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Ayodhya Tour Guide in Hindi – श्रीराम जन्मभूमि के अलावा ये हैं अयोध्या के Best Tourist Spots

Ayodhya Tour Guide in Hindi – अयोध्या (Ayodhya), वो नगरी जो रामायण काल से ही देश की संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुकी है. अयोध्या (Ayodhya), वो धरा जिसपर प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ. अयोध्या (Ayodhya), वो स्थल जहां से भारत ने दुनिया को धर्म और कर्तव्यपरायणता का संदेश दिया. घोर कलयुग में भी अयोध्या (Ayodhya) सत्य के प्रतीक के रूप में खड़ा है. अयोध्या (Ayodhya) एक मशहूर पर्यटन नगरी है. देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक इस शहर में घूमने आते हैं. भारत में जैसी परंपरा रही है, आस्था से जुड़ी यात्राओं के लिए लोग किसी भी तरह की योजना नहीं बनाते हैं. वे या तो बस या फिर ट्रेन में सवार होकर उस जगह के लिए निकल पड़ते हैं. अयोध्या (Ayodhya), वाराणसी (Varanasi), गया (Gaya), देवघर (Deoghar), ऋषिकेश (Rishikesh), हरिद्वार (Haridwar), लगभग सभी धार्मिक शहरों के साथ ऐसा ही है. Ayodhya Tour Guide in Hindi से जुड़े इस ब्लॉग में आज हम अपने पाठकों को इस परेशानी को बताने के साथ साथ समाधान की तरफ भी लेकर जाएंगे.

अयोध्या (Ayodhya) भारत के बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी है. अयोध्या (Ayodhya) जिस जिले के अंतर्गत आता है उसका नाम फैजाबाद (Faizabad) है. चूंकि भारत और दुनिया में नदियों के किनारे शहर और सभ्यताएं बसने का इतिहास रहा है इसलिए अयोध्या (Ayodhya) में भी एक नदी जिसका नाम सरयू (घाघरा) है, उसके दाई तरफ बसा हुआ है. इतिहास में यह नगर ‘कौशल देश’ के नाम से भी चर्चित रहा है. अयोध्या (Ayodhya) को हिंदुओं के 7 पवित्र तीर्थस्थलों में गिना जाता है. Ayodhya Tour Guide in Hindi में आपको सभी जानकारी मिलेगी.

Ayodhya Tour Guide in Hindi या अयोध्या (Ayodhya) का नाम लेते ही जहन में प्रभु श्रीराम की छवि बन जाती है. इसके साथ ही मन मस्तिष्क में गूंजने लगता है टीवी धारावाहिकों का दृश्य, वही जो हम बचपन से देखते आ रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अयोध्या (Ayodhya) में श्रीराम जन्मभूमि (Sri Ramjanma Bhoomi) मंदिर से इतर भी ढेरों पर्यटन स्थल हैं. इन जगहों पर जाकर आप हमारी संस्कृति को न सिर्फ करीब से देख सकते हैं बल्कि खुद के हिंदू होने पर भी गर्व की अनुभूति करेंगे. आइए सफर को आगे बढ़ाते हैं.

श्रीराम जन्मभूमि – Sri RamjanmaBhoomi

Ayodhya Tour Guide in Hindi में जो पहला स्थल आपके लिए हम है, वो है श्रीराम जन्मभूमि (Sri Ramjanma Bhoomi) प्रभु श्रीराम के जन्म से जुड़ा हुआ स्थल है. ऐसी मान्यता है कि प्रभु का जन्म धर्मनगरी अयोध्या में हुआ था. ऐसा कहा जाता है कि श्रीराम के जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर स्थापित था जिसे मुगल आक्रमणकारी बाबर ने तोड़ा और फिर आदेश देकर वहां एक मस्जिद का निर्माण कराया.

