Teerth Yatra

How to book Ropeway for Bhaironnath Temple : भैरवनाथ मंदिर के लिए रोपवे कैसे बुक करें? दर्शन का समय भी जानें

How to book Ropeway for Bhaironnath Temple : भैरोनाथ का मंदिर वैष्णो देवी तीर्थ स्थल के पास स्थित है. इन्हें अंग्रेजी में Bhairav Nath Mandir या Bhairon Nath Mandir के नाम से भी जाना जाता है. कटरा में मां वैष्णो देवी मंदिर की पवित्र यात्रा (Vaishno Devi Mandir Yatra) भैरवनाथ मंदिर के दर्शन किए बिना पूरी नहीं होती. भैरवनाथ का गुफा मंदिर बाबा भैरवनाथ को समर्पित है और उस स्थान पर बनाया गया है जहां माना जाता है कि उन्होंने अंतिम सांस ली थी. भवन से 3 किमी की लंबी यात्रा आपको भैरवनाथ मंदिर तक ले जाती है.

पौराणिक कथा के अनुसार काल भैरव (बाबा भैरवनाथ) का वध मां वैष्णोदेवी ने किया था और अपनी अंतिम सांस के दौरान उन्होंने अपने पापों का पश्चाताप किया था. देवी ने उन्हें क्षमा कर दिया और कहा कि वैष्णो देवी की कोई भी तीर्थ यात्रा भैरव मंदिर के दर्शन किए बिना पूरी नहीं होगी.

मंदिर जंगल पहाड़ों के सुंदर व्यू से ले जाता है. यदि आप खड़ी सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते हैं तो ऊपर से नीचे की यात्रा के लिए टट्टू उपलब्ध हैं. प्रति व्यक्ति टट्टू का किराया 100 रुपए है.  वैष्णो देवी मंदिर से भैरवनाथ मंदिर तक एक रोपवे (Bhairon Baba Ropeway Service) भी है.  रोपवे वैष्णो देवी भवन से भैरो घाटी तक पहुंचने में महज 5 मिनट लगता है.

भैरव बाबा के लिए रोपवे कैसे बुक करें || How to book Ropeway for Bhairon Baba

भैरवनाथ जाने ने के लिए आपको काउंटर से ही टिकट लेना होगा. इसकी टिकट आप ऑनलाइन बुक नहीं करा सकते हैं.

Maa Vaishno Devi Yatra : वैष्णो देवी यात्रा कैसे करें पूरी, जरूरी Information

भैरवनाथ का इतिहास || History of Bhaironnath

भैरव या भैरवनाथ हिंदू पौराणिक कथाओं के एक प्रसिद्ध तांत्रिक हैं. भैरवनाथ गोरखनाथ के शिष्य थे, जिनके गुरु मत्स्येन्द्रनाथ थे. उन्हें सभी तांत्रिक सिद्धियों पर नियंत्रण करने वाला माना जाता था और उन्हें अपनी शक्ति का अहंकार हो गया था.

वह वैष्णो देवी को छोटी बच्ची मानकर उनके पीछे चले गए. तब माता वैष्णो देवी ने उनका सिर काटने के लिए काली का रूप धारण किया, तभी उन्हें अपने असली रूप का एहसास हुआ और उन्होंने क्षमा मांगी. अपने मृत्यु के क्षणों में, भैरव ने क्षमा की याचना की.

How To Reach Vaishno Devi By Train : वैष्णो देवी यात्रा ट्रेन से कैसे करें

देवी जानती थी कि भैरव का उन पर आक्रमण करने का मुख्य उद्देश्य अपनी मुक्ति प्राप्त करना था. उन्होंने न केवल भैरव को पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति दी, बल्कि उन्हें एक वरदान भी दिया, जिससे प्रत्येक भक्त को वैष्णो देवी की तीर्थ यात्रा को पूरा करने के लिए पवित्र गुफा के पास भैरव नाथ के मंदिर में भी जाना होगा.

भैरों मंदिर दर्शन का समय || Bhairon Temple Darshan Timings

भक्तों के लिए सुबह और शाम की आरती को छोड़कर भैरों मंदिर हमेशा दर्शन के लिए खुला रहता है.

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