Best Places To Visit in Haridwar
Best Places To Visit in Haridwar – हरिद्वार, जिसका अर्थ है ‘गेटवे टू गॉड’, भारत के सात सबसे रिलिजियस शहरों में से एक है. हरिद्वार, उत्तराखंड राज्य में पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित है. पंच तीर्थ हरिद्वार में घूमने के लिए प्रमुख स्थानों में से एक हैं – हर की पौड़ी ( Har ki Pauri ), मनसा देवी मंदिर ( Mansa Devi Mandir ), चंडी देवी मंदिर (Chandi Devi Mandir), कनखल ( Kankhal ) और कुशावर्त घाट ( Kushavarta Ghat ).
हरिद्वार में महाकुंभ मेला हर 12 साल में लगता है और अर्ध कुंभ मेला हर 6 साल में आयोजित किया जाता है. इस दौरान हरिद्वार में असंख्य भक्तों और टूरिस्ट साल भर यहां घूमने आते हैं. हरिद्वार में घूमने के लिए कई फेमस स्थान हैं जिन्हें आपको अपने यात्रा कार्यक्रम में शामिल करना चाहिए. आइए इस आर्टिकल में आपको हरिद्वार टूर गाइड ( Best Place To Visit Near Haridwar ) की पूरी जानकारी देते हैं…
हरिद्वार में घूमने के लिए सबसे पहले स्थानों में से एक ‘हर की पौड़ी’ का पवित्र घाट है. इसका अर्थ है भगवान शिव के कदम – गंगा नदी के तट पर स्थित है. दिलचस्प बात यह है कि वैदिक साहित्य में उल्लेख है कि भगवान शिव और भगवान विष्णु ने इस स्थान का दौरा किया था और आप एक दीवार पर एक बड़ा पदचिह्न भी देख सकते हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह भगवान विष्णु का है.
इसे गंगाद्वार के रूप में भी जाना जाता है. यह वह स्थान है जहां गंगा नदी सबसे पहले पहाड़ों को छोड़ मैदान में प्रवेश करती है. हर की पौड़ी को पूरे शहर में सबसे पवित्र घाट माना जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि पक्षी गरुड़ ने गलती से यहीं पर अमृत गिरा दिया और ऐसा माना जाता है कि अगर आप हर की पौड़ी पर डुबकी लगाते हैं, तो आपके सभी पाप धुल जाते हैं. घाट पर सुबह और शाम में आयोजित गंगा आरती बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करती है.
स्थान- खरखरी, हरिद्वार
हर की पौड़ जाने का समय- 24X7 (गंगा आरती: सुबह 5:30 – सुबह 6:30 और शाम 6 बजे – शाम 7 बजे)
हरिद्वार में घूमने के लिए एक और लोकप्रिय स्थान शिवालिक पहाड़ियों पर बिल्वा पर्वत के ऊपर मनसा देवी मंदिर है. इसे बिलवा तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. यह सिद्ध पीठ देवी मनसा को समर्पित है, जिन्हें देवी शक्ति का एक रूप माना जाता है और कहा जाता है कि इन्होंने भगवान शिव के मस्तिष्क से निकलकर रूप धरा था.
यह उत्तर भारत के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक है. भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि उनकी सभी इच्छाएं यहां पूरी होती है. आप या तो ट्रेकिंग करके या रोपवे से पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं.
स्थान- बिलवा पर्वत, हरिद्वार
मनसा देवी मंदिर का समय- सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक
चंडी देवी मंदिर एक और सिद्ध पीठ है जो देवी चंडी को समर्पित है. यह मंदिर शिवालिक पहाड़ियों के नील पर्वत के ऊपर स्थित है, जो पौराणिक युद्ध का मैदान था. यहां देवी ने राक्षसों चंड-मुंड और बाद में शुंभ-निशुंभ का वध किया था. माना जाता है कि मंदिर का निर्माण कश्मीर के राजा सुचन सिंह ने किया था, जबकि मूर्ति की स्थापना 8 वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने की थी.
