Teerth Yatra

Nag Panchami 2026 : नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है? जानिए तक्षक नाग और राजा जनमेजय से जुड़ी पौराणिक कथा

Nag Panchami 2026 : हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जा रही है। खास बात यह है कि इस बार नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयोग भी बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है।

नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालु नाग देवता को दूध, लावा, फल और फूल अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है। कुछ मान्यताओं में नाग पंचमी के दिन पूजा को कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों के निवारण के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि, ये मान्यताएं धार्मिक परंपराओं और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित हैं।

नाग पंचमी की पौराणिक कथा क्या है || What is the mythological story of Nag Panchami

नाग पंचमी से जुड़ी प्रमुख पौराणिक कथा राजा परीक्षित, तक्षक नाग और उनके पुत्र राजा जनमेजय से संबंधित है। मान्यता के अनुसार राजा परीक्षित अभिमन्यु के पुत्र और कुरु वंश के राजा थे। एक प्रसंग में ऋषि शमीक के पुत्र के श्राप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

पिता की मृत्यु से राजा जनमेजय बेहद क्रोधित हुए। उन्होंने तक्षक नाग समेत संसार के सभी नागों का विनाश करने के उद्देश्य से एक विशाल ‘सर्प सत्र महायज्ञ’ कराने का संकल्प लिया। यज्ञ के दौरान ऋषियों द्वारा मंत्रों का उच्चारण किया गया और मान्यता के अनुसार दुनिया भर के नाग यज्ञ की अग्नि की ओर खिंचे चले आए।

इंद्र की शरण में पहुंचे तक्षक नाग || The serpent who came under Indra’s protection

कथा के अनुसार अपनी जान बचाने के लिए तक्षक नाग ने देवराज इंद्र की शरण ली और उनके सिंहासन से जाकर लिपट गया। जब ऋषियों ने तक्षक को इंद्र सहित यज्ञ की अग्नि में लाने के लिए मंत्रों का जाप शुरू किया, तो स्वर्ग लोक में भी हलचल मच गई। देवताओं को चिंता हुई कि अगर तक्षक के साथ इंद्र भी यज्ञ की अग्नि में आ गए तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।

ऐसे समय में देवताओं ने आस्तिक मुनि से राजा जनमेजय के यज्ञ को रोकने का अनुरोध किया। आस्तिक मुनि विद्वान ऋषि थे और उन्हें देवी मनसा का पुत्र माना जाता है। वे राजा जनमेजय के यज्ञ स्थल पर पहुंचे और अपनी विद्वता तथा मधुर वाणी से राजा को प्रसन्न किया।

आस्तिक मुनि ने मांगा यज्ञ रोकने का वरदान || The devout sage asked for the boon to stop the sacrifice

कथा के अनुसार राजा जनमेजय आस्तिक मुनि से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उनसे कोई भी वरदान मांगने को कहा। इसके बाद आस्तिक मुनि ने राजा से सर्प सत्र महायज्ञ तत्काल रोकने और नागों के प्राणों की रक्षा करने का वरदान मांगा।

राजा जनमेजय ने आस्तिक मुनि की बात स्वीकार कर यज्ञ समाप्त कर दिया। इस तरह तक्षक नाग समेत कई नागों का जीवन बच गया। धार्मिक कथा के अनुसार जिस दिन आस्तिक मुनि ने नागों की रक्षा की, वह सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी।

इसी दिन से नाग पंचमी मनाने की मान्यता || The tradition of celebrating Nag Panchami starts from this day

पौराणिक मान्यता के अनुसार यज्ञ से बचाए गए नागों को आस्तिक मुनि ने कष्ट से राहत देने के लिए कच्चे दूध और जल से शांत किया। इसके बाद नागों ने उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि जो व्यक्ति इस तिथि पर नाग देवता की श्रद्धापूर्वक पूजा करेगा, उसे सर्प भय से सुरक्षा मिलेगी। इसी मान्यता को नाग पंचमी पर्व की शुरुआत से जोड़ा जाता है।

नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा का महत्व || The importance of worshipping Lord Shiva along with the Snake God

नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव की आराधना को भी विशेष महत्व दिया जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान होने के कारण शिव और नाग पूजा का धार्मिक संबंध माना जाता है। इस वर्ष नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ने के कारण श्रद्धालुओं के लिए यह संयोग और भी विशेष माना जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग देवता और भगवान महादेव की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है। हालांकि, कालसर्प दोष या अन्य ज्योतिषीय प्रभावों से जुड़े दावों का आधार धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

Recent Posts

10 ऐसे Gujarati Food जिनके बिना अधूरी है हर गुजराती थाली

कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से असम तक देश में कितनी ही थालियां मिलती… Read More

1 day ago

अब इन 11 नए पोर्ट से भारत आ सकेंगे ई-वीजा वाले विदेशी नागरिक!

भारत सरकार ने विदेशी नागरिकों के लिए e-Visa Entry को और आसान बनाने की दिशा… Read More

6 days ago

Hidden Gems of Himachal : इन झीलों को देखे बिना आपकी ट्रिप अधूरी है!

हिमाचल प्रदेश सिर्फ अपनी बर्फीली चोटियों और हरी-भरी वादियों के लिए ही नहीं, बल्कि यहां… Read More

2 weeks ago

Sawan में Varanasi घूमने का प्लान? 3 दिन में करें Kashi Vishwanath दर्शन, खास Aarti और Banarasi Food का पूरा अनुभव

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। ऐसे… Read More

2 weeks ago

Sawan 2026: भगवान शिव की भक्ति का चमत्कार! इन 8 भक्तों की कहानियां आज भी देती हैं आस्था का संदेश

Sawan 2026: हिंदू धर्म में सावन (Shravan Month) को भगवान शिव की उपासना के लिए… Read More

2 weeks ago