कनक भवन – Kanak Bhawan

कनक भवन (Kanak Bhawan) हनुमान गढ़ी के पास स्थित है. Ayodhya Tour Guide in Hindi में यह नगर का महत्वपूर्ण मंदिर है. इस मंदिर की खासियत मां सीता और प्रभु श्री राम के सोने के मुकुट वाली प्रतिमाओं को लेकर इसकी लोकप्रियता है. यही वजह है जो कई लोग इसे सोने का घर नाम से भी जानते हैं. इस मंदिर को टीकमगढ़ की महारानी ने वर्ष 1891 में निर्मित कराया था. यहां प्रभु सीताराम भारत के सुंदरतम स्वरूप में विराजमान हैं. यहां नित्य प्रभु के दर्शन तो होते ही हैं, सभी उत्सव भी मनाए जाते हैं.

हनुमान गढ़ी (Hanuman Gadhi)
हनुमान गढ़ी (Hanuman Gadhi)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

हनुमान गढ़ी – Hanuman Garhi

अयोध्या (Ayodhya) की पावन धरा पर श्रद्धालु अपने पापों से निवृत होने दूर दूर से चले आते हैं. अब जहां प्रभु राम होंगे वहां भक्त हनुमान भी होंगे. भगवान राम के इस राज्य में हनुमान अपने सूक्ष्म रूप में वास करते हैं. जहां हनुमान वास कर रहे हैं उसी जगह को हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi) के नाम से जाना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम के दर्शन की इच्छा रखकर जो भक्त अयोध्या (Ayodhya) आते हैं उन्हें पहले हनुमान से अनुमति लेनी होती है. Ayodhya Tour Guide in Hindi  से जुड़े इस लेख में ये बात भी जान लीजिए कि मंदिर की 76 सीढ़ियां चढ़ने के बाद भक्त हनुमान के सबसे छोटे, 6 इंच के रूप का दर्शन करते हैं.

नागेश्वरनाथ मंदिर – Nageshwarnath Temple

अयोध्या (Ayodhya) की पावन धरती पर एक और पवित्र मंदिर मौजूद है. Ayodhya Tour Guide in Hindi में यह जान लीजिए कि इस मंदिर का नाम नागेश्वरनाथ मंदिर (Nageshwarnath Temple) है. ऐसा बताया जाता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर (Nageshwarnath Temple) का निर्माण प्रभु श्रीराम के पुत्र कुश ने किया था. इसके पीछे एक कथा भी है. कथा के अनुसार, जब कुश सरयू के तट पर स्नान कर रहे थे, उसी समय उनका बाजूबंद कहीं खो गया था. ये बाजूबंद एक नाग कन्या के हाथ लगा. इस नाग कन्या से कुछ को प्रेम हो गया. नाग कन्या को शिव में अथाह भक्ति थी. कुश ने इसी नागकन्या के लिए इस मंदिर का निर्माण कराया था. ऐसा कहा जाता है कि विक्रमादित्य के शासनकाल में यही मंदिर नगर में सुरक्षित रहा बाकी पूरा नगर खंडहर की तरह हो गया था. यहां शिवरात्रि पर खास तैयारी की जाती है.

सूर्य घाट (Surya Ghat)
सूर्य घाट (Surya Ghat)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गुलाब बाड़ी – Gulab Bari

Ayodhya Tour Guide in Hindi गुलाब बाड़ी (Gulab Bari) के बिना भी अधूरा है. यह अयोध्या में एक बेहद सुंदर बगीचा है. इसकी गिनती शहर के सबसे सुंदर बगीचों में होती है. यह काफी बड़ा है और अवध के तीसरे नवाब शुजा उद दौला और उनके रिश्तेदारों की समाधि यहां है. यहां एक शानदार मकबरा भी है. इस मकबरे का गुंबद बेहद विशालकाय है. यह गुंबद विशाल दीवारों पर बनाया गया है. मकबरे में प्रवेश के लिए 2 दरवाजे हैं. यह बगीचा 8वीं सदी में निर्मित कराया गया था. इसमें आप फूलों की विभिन्न किस्में देख सकते हैं, खासतौर से गुलाब के फूलों की.