आप मंदिर पैदल जा सकते हैं या रोपवे ले सकते हैं . इस मंदिर के पास एक और लोकप्रिय धार्मिक स्थल है – गौरीशंकर महादेव मंदिर जो भगवान शिव को समर्पित है.
स्थान- नील पर्वत, हरिद्वार
चंडी देवी मंदिर का समय- सुबह 7 से शाम 7 बजे तक
हरिद्वार में पंच तीर्थों में से एक कनखल, एक छोटी सी जगह है जो प्रसिद्ध दक्ष महादेव मंदिर और मां आनंदमयी आश्रम का घर है. पूर्व भगवान शिव को समर्पित है. सावन के महीने में असंख्य शिवभक्त यहां पहुंचते हैं. कनखल कुशावर्त के पवित्र घाट पर है, और यह भी पंच तीर्थों में से एक है. पास ही प्रसिद्ध पतंजलि योग पीठ है जो दुनिया का महत्वपूर्ण योग केंद्र है.
स्थान- दक्षिण हरिद्वार
समय- 24X7
हरिद्वार में सिद्ध पीठों की तिकड़ी को पूरा करने वाला माया देवी मंदिर है. यह देवी माया को समर्पित है, जो हरिद्वार की मुख्य देवी हैं. हरिद्वार शहर को पहले मायापुरी के नाम से जाना जाता था. पौराणिक साहित्य के अनुसार, मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है जहां देवी सती का हृदय और नाभि गिरी थी.
यह पूरे देश के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है जिसे 11वीं शताब्दी में हर की पौड़ी घाट पर बनाया गया था. मंदिर में हर दिन सैकड़ों भक्त देवी का आशीर्वाद लेने और अपनी मनोकामना मांगने आते हैं, लेकिन नवरात्रि और कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत बढ़ जाती है.
स्थान– बिड़ला घाट, हरिद्वार
समय-सुबह 7 से शाम 7 बजे तक
शांतिकुंज, हरिद्वार एक प्राचीन आध्यात्मिक और नैतिक ज्ञान केंद्र है. 1971 में स्थापित यह अखिल विश्व गायत्री परिवार (AWGP) का मुख्यालय है, जिसके दुनिया भर में लाखों फॉलोअर्स हैं. दलाई लामा सहित कई विश्व प्रसिद्ध हस्तियों ने इस जगह का दौरा किया है. आप यहां दो दिनों तक मुफ्त में भी रह सकते हैं, इस दौरान आप भजन और आरती सहित यहां की रोज की एक्टिविटी में भाग लेते हैं.
स्थान- मोतीचूर
हरिद्वार समय- 24X7
हरिद्वार नदी के तट पर स्थित सप्त ऋषि आश्रम हरिद्वार में घूमने के लिए लोकप्रिय स्थानों में से एक है. हिंदू भक्तों के साथ आश्रम में ध्यान और योग के लिए एक शांतिपूर्ण स्थल की तलाश में बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहां आते हैं.
स्थान: मोतीचूर, हरिद्वार
समय- 24X7
दोस्तों, कैसे हैं आप सभी? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे Tawang से Zemithang गांव… Read More
Monsoon Diet मानसून में कुछ सब्जियां खाने से Food Poisoning और पेट के संक्रमण का… Read More
Sawan 2026 Date: जानें सावन 2026 कब से कब तक रहेगा। पढ़ें सावन सोमवार (Shravan… Read More
Jagannath Rath Yatra 2026: जानिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथों का आध्यात्मिक… Read More
Nuranang Waterfall (Jang Falls) in Tawang: जानिए नूरानंग वॉटरफॉल का इतिहास, 1962 भारत-चीन युद्ध से… Read More
Tilak Benefits: क्या अलग-अलग उंगलियों से तिलक लगाने का अलग महत्व होता है? जानिए धार्मिक… Read More