why dont planes fly over the himalayas
himalayas –इस दुनिया में बहुत सारे ऐसे देश है जो काफी ज्यादा विकसित हो चुकें है. जहां पर हर दिन कई बड़े फ्लाइट उड़ते रहते हैं लेकिन उसमें क्या आप लोगो पता है की हिमालय के ऊपर से हवाई जहाज क्यों नहीं उड़ाया आज में आप लोगों को इस के बारे में बताने जा रहे हैं. पहला करण यह है की पर्वत श्रंखलाओ पर चलने वाली उच्च गति की हवाए पर्वत तरंगो का निर्माण करती है. जोकि किसी भी हवाई जहाज को अनियंत्रित का देती है. इसलिए हवाई जहाजों के लिए उस क्षेत्र पर उड़ान भरना लगभग असंभव रहता है. दूसरा कारण यह है की ऑक्सीजन मास्क में आमतौर पर 15 से 20 मिनट तक की ऑक्सीजन रहती है.
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अगर किसी कारण वश विमान को 35000 फिट की उचाई से निचे लाना पड़ा तो ऐसा करना हिमालय में बहुत खतरनाक हो सकता है. क्योकि 35000 फिट की उचाई पर ऑक्सीजन और वायुमंडलीय दबाब बहुत काम हो जाता है. तीसरा कारण यह है की विमानों में इतनी उचाई रखती पड़ती है. की यह पायलटों इसका मतलब है की अगर कुछ गलत होता है. तो कप्तान समस्या को ठीक करने की कोशिश करते हुए विमान को कुछ देर के लिए हवा में अपने आप ही उड़ने देता है. इस दौरान अगर त्रुटि सही हो जाती है तो फिरसे विमान उड़ते लगता है. नहीं तो आपातकाल लेंडिंग करनी पड़ती है.
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एयरलाइन सीधे हिमालय पर उड़ान भरने से बचती हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि हिमालय में 20000 फीट से अधिक ऊंचे पहाड़ हैं. जिसमें माउंट एवरेस्ट 29035 फीट पर खड़ा है. हालांकि अधिकांश वाणिज्यिक हवाई जहाज 30000 फीट पर उड़ सकते हैं.
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उन्होंने कहा इसलिए हिमालय के ऊपर एक सुरक्षित दूरी पर उड़ान भरने के लिए उड़ानों को समताप मंडल के निचले हिस्से में और भी आगे जाना पड़ता है. वायु समताप मंडल में बेहद पतली होती है. ऑक्सीजन का स्तर भी कम होगा. इससे वायु अशांति होगी और यात्रियों को बेचैनी. इसके अलावा हवा का बल मजबूत होगा और पहाड़ों की उपस्थिति विमान की पैंतरेबाजी को और भी कठिन बना देती है.
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मनुष्य ने वायुयान को ध्वनि की गति से दोगुना और ग्रह पृथ्वी से बाहर उड़ान भरने में सक्षम बनाया है. किसी भी महाद्वीप पर किसी भी देश के लिए हवाई यात्रा संभव है. हालांकि पृथ्वी पर कुछ स्थान ऐसे हैं जहां हवाई जहाज नहीं उड़ते हैं जैसे कि हिमालय. वर्षों से कई सिद्धांतों का गठन किया गया है कि विमान हिमालय या तिब्बती क्षेत्र में क्यों नहीं उड़ते हैं.
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अधिकांश कारण वास्तविक वैज्ञानिक तथ्य हैं ! लेकिन कुछ लोगों ने कुछ अंधविश्वासों को भी साझा किया है जैसे कि अदृश्य अनिष्ट शक्ति जो हवाई जहाज गिरे हुए योद्धाओं के भूत और यहां तक कि घिनौने स्नोमैन या यति की उपस्थिति को भी बढ़ाती है. उन लोगों को एक तरफ रखते हुए यहां हिमालय या तिब्बत के ऊपर विमान क्यों नहीं उड़ते हैं.
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