Interesting Travel Facts

एक ऐसा पिरामिड जहां से निकलती है चिड़िया की आवाज

Pyramid – यह दुनिया इतनी विशाल है जहां कई अद्भुत स्थान हैं जो अपनी रोचकता के लिए जाने जाते हैं. इन विशेष स्थानों में से एक मैक्सिको के युकाटन क्षेत्र में निर्मित पिरामिड ( Pyramid ) है जो अपनी विशिष्टता और रहस्य के लिए जाना जाता है. हम जिस पिरामिड ( Pyramid ) के बारे में बात कर रहे हैं, वह ‘चिचेन इट्जा चिरप’ है, जिसके तहत खड़े होने के दौरान अगर कोई हरकत की जाती है, तो ध्वनि रिफ्लेक्ट होती है और आवाज अनोखी लगती है. यहां नीचे खड़ा होकर अगर कोई ताली बजाता है तो आवाज रिफ्लेक्ट हो जाती है और उसके बाद ये चिड़ियों की चहचहाहट में बदल जाती है. तो ऐसा लगेगा कि कई पक्षी बातें कर रहे हैं.

1998 में, कैलिफोर्निया के ध्वनि विशेषज्ञ डेविड लुबमैन ने चिचेन इट्ज़ पर रिसर्च किया उनके बाद कई ध्वनि विशेषज्ञ यहां शोध करने के लिए आए लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके. इसके साथ ही इस मंदिर की सबसे बड़ी स्पेशलिटी ये है कि यहां नीचे खड़ा होकर ताली बजाने पर आवाज रिफ्लेक्ट होकर चिड़ियों की चहचहाट जैसी सुनाई पड़ती है. वही ‘चिचेन इट्जा’ मंदिर खूबसूरत निर्माण में से एक है. लोकिन इसकी सबसे रहस्यमय बात यहां रिफ्लेक्ट होकर सुनाई देने वाली आवाज है. ध्वनि विशेषज्ञों के अनुसार, इस पिरामिड ( Pyramid ) में ताली बजाने पर आवाज रिफ्लेक्ट होकर क्विजटल नामक पक्षी के आवाज की भांति आती है. इतना ही नहीं यदि कई लोग एक साथ ताली बजाते हैं, तो लगेगा कि कई चिड़ियाएं बोल रही हैं.

Delhi Metro Rules – दिल्ली में शुरू हो रही है मेट्रो, सफ़र से पहले नियम भी जान लें

आज तक, कोई भी वैज्ञानिक यह नहीं बता पाया है कि चिचेन इट्जा में ताली बजाना पक्षियों की आवाज़ को क्यों दर्शाता है. चिचेन इट्ज़ा की एक ख़ासियत यह है कि यदि कोई इसके आधार पर खड़ा हो और ड्रम या चिल्लाता है, तो हर बार एक अलग ध्वनि रिफ्लेक्ट होती है.

ऐसे में, यह कहना मुश्किल है कि क्या माया सभ्यता के लोग इन सभी चीजों से अवगत थे या उन्होंने इस तरह की आवाज़ों को प्रतिबिंबित करने के लिए इस पिरामिड का निर्माण किया था. यदि इस पिरामिड के एक तरफ सीढ़ियों पर सूरज की रोशनी पड़ती है, तो वे सांप की तरह दिखते हैं. इस पिरामिड पर रिसर्च करते हुए एक वैज्ञानिक ने यह भी देखा कि जब आप पिरामिड की सीढ़ियों पर चढ़ते हैं, तो आपको एक ध्वनि सुनाई देती है. जैसे कि एक बाल्टी में बारिश का पानी गिरता है. माया सभ्यता के लोग बारिश के देवता की पूजा करते थे, इसलिए यहां दुर्घटना नहीं हो सकती. इस पिरामिड का रहस्य इसे और भी दिलचस्प बनाता है.

कहां है महाभारत काल का लाक्षागृह, जहां दुर्योधन-शकुनी ने रची थी पांडवों को मारने की साजिश

चिचेन इट्जा की एक स्पेशलिटी ये भी है कि यदि कोई इसके बेस में खड़े होकर कोई ड्रम बजाए, या चिल्लाए तो हर बार भिन्न-भिन्न प्रकार की आवाज रिफ्लेक्ट होती है. ऐसे में यह कहना कठिन है कि माया सभ्यता के लोगों को इन सब बातों की सूचना थी, या उन्होंने ऐसी आवाजों को रिफ्लेक्ट होने के लिए इस पिरामिड का निर्माण कराया था. इस पिरामिड के एक ओर की सीढ़ियों पर यदि सूरज की रोशनी पड़ती है, तो वे सांप जैसी दिखती है. इसी के साथ ये बेहद ही रहस्य्मयी जगह है.

Recent Posts

Sindoor Khela:मां दुर्गा की विदाई पर क्यों खेलती हैं महिलाएं सिंदूर?

Sindoor Khela : दुर्गा पूजा का उत्सव पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में धूमधाम से… Read More

1 day ago

Devi Durga Temples in India : भारत में 16 प्रसिद्ध दुर्गा मंदिरों के दर्शन जरूर करें

Devi Durga Temples in India : भारत में देवी दुर्गा के ऐसे मंदिर जहां नवरात्रि… Read More

6 days ago

History of Ramlila Maidan : दिल्ली का वह मैदान, जहां से कई बड़े आंदोलन हुए

History of Ramlila Maidan : दिल्ली का रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) केवल धार्मिक आयोजनों के… Read More

1 week ago

Kali Gandaki River flood in Nepal: हिमालय से निकलकर गंगा में मिलने वाली नदी की पूरी कहानी

History of the Kali Gandaki River: भारत और नेपाल की प्रमुख नदियों में शामिल काली… Read More

1 week ago

सरोजिनी नगर का Shri Vinayak Mandir क्यों है खास? जानें इतिहास और मान्यताएं

Shri Vinayak Mandir : दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित Shri Vinayak Mandir इन दिनों चर्चा… Read More

2 weeks ago