Teerth Yatra

Adi Kailash travel guide : आदि कैलाश के बारे में जानें, क्या है इतिहास और कैसे पहुंचें?

Adi Kailash Travel Guide : भारत में आस्था सबसे बड़ी भावनाओं में से एक है. दुनिया भर में कई धर्म और उनसे जुड़े अनगिनत धार्मिक स्थल हैं. कुछ जगहें रहस्यों से भरी हुई हैं और रोमांच और चुनौतियों से भरी ऐसी ही एक यात्रा है आदि कैलाश पर्वत. इस सफर में चुनौतियां भी हैं, रोमांच भी है और बेहद खूबसूरत रास्तों से गुजरने का अनुभव भी है.

आदि कैलाश के लिए एक यात्रा गाइड || A travel guide to Adi Kailash

करीब 6000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद आदि कैलाश को छोटा कैलाश भी कहा जाता है.  उत्तराखंड में मौजूद आदि कैलाश पर्वत तिब्बत के कैलाश मानसरोवर की तरह ही खूबसूरत और प्राकृतिक व्यू के बीच है.आदि कैलाश की यात्रा उत्तराखंड के खूबसूरत जिले पिथौरागढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र धारचूला से शुरू होती . सड़क मार्ग से आप धारचूला से तवाघाट पहुंचते हैं और यहीं से आदि कैलाश की ट्रैकिंग शुरू होती है. थोड़ा सफर करने के बाद आपको नेपाल के एपी पर्वत की झलक दिखाई देने लगती है. इस यात्रा का असली रोमांच तब शुरू होता है जब आप छियालेख चोटी पर पहुंचते हैं.

इस जगह की मनमोहक सुंदरता कल्पना से परे है. बर्फ से ढके पहाड़, बुग्याल और रंगों से भरे फूल यात्रा को सफल बनाते हैं। इसके बाद अगले पड़ाव के लिए गारबियांग से गुजरते समय आपको इतिहास की कुछ झलकियां देखने को मिलती हैं. हालांकि यह छोटा सा गाँव कुछ साल पहले भूस्खलन की चपेट में आ गया था, लेकिन फिर भी आप घरों पर नक्काशी देखकर हैरान रह जाएंगे.

यहां से यात्री नाबी होते हुए गुंजी पहुंचते हैं.इसके बाद आप कालापानी नदी से होकर गुजरते हैं और नेपाल का एपी पर्वत देखने को मिलता है. जिसके बाद यात्री कुंती यांकती पहुंचते हैं. इस स्थान का नाम पांडवों की माता कुंती के नाम पर रखा गया है.

ऐसा माना जाता है कि स्वर्ग की यात्रा के दौरान पांडव अपनी मां के साथ यहां रुके थे. बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच बसा यह गांव बेहद खूबसूरत है. लगभग चार दिनों की यात्रा के बाद आप 6000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश पर्वत पर पहुंचेंगे. आदि कैलाश की तलहटी में स्थित धोती पार्वती झील आपको एक अलौकिक अनुभव की ओर ले जाती है.

कैसे और कब जाना है? || How and when to go?

उत्तराखंड में आप फ्लाइट या ट्रेन से देहरादून या पंतनगर जा सकते हैं. इसके बाद आपको पिथौरागढ़ के धारचूला तक की पूरी दूरी सड़क मार्ग से ही तय करनी होगी. ट्रैकिंग वहीं से शुरू होती है. सर्दी और बरसात के मौसम में यह यात्रा संभव नहीं है. ऐसे में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय जून से सितंबर तक गर्मी का मौसम है.

आदि कैलाश रुंग समुदाय का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है || Adi Kailash is the biggest pilgrimage site of Rung community

आदि कैलाश का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है और यह धर्म घाटी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले रुंग समुदाय के सदस्यों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है. यह रूंग समुदाय का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल माना जाता है. रुंग परंपरा के अनुसार, आदि कैलाश शिव का मूल निवास था.लोककथाओं के अनुसार, शिव ने वह स्थान छोड़ दिया क्योंकि संतों और अन्य लोगों के बार-बार आने से उनकी तपस्या में खलल पड़ रहा था. बाद में संतों ने कैलाश पर्वत पर शिव की खोज की. पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान शिव माता पार्वती से विवाह करने के बाद कैलाश जा रहे थे तो वे आदि कैलाश में रुके थे. इसलिए, देवी के स्नान के लिए पार्वती सरोवर का निर्माण किया गया था.

थाईलैंड में स्थित शिव मंदिर  के बारे में जानें || Know about Shiva Temple located in Thailand

नीचे दिए गए वीडियो में आप जानेगें थाईलैंड में स्थित हजार साल पुराना शिव मंदिर का इतिहास और बहुत कुछ

 

Recent Posts

Famous Krishna Temples in India: मथुरा से द्वारका तक जानें मंदिरों का इतिहास और जन्माष्टमी का महत्व

Famous Krishna Temples in India की पूरी जानकारी यहां पढ़ें। Mathura, Vrindavan, Dwarka, Gokul, Barsana,… Read More

5 days ago

Best Honeymoon Places in India in Summer Season : गर्मियों में भारत में हनीमून के लिए 10 सबसे खूबसूरत जगहें

Best Honeymoon Places in India in Summer Season: अगर आप गर्मियों में शादी के बंधन… Read More

2 weeks ago

IRCTC से घर बैठे ऐसे बुक करें ट्रेन टिकट, जानें General और Tatkal Booking का पूरा तरीका

IRCTC Rail Connect ऐप से घर बैठे ट्रेन टिकट बुक करने का आसान तरीका जानें।… Read More

3 weeks ago

Sawan Purnima Vrat 2026: 27 या 28 अगस्त को रखा जाएगा पूर्णिमा व्रत? जानें सही तारीख और पारण का समय

Sawan Purnima Vrat 2026 कब रखा जाएगा? जानें 27 या 28 अगस्त की सही तारीख,… Read More

3 weeks ago