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Lohri Kab hai 13 or 14 : सही तिथि से लेकर पूजा के समय तक, लोहड़ी के बारे में जानें सबकुछ

Lohri Kab hai13 or 14 : लोहड़ी, एक आनंदमय त्योहार है, जो सर्दियों की फसलों के पकने और नए कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है. बहुत उत्साह और धूमधाम से मनाया जाने वाला लोहड़ी विशेष रूप से हरियाणा और पंजाब में हिंदू और सिख समुदायों द्वारा मनाया जाता है. यह शुभ अवसर, जिसे लोहाडी या लाल लोई के नाम से भी जाना जाता है, गहरा सांस्कृतिक महत्व रखता है और स्वादिष्ट भोजन, पारिवारिक समारोहों, पारंपरिक लोक गीतों और नृत्य का समय है.

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लोहड़ी का महत्व || importance of lohri

लोहड़ी एक ऐसा त्यौहार है जो उर्वरता, प्रचुरता और जीवन की खुशी का प्रतीक है. यह फसलों की सफल फसल का सम्मान करने और देवताओं के आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है. यह त्योहार सर्दी से वसंत की ओर का भी प्रतीक है, क्योंकि दिन लंबे हो जाते हैं और मौसम धीरे-धीरे गर्म हो जाता है.

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लोहड़ी तिथि और पूजा का समय || Lohri date and puja time

लोहड़ी की सही तारीख कभी-कभी भ्रम पैदा कर सकती है. इस वर्ष, लोहड़ी का उत्सव द्रिक पंचांग के अनुसार, रविवार, 14 जनवरी 2024 को निर्धारित है। मकर संक्रांति, संबंधित त्योहार, सोमवार, 15 जनवरी, 2024 को मनाया जाएगा। लोहड़ी पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार हैं:

तृतीया तिथि: 14 जनवरी सुबह 07:59 बजे तक
चतुर्थी तिथि: 15 जनवरी सुबह 04:59 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:27 बजे से प्रातः 06:21 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से 12:51 बजे तक

लोहड़ी की रस्में और परंपराएं||Lohri rituals and traditions

लोहड़ी का उत्सव अलाव जलाने, प्रार्थना करने और पारंपरिक अनुष्ठान करने के इर्द-गिर्द घूमता है. लोग अपने घरों के बाहर या सार्वजनिक क्षेत्रों में इकट्ठा होते हैं और लकड़ी और गाय के गोबर के उपलों का उपयोग करके अलाव जलाते हैं। अग्नि सूर्य की ऊर्जा और शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है, और अग्नि को दी गई भेंट कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक है.
अनुष्ठान के हिस्से के रूप में, अग्नि को तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित की जाती हैं.
इन वस्तुओं को शुभ माना जाता है और माना जाता है कि ये समृद्धि और सौभाग्य लाते हैं.
सीज़न के दौरान काटी गई फसलों का उपयोग भोग (प्रसाद) तैयार करने के लिए भी किया जाता है जिसे श्रद्धापूर्वक अग्नि को अर्पित किया जाता है. जलते गन्ने की खुशबू हवा में फैल जाती है, जिससे उत्सव का माहौल और भी बढ़ जाता है.

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