छोटी छावनी – Choti Chawni

छोटी छावनी (Choti Chawni) को मणिरामदास छावनी या वाल्मीकि भवन के नाम से भी जाना जाता है. छोटी छावनी (Choti Chawni) एक अद्भुत निर्माण है जिसे पूरी तरह से सफेद संगमरमर से निर्मित किया गया है. खूबसूरती से भरे इस स्थल को Ayodhya Tour Guide in Hindi पढ़ने वाले या अयोध्या आने वाले हर पर्यटक को जरूर देखना चाहिए.

त्रेता के ठाकुर – Treta Ke Thakur

त्रेता के ठाकुर (Treta Ke Thakur) मंदिर भी अयोध्या नगरी का अहम स्थल है. यह मंदिर नगर के नया घाट पर है. प्रभु श्रीराम को समर्पित यह मंदिर उस स्थान पर निर्मित किया गया है जहां उन्होंने अश्वमेध यज्ञ किया था. हिमाचल प्रदेश में कुल्लू के राजा ने लगभग 300 वर्ष पहले यहां एक मंदिर का निर्माण कराया था. इस मंदिर को आज ‘कालाराम का मंदिर’ कहते हैं. संभव है कि इसे यह नाम कुल्लू से ही मिला हो. Ayodhya Tour Guide in Hindi पढ़ने के बाद अगर आप अयोध्या का प्लान बनाते हैं, तो यहां भी जरूर घूमने जाएं.

सीता की रसोई – Sita Ki Rasoi

 सीता की रसोई (Sita Ki Rasoi) किसी शाही रसोई घर का नाम नहीं है बल्कि यह एक मंदिर है. यह श्रीराम जन्मभूमि के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में है. इस मंदिर में प्रभु श्रीराम और मां सीता के साथ साथ 3 भाई भरत, लक्ष्‍मण और शत्रुघ्‍न के साथ साथ उनकी पत्नियों उर्मिला, मांडवी और सुक्रिर्ति की प्रतिमाएं हैं. यहां प्रतीकात्मक रूप से रसोई के बर्तन हैं जिनमें रोलिंग प्लेट, चकला और बेलन भी शामिल है. प्राचीन काल में परंपरा के मुताबिक नई बहू परिवार के लिए शगुन के तौर पर भोजन बनाती थी. यह उसी का प्रतीक है. धर्म के जानकार मानते हैं कि मां सीता ने हालांकि भोजन तो नहीं बनाया था लेकिन समस्त मानव जाति के लिए यह स्थल अन्नपूर्णा के समान है. Ayodhya Tour Guide in Hindi में यह जगह अहम स्थान रखती है.

कनक भवन (Kanak Bhawan)
कनक भवन (Kanak Bhawan)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

तुलसी स्मारक भवन म्यूजियम – Tulsi Smarak Bhawan Museum

Ayodhya Tour Guide in Hindi – 16वीं सदी के संत और कवि तुलसीदास की स्मृति में इस भवन को निर्मित किया गया है. साहित्य और कला की दृष्टि से ये भवन किसी खजाने के कम नहीं है. 1969 में निर्मित ये भवन राजगंग में राष्ट्रीय राजमार्ग के पूर्वी तरफ बना हुआ है.

बहू-बेगम का मकबरा – Bahu Begum Ka Maqbara

फैजाबाद शहर में मकबरा रोड पर स्थित बहू बेगम का मकबरा ‘पूरब’ के ताजमहल के रूप में चर्चित है. यह मकबरा फैजाबाद में सबसे ऊंची धरोहर है. इसके साथ ही ये अपने गैर-मुगल शैली के लिए भी जाना जाता है.

रामकथा पार्क – Ramkatha Park

रामकथा पार्क (Ramkatha Park) का निर्माण कुछ साल पहले इस कोशिश के तहत कराया गया था ताकि कार्यक्रमों को सरकारी संपत्ति पर न कराकर खुले में आयोजित कर दबाव को कम किया जा सके. यह खूबसूरत पार्क एक बड़े हिस्से में फैला हुआ है और धार्मिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख स्थल भी है.

