Kailash Mansarovar Yatra 2025 : क्या आप जानते हैं कैलाश मानसरोवर यात्रा कैसे होती है? पूरी जानकारी यहां पढ़े
Kailash Mansarovar Yatra 2025: कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील को हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। यह स्थान भगवान शिव और मां पार्वती का निवास माना जाता है। कैलाश पर्वत को “पृथ्वी का ध्रुव केंद्र” (Axis Mundi) भी कहा जाता है, क्योंकि चार प्रमुख नदियां — ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सतलुज और करनाली इसी पर्वत से निकलती हैं।
हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना गया है। जैन धर्म में इसे ऋषभदेव (आदिनाथ) की निर्वाण स्थली कहा गया है। बौद्ध धर्म में इसे “कांग रिनपोछे” कहते हैं और इसे बुद्ध डेमचोक (Demchok) का स्थान माना जाता है। बोन् धर्म (तिब्बती प्राचीन धर्म) में यह आत्मा का केंद्र है।
कैलाश मानसरोवर पांच साल बाद 30 जून, 2025 से (Kailash Mansarovar Yatra 2025) से शुरू हो रही है। यह यात्रा अगस्त 2025 तक चलेगी, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी।
यात्रा के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना करना चाहिए।
यात्रा के दौरान मन को शांत रखना चाहिए।
इस दौरान वाद-विवाद या क्रोध करने से बचना चाहिए।
यात्रा के दौरान भगवान शिव का ध्यान और भजन करते रहना चाहिए।
यात्रा के दौरान किसी भी साधक को परेशान नहीं करना चाहिए।
यात्रा में पवित्रता का खास ख्याल रखना चाहिए।
इस यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके रास्ते बहुत ज्यादा कठिन है।
मई से सितंबर के बीच, खासकर जून से अगस्त में। इन महीनों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहता है और हिमपात कम होता है। अक्टूबर से अप्रैल तक बर्फबारी और तापमान के कारण यात्रा संभव नहीं होती।
भारत सरकार की ओर से दो अधिकृत रूट हैं:
1. लिपुलेख दर्रा मार्ग (Lipulekh Pass Route) – उत्तराखंड
Start Point: दिल्ली → धारचूला → गुंजी → लिपुलेख → तिब्बत
Mode: सड़क + ट्रेकिंग (approx. 60-70 km trek)
Duration: लगभग 24-27 दिन
Difficulty: Moderate to High
Organized By: Ministry of External Affairs (MEA)
विशेषताएं:
ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए उपयुक्त।
रास्ते में ओंकारेश्वर मंदिर, नारायण आश्रम जैसे धार्मिक स्थल भी पड़ते हैं।
2. नाथू ला दर्रा मार्ग (Nathu La Route) – सिक्किम
Start Point: दिल्ली → गंगटोक → नाथू ला → ल्हासा → मानसरोवर → कैलाश
Mode: पूरा रास्ता वाहन से (सड़क मार्ग)
Duration: लगभग 21-23 दिन
Difficulty: कम (Trekking नहीं)
Organized By: MEA with cooperation of Chinese authorities
विशेषताएं:
बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए उपयुक्त।
यात्रा वाहन से होती है, इसलिए कम थकावट होती है।
आवश्यक दस्तावेज:
पासपोर्ट (कम से कम 6 महीने वैलिड)
Medical Fitness Certificate (All India Institute of Medical Sciences – AIIMS Delhi)
आईडी प्रूफ, फोटो, एड्रेस प्रूफ
स्वास्थ्य परीक्षण:
BMI, Blood Pressure, और TMT टेस्ट अनिवार्य है
केवल medically fit यात्रियों को अनुमति मिलती है
आवेदन की प्रक्रिया आमतौर पर मार्च-अप्रैल में शुरू होती है
आवेदकों का चयन लॉटरी सिस्टम द्वारा किया जाता है
शुल्क लगभग ₹1.7 लाख से ₹2 लाख (रूट पर निर्भर)
कैलाश पर्वत की परिक्रमा (Kora/Parikrama):
कुल 52 किमी, जिसमें 3 दिन लगते हैं (Dirapuk, Dolma La, Zuthulpuk)
मानसरोवर झील स्नान
अत्यंत पवित्र माना जाता है, कहा जाता है इससे पाप नष्ट होते हैं
पवित्र ध्यान और पूजा:
कई भक्त मानसरोवर झील के किनारे ध्यान साधना करते हैं
सावधानियां
ऊंचाई की वजह से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है
यात्रा से पहले Acclimatization और फिटनेस जरूरी
चीन सरकार की अनुमति पर निर्भर करती है यात्रा
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