Nuranang Waterfall in Tawang: तवांग का सबसे खूबसूरत झरना, जहां प्रकृति और इतिहास दोनों बसते हैं!
Nuranang Waterfall in Tawang: तवांग पहुंचने से पहले हिमालय की गोद में बसा एक छोटा-सा कस्बा आपका स्वागत करता है, जिसका नाम है जंग (Jang)। पहली नज़र में यह एक शांत पहाड़ी बस्ती लगती है, लेकिन इसकी वादियों में 1962 के युद्ध की यादें, मोनपा संस्कृति की झलक और नूरानंग झरने की गूंज आज भी सुनाई देती है। तवांग की यात्रा को समझना है, तो जंग को समझना ज़रूरी है। और नूरानंग वॉटरफॉल्स (Nuranang Falls) के बिना यह यात्रा अधूरी मानी जाती है।
नूरानंग वॉटरफॉल को जंग वॉटरफॉल और बोंग-बोंग फॉल्स के नाम से भी जाना जाता है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में स्थित यह बेहद लोकप्रिय झरना नेशनल हाईवे-13 (Trans Arunachal Highway) पर होने के कारण आसानी से पहुंचा जा सकता है। लगभग 100 मीटर (328 फीट) की ऊंचाई से गिरता यह झरना जंग कस्बे से करीब 2 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। यहां कार और बाइक दोनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
जंग कस्बा तवांग से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह सेला टनल के उत्तर में और तवांग-बोमडिला मार्ग पर पड़ता है। यही वजह है कि तवांग जाने वाले अधिकांश पर्यटक इस कस्बे से होकर गुजरते हैं।
झरने के नीचे जंग हाइडल प्लांट नाम का एक छोटा जलविद्युत संयंत्र मौजूद है। यहां बनने वाली बिजली आसपास के इलाकों में सप्लाई की जाती है। इसलिए नूरानंग वॉटरफॉल केवल प्राकृतिक आकर्षण ही नहीं, बल्कि स्थानीय बिजली उत्पादन का भी महत्वपूर्ण स्रोत है।
नूरानंग वॉटरफॉल का पानी नूरानंग नदी से आता है, जिसका उद्गम सेला पास के आसपास होता है। आगे चलकर यही नदी तवांग नदी में मिल जाती है। ऊंचाई से गिरते पानी की तेज धार आसपास धुंध जैसी परत बना देती है। धूप वाले दिनों में इस धुंध के बीच इंद्रधनुष दिखाई देना आम बात है, जो फोटोग्राफर्स और नेचर लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं।
यह जगह अपेक्षाकृत कम भीड़भाड़ वाली है। यदि आप शहर के शोर-शराबे से दूर प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो नूरानंग वॉटरफॉल आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।
नूरानंग वॉटरफॉल को देशभर में पहचान 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘कोयला’ से मिली। शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया सुपरहिट गाना ‘तन्हाई-तन्हाई’ इसी झरने और संगेत्सर लेक के आसपास शूट किया गया था। इसी वजह से संगेत्सर लेक को आज कई लोग माधुरी लेक के नाम से भी जानते हैं।
यह पहली बार था जब अरुणाचल प्रदेश की किसी प्राकृतिक लोकेशन को इतनी बड़ी बॉलीवुड फिल्म में दिखाया गया। इसके बाद यह जगह देशभर के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गई।
इसके अलावा साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘हिया दिया निया’ का गाना ‘मीठा-मीठा’ भी इसी झरने के आसपास फिल्माया गया था, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई।
आज जहां सिर्फ पानी की गर्जना सुनाई देती है, वहीं 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान इसी इलाके में गोलियों की आवाज गूंजती थी। नूरानंग वॉटरफॉल से करीब 24 किलोमीटर दूर जसवंतगढ़ वॉर मेमोरियल स्थित है।
17 नवंबर 1962 को यहीं बैटल ऑफ नूरानंग (Battle of Nuranang) लड़ी गई थी। भारतीय सेना की 4 गढ़वाल राइफल्स ने सीमित संसाधनों के बावजूद चीनी सेना का डटकर मुकाबला किया।
इस ऐतिहासिक युद्ध में राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, लांस नायक त्रिलोक सिंह नेगी और राइफलमैन गोपाल सिंह गुसाईं ने असाधारण साहस का परिचय दिया। तीनों सैनिकों ने चीनी सेना की मशीन गन पर कब्जा कर लिया था। वीरता के लिए राइफलमैन जसवंत सिंह रावत को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
यह वॉटरफॉल तवांग से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। यहां पूरे साल आया जा सकता है, लेकिन मार्च से अक्टूबर के बीच का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान झरना अपने पूरे सौंदर्य के साथ दिखाई देता है।
स्थानीय ग्राम पंचायत यहां आने वाले पर्यटकों से 40 रुपये प्रति व्यक्ति का शुल्क लेती है। इस राशि का उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जाता है।
ध्यान रखें कि झरने के आसपास कोई दुकान नहीं है। इसलिए पानी, स्नैक्स और जरूरत का सामान अपने साथ लेकर ही आएं।
जंग गांव तवांग और बोमडिला के बीच स्थित है। यहां से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर नूरानंग वॉटरफॉल है। मुख्य सड़क से एक छोटा रास्ता सीधे झरने तक पहुंचाता है।
यहां एक शानदार व्यू पॉइंट बनाया गया है, जहां से पूरे झरने का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। इसके बाद सीढ़ियों से नीचे उतरकर पर्यटक झरने के बिल्कुल करीब तक पहुंच सकते हैं।
झरने के पास खड़े होकर इसकी तेज गर्जना सुनना, चेहरे पर पड़ती ठंडी पानी की फुहारों को महसूस करना और चारों ओर फैली हरियाली का आनंद लेना हर यात्री के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन जाता है।
अगर आप तवांग की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो नूरानंग वॉटरफॉल को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें। प्राकृतिक खूबसूरती, ऐतिहासिक महत्व, बॉलीवुड कनेक्शन और शांत वातावरण—इन सभी का अनूठा संगम इस जगह को अरुणाचल प्रदेश के सबसे खास पर्यटन स्थलों में शामिल करता है। तो दोस्तों ये थी नूरानंग वॉटरफॉल्स पर दी गई हमारी जानकारी।
Sawan Purnima Vrat 2026 कब रखा जाएगा? जानें 27 या 28 अगस्त की सही तारीख,… Read More
SBI KYC Online Update: SBI ग्राहक घर बैठे मोबाइल से KYC अपडेट कर सकते हैं।… Read More
HP Gas eKYC Online: मोबाइल से घर बैठे HP Gas connection का eKYC कैसे करें?… Read More
Delhi Ring Railway: दिल्ली रिंग रेलवे की पूरी कहानी जानिए। 1975 में शुरू हुई इस… Read More
Kotana Village in Baghpat : बागपत का कोताना गांव बेगम समरू और पाकिस्तान के पूर्व… Read More
Monsoon Food Swaps: बारिश में पकौड़े, समोसे, वड़ा पाव और चाय की क्रेविंग को छोड़ने… Read More