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Aeroplan Journey :  फ्लाइट में पैसेंजर की मृत्यु होने पर क्या होता है?

 Aeroplane Journey :   क्या हो जब किसी की मृत्यु फ्लाइट में हो जाए? ये सवाल सुनने में बहुत अजीब लग रहा है लेकिन इसका जवाब एक पायलट ने दिया है। साथ ही फ्लाइट में होने वाली इस तरह की गतिविधियों के वक्त कोई भी क्रू कैसे काम करेगा इसके बारे में खुलकर बात की है। दरअसल कभी आपने सोचने की कोशिश की है कि एक फ्लाइट में जाते हैं तो उसके पीछे क्या होता है? बहुत से लोगों को ये जानने की उत्सुकता होती है कि कैबिन क्रू किसी एमरजेंसी के वक्त कैसे पेश आएगा। चाहे वो प्लेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की चिंता कर रहे हों, या फिर खुले हुए झूलते दरवाजे के झगड़े के बारे में सोच रहे हों, इन डरावने परिदृश्यों को अपने सिर से चले जाने देना आसान है। ऐसे में यात्रियों को आरामदायक स्थिति में लाने के लिए काफी कर्मचारी अपने प्रोफेशन के बारे में खुलकर बात करने लगते हैं।

वहीं एक पायलट ने एक ऐसी स्थिति के बारे में अंदरूनी बातें डेली मेल को बताई जो कि एक काफी दुखद स्थिति से जुड़ी घटना के बारे में है। ब्रेट (brett) जो कि पिछले 10 सालों से कमर्शियल पायलट के रूप में काम करता आ रहा है, उसने खुलासा किया कि उसे फ्लाइट में एक शख्स की मृत्यु की स्थिति से जूझना पड़ा है। अगर कभी भी ऐसी स्थिति प्लेन में पैदा होती है तो फ्लाइट अटैंडेंट्स को ऐसे निर्देश दिए जाते हैं कि वो साथ में बाकि सहयात्रियों को भी कंफर्ट करें। क्रू के लोग उस समय उस जगह को बंद कर देते हैं और परिवार के सदस्यों या प्रियजनों की मदद करते हैं।

पायलट ने बताया कि ऐसी स्थइति में कैबिन क्रू को इस तरह से ट्रेन किया जाता है कि वो अपने विवेक के मुताबिक जो भी सही निर्णय हो ले सके। पायलट के मुताबिक वो मृतक व्यक्ति को अन्य यात्रियों से दूर कर सकते हैं। ब्रेट अकेले ट्रैवल एक्सपर्ट नहीं है जिन्होंने हाल ही में अपने अनुभवों के बारे में बात की है। इनसे पहले पायलट पैट्रिक स्थिम (Patrick smith) ने भी इस बात पर रौशनी डाली थी कि क्या हो अगर प्लेन का इंजन फेल हो जाए तो। हैरानी की बात है कि एयरक्राफ्ट इंजन के खराब हो जाने के बाद भी काम करने में सक्षम होते हैं। वो इसी तरह से बनाएं जाते हैं कि जिससे ऐसी स्थिति से निजात पाने और क्रू को यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने का वक्त मिल सके।

गौरतलब है कि ऐसा बहुत ही कम देखने को मिल सकता है कि प्लेन के दोनों इंजन ही खराब हो गए हैं और ऐसी स्थिति होने पर भी प्लेन लगभग 60 मील तक की दूरी तय कर सकता है। अगर अभी भी आपके मन में प्लेन में बैठने से संबंधित कोई डर है तो आपको कुछ फैक्ट्स बता देते हैं जो कहते हैं कि ये दुर्घटनाएं बहुत ही कम देखने को मिलती है और आपके साथ ये हो इसकी संभावना 1 इन 11 मिलियन है। बल्कि इससे ज्यादा संभावना इस चीज कि है आप पेट खराब से मर जाएं या फिर सीड़ि से गिर कर आपकी मौत हो जाएं या फिर बेड से गिरकर, क्योंकि इन सबकि संभावनाएं इससे तो ज्यादा होती है। वहीं पिछला साल कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए सबसे सुरक्षित सालों में से एक घोषित हुआ है।

वहीं इसके अलावा आपको कुछ ऐसे ही और फ्लाइट से जुड़े राज बताते हैं-

  • क्या आप जानते हैं कि मोबाइल फोन को फ्लाइट में बंद क्यों करवाया जाता है। दरअसल इसके पीछे का कारण है फ्रीक्वेंसी। मोबाइल फोन जो हैं वो एयर ट्रैफिक कंट्रोल की फ्रीक्वेंसी के बीच में लैंड करते वक्त या फिर टेक ऑफ करते वक्त आ सकती है। वहीं आपातकालीन के वक्त में इलेक्ट्रोनिक चीजें बहुत नाजुक होती है।
  • फ्लाइट में क्रू के लिए सबसे मुश्किल चीज जो सर्व करने में होती है वो डाइट कोक होती है क्योंकि इसकी कार्बोनेशन की ज्यादा मात्रा और प्लेन की ऊंचाई की वजह से ये डलन में तीन गुना ज्यादा वक्त लेती है। जिससे अटेंडेंट को ज्यादा वक्त लग जाता है।
  • आप लोग अक्सर सोचते होंगे कि फ्लाइट में मिलने वाला खाना स्वास्थ्य के लिए कितना अच्छा है। तो आपको बता दें कि कभी भी हजारों मील की ऊंचाई पर सेहतमंद खाने की उम्मीद मत करियेगा। इससे बेहतर है कि आप जाने से पहले कुछ अच्छा पेट भर कर खा कर जाएं।
  • अगर आपको अपनी फ्लाइट के बीच में प्यास लगी है तो कभी भी क्रू से सीधा पानी मत मांगिए जो वो कॉफी वरा के लिए इस्तेमाल करते हैं वो गंदा पानी हो सकता है बल्कि उनसे पैकड बोटल मांगें।

 

Taranjeet Sikka

एक लेखक, पत्रकार, वक्ता, कलाकार, जो चाहे बुला लें।

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