राजा मंदिर – Raja Mandir

सरयू नदी के तट पर स्थित गुप्तर घर, राजा मंदिर कई कहानियों से जुड़ा हुआ है. इस मंदिर में अलग अलग देवी देवताओं की आश्चर्यचकित कर देने वाली सुंदर प्रतिमाएं हैं.

बहू बेगम का मकबरा (Bahu Begam ka Maqbara)
बहू बेगम का मकबरा (Bahu Begam ka Maqbara)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मोती महल – Moti Mahal

पर्ल पैलेस के नाम से चर्चित इस मोती महल का निर्माण 1746 ईसापूर्व में कराया गया था. यह फैजाबाद में अयोध्या (Ayodhya) से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह अवध के नवाब शुजा-उद-दौला की बेगम रानी उनमतुजोहरा बानू का घर भी था.

गुप्तर घर – Guptar Ghar

सरयू नदी के किनारे स्थित गुप्तर घर (Guptar Ghar) हिंदुओं के लिए पवित्र स्थल है. ऐसा माना जाता है कि प्रभु श्रीराम ने यहां ध्यान लगाया था और यहीं सरयू में जल समाधि ले ली थी.

दशरथ भवन – Dashrath Bhavan

रामकोट अयोध्या (Ayodhya) में यह स्थल शहर के मध्य में स्थित है. दशरथ भवन (Dashrath Bhavan) प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के पिता दशरथ का वास्तविक निवास था. दशरथ अयोध्या (Ayodhya) के शासक के रूप में काफी चर्चित रहे थे. दशरथ भवन (Dashrath Bhavan) में राम से जुड़े महत्वपूर्ण तीर्थ हैं और इसे बड़ा स्थान या बड़ी जगह के नाम से भी जाना जाता है.

मणि पर्वत – Mani Parbat

मणि पर्वत (Mani Parbat) एक छोटी पहाड़ीनुमा जगह है जो कमी गंज, अयोध्या (Ayodhya) में स्थित है. धार्मित और ऐतिहासिक रूप से कही कहानियां इस स्थल से जुड़ी हुई हैं. मणि पर्वत (Mani Parbat) 65 फीट ऊंचा स्थिल है जहां खड़े होकर आप नगर का सुंदर दृश्य देख सकते हैं.

मणि पर्वत (Mani Parvat)
मणि पर्वत (Mani Parvat)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

How to Reach Ayodhya

उत्तर प्रदेश राज्य के फैजाबाद शहर से राम जन्मभूमि करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह दक्षिण की तरफ अयोध्या शहर में स्थित है।

रेल मार्गः अयोध्या (Ayodhya) में पहुंचने के लिए अयोध्या (Ayodhya) रेलवे स्टेशन है. यह रेलवे स्टेशन देश के बाकी राज्यों से रेल मार्ग के जरिए जुड़ा हुआ है. वहीं, फैजाबाद रेलवे स्टेशन से आप दिल्ली (Delhi), आगरा (Agra), मुंबई (Mumbai), वाराणसी (Varanasi), अहमदाबाद (Ahemdabad) और कोलकाता (Kolkata) (हावड़ा और सियालदह) शहर पहुंच सकते हैं..

हवाई मार्गः फैजाबाद, अयोध्या (Ayodhya) से सबसे नजदीकी हवाईअड्डा लखनऊ में है जो यहां से करीब 140 किलोमीटर दूर है.

बस मार्गः राज्य बस के जरिए भी देश के अलग अलग शहरों से जुड़ा हुआ है. गोंडा (Gonda) यहां से 51 किलोमीटर, श्रावस्ती यहां से 109 किलोमीटर, गोरखपुर (Gorakhpur) यहां से 132 किलोमीटर, लखनऊ (Lucknow) यहां से 134 किलोमीटर, इलाहाबाद (Allahabad) यहां से 166 किलोमीटर, वाराणसी (Varanasi) यहां से 209 किलोमीटर, और झांसी (Jhansi) यहां से 441 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

Arvind Tiwari

Arvind is a  travellor. he is also founder of www.colorholidays.com This is the parent company of travel junoon.

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