं. बता दें कि इस अभ्यारण में पेड़ों की 81 प्रजातियां, झाड़ियों की 89 प्रजातियां और पौधों की 17 प्रजातियां पाई जाती है. यहां के जंगलों में जंगली गुलाब की 3 प्रजातियां और फास्फोरस एवं ब्रायोफाइट्स और शैवालों की 16 प्रजातियां पाई जाती है. इस अभ्यारण्य के दक्षिण पश्चिमी भाग में बांस के जंगल काफी मात्रा में मौजूद है.
आपको बता दें कि इस अभयारण्य में जीवो की कई लुप्त प्रजातियां पाई जाती है यहां पर आप दुर्लभ हायना और सियार को देख सकते. यहां आप कई तरह की विभिन्न लुप्त प्रजातियों को देख सकते हैं. अभयारण्य में ऐसी शेर भी पाए जाते हैं जो आखिरी बार 1970 में देखे गए थे.
इस अभ्यारण्य में जंगली बिल्ली, हाइना, सियार, आम लंगूर, जंगली सूअर, गेंडा, भारतीय हरे, हाथी और लोमड़ी शामिल हैं. यह अभ्यारण्य आलसी भालू के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है. यह अभ्यारण्य पक्षी प्रेमियों के लिए बेहद खास है क्योंकि यहां पर पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जो इसे और भी ज्यादा खूबसूरत बनाते हैं.
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माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण में आप जीप सफारी की मदद से पूरे अभ्यारण को अच्छी तरह से घूम सकते है. जीप सफारी में अभ्यारण में घूमने का शुल्क 300 रूपये प्रति व्यक्ति है लेकिन यह शुल्क पर्यटन सीजन में 600 रूपये प्रति व्यक्ति तक चला जाता है.
माउंट आबू अभ्यारण साल के 365 दिन खुला रहता है. यह अभ्यारण पर्यटकों के लिए सुबहे के 9 बजे से शाम के 5.30 बजे तक खुला रहता है.
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अगर आप माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य की यात्रा करने के लिए जा रहें हैं तो बता दें कि यहां की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम होता है. इस मौसम के दौरान आप यहां ट्रेकिंग का भरपूर मजा ले सकते हैं. अक्टूबर और मार्च के बीच के महीने, जगह की यात्रा करने के लिए आदर्श समय हैं. क्योंकि इस दौरान मौसम सुखद होने की वजह से आप यहां के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा का मजा ले सकते हैं. गर्मियों के मौसम में यहां की यात्रा करना बिलकुल भी सही नहीं है क्योंकि राजस्थान में इस दौरान बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है.
By Air
अगर आप माउंट आबू घूमने के लिए हवाई जहाज से जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि माउंट आबू से कोई डायरेक्ट एअरपोर्ट जुड़ा नहीं है. इसका निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर राजस्थान में है. उदयपुर हवाई अड्डे से माउंट आबू की दूरी 177 किमी है, जिसमें सड़क मार्ग द्वारा आपको 3 घंटे का समय लग जायेगा.
अगर आप किसी और देश से आ रहे हैं तो आपको अहमदाबाद हवाई अड्डा उतरना बेहतर होगा, जो एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है. इसके अलावा आप दिल्ली, मुंबई, जयपुर से उदयपुर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकते हैं. इसके बाद आप माउंट आबू अभयारण्य पहुंचने के लिए टैक्सी या कैब ले सकते हैं.
By Train
अगर आप ट्रेन से सफर करना चाहते हैं तो आपको जयपुर और अहमदाबाद से माउंट आबू के लिए कई ट्रेन मिल जाएँगी. लेकिन अगर आप जयपुर और अहमदाबाद के अलावा किसी दूसरे शहर से माउंट आबू अभयारण्य की यात्रा करने आ रहे हैं तो हम आपको बता दें कि यहां पहुंचने के लिए आप टैक्सी को प्राथमिकता दें, क्योंकि ट्रेन से आने में आपको काफी दिक्कत हो सकती है. ट्रेन से माउंट आबू तक पहुँचने के लिए लंबे मार्ग से जाना होगा.
By Road
माउंट आबू सैंक्चुअरी जाने के लिए आपको राज्य परिवहन की बस मिल जाएंगी. अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए माउंट आबू पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका दिल्ली से उदयपुर के लिए फ्लाइट पकड़ना है. इसके बाद वो उदयपुर से सड़क मार्ग द्वारा निजी कार या टैक्सी की मदद से माउंट आबू सैंक्चुअरी पहुंच सकते हैं.
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