Dhanteras 2021 Shubh Muhurat for Puja and Shopping : धनतेरस 2021 आज यानि 2 नवंबर को है. दीपावली के महापर्व की आज से औपचारिक शुरुआत हो चुकी है
Dhanteras 2021 Shubh Muhurat for Puja and Shopping : धनतेरस 2021 आज यानि 2 नवंबर को है. दीपावली के महापर्व की आज से औपचारिक शुरुआत हो चुकी है. धनतेरस 2021 पर इस बार हस्त नक्षत्र के साथ ही त्रिपुष्कर योग ( Dhanteras 2021 Shubh Muhurat ) बन रहा है. यह शुभ योग मंगलवार और द्वादशी तिथि के संयोग से बनता है. हालांकि द्वादशी तिथि 1 नवंबर से शुरू होकर 2 नवंबर को सुबह 11.30 बजे तक ही रहेगी, इसलिए त्रिपुष्कर योग ( Dhanteras 2021 Shubh Muhurat ) का लाभ मंगलवार, 2 नवंबर को सूर्योदय से लेकर सुबह साढ़े 11 बजे तक ही उठाया जा सकता है.
इस दौरान किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल तीन गुना मिलता है. इस दिन चांदी के बर्तनों को खरीदने की परंपरा के साथ ही सोने-चांदी के सिक्के, रत्न आभूषण भी खरीदे जाते हैं. इस शुभ घड़ी ( Dhanteras 2021 Shubh Muhurat ) में खरीदारी करने का लाभ तीन गुना तक बढ़ जाता है. उदाहरण के तौर पर, अगर त्रिपुष्कर योग में आप घर, वाहन या गहने खरीदते हैं तो भविष्य में इनके तीन गुना बढ़ने की संभावना ज़्यादा होती हैं. इस अवधि में आप मनमुताबिक चीजें खरीदकर घर ला सकते हैं.
आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी है. धनतेरस का त्योहार इसी दिन मनाया जाता है. आज के दिन सोने-चांदी की वस्तुएं खरीदी जाती हैं और साथ ही, बर्तन खरीदने की भी परंपरा हैं. इस दिन भगवान धनवंतरी की पूजा के साथ ही, देवी लक्ष्मी ( Devi Laxmi Puja on Dhanteras 2021 ) और धन के देवता कुबेर की भी पूजा ( Kuber Devta Puja on Dhanteras 2021 ) की जाती है.
आज के दिन बाज़ार से खरीदारी करने के लिए शुभ मुहूर्त ( Dhanteras 2021 Shubh Muhurat ) का आप भी खास ध्यान रखें. धनतेरस 2021 पर खरीदारी ( Dhanteras 2021 Shopping Shubh Muhurat ) के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं. इनमें से किसी भी योग में खरीदारी करना फलदायी होगा. वहीं, त्रिपुष्कर योग में अगर कोई भी वस्तु खरीदी जाए, जैसे घर, गाड़ी, आदि तो उसका तीन गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होता है.
धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बन रहा है. इस योग में जो भी कार्य किए जाते हैं, उसका फल तिगुना होता है. त्रिपुष्कर योग सोना-चांदी खरीदने के अलावा निवेश के लिए भी अच्छा माना जाता है.
त्रिपुष्कर योग मंगलवार और द्वादशी तिथि के संयोग से बनता है. द्वादशी तिथि 1 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से और 2 नवंबर सुबह 11:30 तक रहेगी. इसलिए इस योग का लाभ मंगलवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट तक मिलेगा.
मंगलवार को धनतेरस पर ‘लाभ अमृत योग’ का भी निर्माण हो रहा है. यह सुबह 10.30 से शुरू होकर दोपहर 1.30 बजे तक रहेगा. लाभ अमृत योग में भी खरीदारी करना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही, दोपहर में 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक और शाम 7.30 बजे से रात के 9 बजे के बीच भी खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त है.
धनतेरस पर धनवंतरी देवता और कुबेर की पूजा की भी परंपरा है. 2 नवंबर को प्रदोष काल का समय शाम 5 बजकर 37 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट तक का है. वहीं, वृषभ काल शाम 6.18 मिनट से रात 8.14 मिनट तक होगा. धनतेरस पर पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6.18 मिनट से रात 8.14 मिनट तक बताया गया है.
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